घोघरी के जंगल में मंगलवार को आदिवासी महिला गायत्री उइके की हत्या चरित्र के संदेह में उसी के पति समोखी उइके ने की थी। वह पत्नी को लकड़ी लेने के बहाने जंगल में ले गया था और कुल्हाड़ी से गर्दन पर ऐसा वार किया कि वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी। तीसरे दिन घोघरी के जंगल में महिला का शव मिला। पति ने कुछ बताने में आनाकानी की तो ग्रामीणों ने उसे नशे की हालत में पकड़ कर एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस आई। ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। बुधवार को पथरौटा पुलिस ने सरकारी अस्पताल में आरोपी का कोविड टेस्ट करवाया और इटारसी कोर्ट में पेश किया। उसे अपनी करनी पर कोई पछतावा नहीं था।
कोर्ट के आदेश पर आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर होशंगाबाद जेल भेज दिया गया। पथरौटा थाना प्रभारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया आदिवासी दंपती के 12-13 साल के दो बच्चे हैं। मां की हत्या हो गई और पिता जेल चले गए। अब ये बच्चे अपनी ननिहाल में हैं। मंगलवार को जिस महिला का शव जंगल में मिला उसकी पहचान भाई ने की। मृतका गायत्री उइके है। उम्र 36 वर्ष के आसपास है। यह महिला रविवार 27 सितंबर से लापता थी।
27 सितंबर से घर से लापता थी महिला
सोमवार को भाई ने पथरौटा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। घटना के पीछे यह कहानी सामने आई कि गायत्री अपने मायके में घर बना कर रह रही थी। एक महीने पहले उसका पति 40 वर्षीय समोखी उइके कोटरा गांव से आया था। चीपापुरा में दोनों पति-पत्नी एक जगह रहने लगे। पति को पहले से ही अपनी पत्नी के अलग रहने पर शक था। घटना के एक दिन पहले उसने पत्नी को किसी के साथ देख लिया।
इसके बाद उसने पत्नी गायत्री को ठिकाने लगाने की योजना बना ली। रविवार को पति समोखी लकड़ी लेने के बहाने पत्नी को जंगल ले गया और कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व उसके कपड़े जब्त कर लिए हैं। पुलिस के मुताबिक हत्या चरित्र शक में हुई।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment