January 2021

वराछा पुलिस ने शहर में पहली बार अफीम के डोडा और अफीम के दूध के एक साथ राजस्थानी युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस 24 घंटे से आरोपियों की तलाश कर रही है। रविवार को देर रात एक और युवक के गिरफ्तार होने की अपुष्ट जानकारी है। पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि लंबे हनुमान रोड पर शेरी नं. 11, खाता नंबर 270 में संदिग्ध चीज है, इसमें ड्रग्स की संभावना है।

पुलिस ने आधी रात को छापेमारी की तो वहां नौकरी करने वाले बुद्धराम पुत्र धमडाराम बिश्नोई (मूल निवासी- नयानगर, जिला-बाडमेर, राजस्थान) के पास से अफीम का डोडा और अफीम का दूध मिला। इसकी कीमत 2 लाख रुपए है। डिंडोली के पुश्कर डांगी को भी गिरफ्तार करने की खबर है।



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कोरोना के बीच लेकसिटी के पर्यटन को एक और अवसर मिला है। गुजरात में पब्लिक प्लेस पर उत्तरायण महोत्सव मनाने पर लगाई गई रोक को उदयपुर के रिसोर्ट-होटल व्यवसायी भुनाने में जुट गए हैं। गुजरातियों से संपर्क कर अब इस महोत्सव के सभी कार्यक्रम उदयपुर में कराए जाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

गुजरात में मकर संक्रांति पर 14 से 17 जनवरी तक यह महोत्सव मनाया जाता है। इसके तहत 4 दिन की छुट्‌टी होती है और पतंगबाजी-गरबा कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम होते हैं। अब उदयपुर में ही इन कार्यक्रमों का आयोजन करने के अलावा गुजरातियों के लिए उन्हीं के व्यंजनों के लिए गुजरात से शेफ बुलाए जा रहे हैं। इस महोत्सव से उदयपुर के पर्यटन को बल मिलेगा। हजारों गुजरातियों के यहां आने की संभावना है। बता दें कि गुजरात में हाईकोर्ट ने परिवार के साथ घरों या सोसायटी में ही उत्तरायण मनाने की सलाह दी है। डीजे औैर गरबा पर भी पाबंदी लगा रखी है।

2 से 3 दिन के पैकेज तैयार, गुजराती व्यंजन भी, पारंपरिक स्वाद के लिए गुजरात से बुलाए शेफ
गुजराती पर्यटकों की डिमांड काे देखते हुए हाेटल संचालक उत्तरायण फेस्टिवल के लिए 2 रात 3 दिन का पैकेज दे रहे हैं। इसमें काइट फ्लाइंग, डीजे नाइट औैर गरबा का आयोजन होगा। इस दौरान वे राजस्थान औैर गुजराती व्यंजनों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। गुजरात में उत्तरायण पर गुंजा मिठाई खायी जाती है। पर्यटकों काे मिठाई का पारंपरिक स्वाद देने के लिए गुजरात से शेफ बुलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही जलेबी, फाफड़ा औैर खमण बनाने की भी तैयारी की है। स्पैक्ट्रम रिसाेर्ट के जीएम वैभव टंडन ने बताया कि बच्चाें के लिए भी रिक्रिएशन औैर फन एक्टिविटी हाेगी।

शहर के 150 बड़े होटल-रिसोर्ट में फेस्टिवल की तैयारी, 70 प्रतिशत तक पहुंची बुकिंग
हाेटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान के सचिव राकेश चाैधरी ने बताया कि शहर के बाहर स्थित 150 बड़े रिसाेर्ट में उत्तरायण फेस्टिवल की तैयारी की है। अभी हाेटलों में 20 से 30 प्रतिशत ऑक्यूपेंशी चल रही है। कुंभगलढ़ हाेटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जमना शंकर आमेटा ने बताया हाेटलाें में 70 प्रतिशत बुकिंग हाे गई है। आगामी दिनाें में बुकिंग बढ़ने की उम्मीद है। कुंभलगढ़ में 45 रिसाेर्ट हैं। गौरतलब है लॉकडाउन से उदयपुर का होटल व्यवसाय लंबे समय तक ठप रहा था। त्योहारी सीजन में इसमें तेजी आई। इसके बाद नए साल में भी खुब पर्यटक उदयपुर पहुंचे।



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Rake on celebrating Uttarayan at the public place in Gujarat, our resort-hotels opened doors, packages ready, now garba-kites here


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काेराेना वैक्सीनेशन की 16 जनवरी से शुरुआत हाेने जा रही है। इसी बीच प्रदेश सरकार ने उयपुर काे बड़ी जिम्मेदारी साैंपी है। इसके बाद उदयपुर सहित राजसमंद, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले में कोरोना वैक्सीन की सप्लाई उदयपुर काे ही करनी हाेगी।

टीकों के परिवहन के लिए इन सभी जिलों को एक-एक वैन मिल चुकी हैं। उदयपुर काे वैक्सीन की पहली खेप जयपुर से मिलेगी, इसके बाद हवाई जहाज के जरिए सीधे दिल्ली से ही मिलेगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेश डॉ. जुल्फिकार काजी ने बताया कि उदयपुर संभाग में 391 कोल्ड चेन स्थापित कर दी गई हैं।

पहले चरण में उदयपुर सहित संभागभर के 81849 हैल्थ वर्कर्स को टीका लगेगा। जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। बड़ी स्थित सीएमएचओ कार्यालय की स्टोरेज यूनिट में 4500 लीटर क्षमता का डब्ल्यूआईसी यानी वॉकर इन कूलर है, 4500 लीटर क्षमता का ही डब्ल्यूआईएफ यानी वॉक इन फ्रिज है। उदयपुर में फिलहाल वैक्सीन की 6.80 लाख डोज रखने की क्षमता है। जिसे बढ़ाकर अब 8.60 लाख डोज किया जा रहा है।

सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी बताते हैं कि बड़ी स्थित ड्रग वेयरहाउस की वैक्सीन स्टोरेज यूनिट में एक बार में 5 लाख से ज्यादा कोरोना वैक्सीन के डोज एक साथ रखने के लिए आईएलआर और डब्ल्यूआईसी स्टोरेज पूरी तरह रिजर्व कर दिए हैं। इसके अलावा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की एक वैन की स्टोरेज क्षमता 1.80 लाख डोज है। वर्तमान में वैक्सीन स्टोरेज यूनिट और एक वैक्सीन वैन के साथ उदयपुर में वैक्सीनेशन स्टोरेज की क्षमता 6.80 लाख डोज है। दूसरी वैक्सीन वैन आते ही यह क्षमता बढ़कर 8.60 लाख हो जाएगी।

यहां से संभाग के सभी 6 जिलों में वैक्सीन की सप्लाई के लिए 2 से 8 डिग्री नियत तापमान वाली वैक्सीन वैन को पूरी तरह तैयार कर रखा है। एक अन्य वैक्सीन वैन हिंदुस्तान जिंक सीएसआर स्कीम के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने जा रहा है।

को-विन एप पर लगातार अपडेट हो रहा वैक्सीनेशन कराने वालों आंकड़ा
को-विन एप पर वैक्सीन लगवाने वाले हैल्थ वर्कर्स की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। सबसे पहले संभाग में 81849 हैल्थ वर्कर्स को टीका लगेगा। इसके अलावा पुलिस, 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के प्रायरिटी ग्रुप और हाई रिस्क ग्रुप को भी पहले फेज में ही वैक्सीन लगेगी।



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2 से 8 डिग्री तापमान वाली विशेष वैन


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हज यात्रा के आवेदन का मंगलवार को अंतिम दिन था, लेकिन मुस्लिम समाज के लोगों ने बहुत कम रुचि दिखाई। प्रदेश में हर साल औसतन 15 हजार से ज्यादा आवेदन आते हैं, लेकिन इस बार महज 1549 ने ही आवेदन किया है।

उदयपुर से 450 तक आवेदन होते थे लेकिन अब सिर्फ 95 ही मिले। ये हालात तब हैं, जबकि कम आवेदन को देखते हुए इसकी तारीख भी 10 दिसंबर से बढ़ाकर 10 जनवरी की गई थी। इसके अलावा एक साल के गेप के बाद यह यात्रा हो रही थी। हज के लिए प्रदेश का पांच हजार तथा उदयपुर का 125 यात्रियों का कोटा है। कोटे की तुलना में प्रदेश में 31% तथा उदयपुर में 76% लोगों ने आवेदन किया।

तारीख बढ़ाने की सूचना नहीं : सीईओ
प्रदेश में 20 साल में पहली बार कोटे से इतने कम आवेदन मिले हैं। राज्य हज कमेटी के सीईओ डॉ. महमूद खान ने बताया कि आवेदन की तारीख बढ़ाए जाने को लेकर अभी सूचना नहीं है।

आवेदन कम आने के पीछे ये अहम कारण
1. इस बार 18 से 65 आयु वर्ग के लोगों को ही मौका, जबकि आवेदनों में सबसे ज्यादा संख्या बुजुर्गों व बच्चों की रहती है।
2. गर्भवतियों और गंभीर बीमार को मौका नहीं दिया गया।
3. 15 साल में पहली बार जयपुर की जगह दिल्ली से फ्लाइट।
4. पहले यात्रा खर्च 2.5 लाख था, इस बार 3.44 लाख।
5. खर्च के लिए हज कमेटी की ओर से पहले 40 हजार रु मिलते था। इस बार 28 हजार ही मिलेंगे।
6. यात्रा के लिए 40 दिन के बजाय 30 दिन ही मिलेंगे। इसमें भी 6 से 14 दिन क्वारेंटाइन में गुजारने होंगे।
7. चयनित होने के बाद पहली किश्त 81 हजार की बजाय 1.50 लाख जमा कराने होंगे।



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फाइल फोटो


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काेराेना संक्रमण के रविवार काे 36 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि राहत की खबर यह है कि रविवार काे काेई माैत नहीं हुई है। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि 398 एक्टिव केस और 181 को होम आइसोलेट किया है। शहरी क्षेत्र में 22 और ग्रामीण में 14 संक्रमित मिले हैं।

काेविड-19 प्रभारी डॉ. शंकर बामनिया ने बताया कि 40 वर्षीय नर्सिंग स्टाफ, न्यू कॉलोनी सवीना निवासी 30 वर्षीय महिला पटवारी, 23 वर्षीय एंबुलेंस ड्राइवर, 24 अाैर 47 वर्षीय पुलिसकर्मी और 27 वर्षीय लैब टेक्नीशियन में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अन्य संक्रमित क्षेत्र : ज्ञान नगर सेक्टर-4 हिरण मगरी, नवरत्न काॅम्पलेक्स-बेदला, पलाश नियर-खेमली, हर्ष नगर-सीसारमा, न्यू फ्लोरा काॅम्पलेक्स -पुला, भुवाणा, विनायक नगर कृष्णा कॉलोनी, माहेश्वरी मोहल्ला-मावली, तितरड़ी, बड़गांव, गरीब नवाज कॉलोनी-मल्लातलाई, मीरा नगर-ढीकली, आनंद नगर-यूनिवर्सिटी राेड, आउटसाइड ब्रह्मपोल, आनंद विहार-मनवाखेड़ा, केशव नगर यूनिवर्सिटी राेड, जय श्री कॉलोनी बोहरा गणेश जी, गांधीनगर के पास मल्लातलाई, जवाहर नगर-सेक्टर 11, अंबामाता स्कीम, माधव कॉलोनी यूनिवर्सिटी राेड में नए संक्रमित मिले।



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Cavid-19 infection; 36 cases new, 22 in urban area and 14 patients in rural


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संभाग के सबसे बड़े एमबी अस्पताल के रेडियाेलाॅजी डिपार्टमेंट में एमआरआई और साेनाेग्राफी रूम के बीच सुबह 11.12 मिनट पर छत का प्लास्टर उखड़कर गिरा। गनीमत रही कि जब प्लास्टर गिरा तब वहां कोई नौनिहाल, गर्भवती महिला या बुजुर्ग मौजूद नहीं था।

नहीं तो अनहोनी हो सकती थी। अवकाश का दिन हाेने से मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही भी नहीं थी। सामान्य दिनों में यहां हर वक्त लोगों की आवाजाही रहती हैं। 60 साल पुराने एमबी अस्पताल की छतों से प्लास्टर गिरने की घटना बारिश के सीजन में अक्सर घटती रहती है।



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Plaster fell from roof of MB hospital, major accident averted due to holiday


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काेराेना काल में लाॅकडाउन की वजह से बंद हुए शहर के सभी प्रमुख मंदिर खुल चुके हैं, लेकिन भक्ताें काे अब भी रानी राेड स्थित महाकालेश्वर मंदिर खुलने का इंतजार है। इसकाे लेकर बजरंग दल ने महाकाल मंदिर न्यास काे चेतावनी दी है कि अगर भक्ताें के लिए दर्शन नहीं खाेले गए ताे साेमवार काे संगठन के कार्यकर्ता मंदिर के दरवाजे खुलवाएंगे।

वहीं न्यास का कहना है कि अभी प्रशासन की अनुमति नहीं मिली है, जबरदस्ती हाेने पर कार्रवाई की जाएगी। बजरंग दल का कहना है कि मार्च से मंदिर बंद है, साेमवार काे भी नहीं खुला ताे कार्यकर्ता शाम 5 बजे मंदिर के दरवाजे खुलवाएंगे। इसकाे लेकर दल के प्रांत संयोजक दीपक प्रजापत सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने ट्रस्ट को ज्ञापन भी दिया।

1 अक्टूबर से दर्शन खुलना संभावित था, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तैयारी भी पूरी
1 अक्टूबर से दर्शन खुलना संभावित था। इसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद भक्ताें को दर्शन की अनुमति मिलनी थी। बैरिकेडिंग, अभिषेक करने और प्रसाद चढ़ाने पर पाबंदी जैसी तैयारियां की थी।

हम प्रशासन की ही मानेंगे
मंदिरदेवस्थान विभाग ने अनुमति दी है। प्रशासन के निर्देश का इंतजार है। हम भी चाहते है मंदिर जल्द खुले और तैयारी भी पूरी है। कोई भी संगठन बलपूर्वक मंदिर नहीं खुलवा सकता है। ऐसा होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -चंद्रशेखर दाधीच, सचिव सार्वजनिक प्रन्यास, मंदिर

सब खुले तो ये क्यों बंद : संगठन
कोविड गाइडलाइन के साथ शहर के प्रमुख धर्मस्थलों को खोला जा चुका है तो यह मंदिर क्यों बंद है। ऐसा आपसी राजनीति की वजह से हो रहा है। शहरवासियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रवेश की अनुमति देनी चाहिए। राजेंद्र परमार, विभाग संयोजक, बजरंग दल



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Controversy erupted over the yet-to-be-opened Mahakal temple, which was closed in the coronary


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शहर में रविवार सुबह घने काेहरे के बीच हुई बूंदाबांदी ने दिन को रात से ज्यादा सर्द बना दिया। फिर भी दिन के तापमान में शनिवार के मुकाबले 4.6 डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज हुआ। दोेपहर होते-होते कोहरा छंटा और धूप भी निकली, लेकिन हवा में नमी और हल्की शीतलहर के चलते ठंड वहीं की वहींं रही।

अधिकतम तापमान 23.1 डिग्री और रात का 14.4 डिग्री दर्ज हुआ। इधर, घने कोहरे के कारण बेकरिया थाना क्षेत्र के उदयपुर-पालनपुर फोरलेन पर रविवार सुबह तीन ट्रेलर आपस में भिड़ गए, जिसमें सात लोग घायल हो गए।



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Also dense fog on the third day; The mercury rose by 4.6 degrees, still cold


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जान पहचान के एक युवक का नाम हत्या के केस में आने का हवाला देकर पिता से 1 लाख रुपए की मांग कर 50 हजार रुपए ठगने वाले एक युवक को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया,जहां से उसे जेल भेज दया।

युवक ने पिता से दो किश्तों में 10 हजार और 40 हजार रुपए लिए थे, जो पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। राजवीर उर्फ पिन्टू पुत्र मांगी लाल सुथार ने पुलिस से मिलकर मर्डर केस से नाम हटवाने की एवज में कड़िया निवासी भगवान लाल सुथार से 50 हजार रुपये ऐंठे है। बता दें कि 5 जनवरी को डुलावतों का गुड़ा में उदयपुर निवासी सूर्यदेव सिंह की हत्या हुई थी, जिसमें एक आरोपी कड़िया का था, जो कि प्रार्थी भगवान लाल के बेटे लोकेश के सम्पर्क में था।



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आरोपी


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काेराेना महामारी के चलते इस सत्र में साेमवार काे पहली बार एमबीबीएस फर्स्ट-सेकंड ईयर के 2500 स्टूडेंट्स के साथ नर्सिंग, फार्मेसी, फिजियोथैरेपी, लैब टेक्नीशियन के 2400 स्टूडेंट्स की क्लासेज लगेंगी। प्रदेश सरकार के आदेश पर आरएनटी, गीतांजलि, पेसिफिक भीलों का बेदला, पेसिफिक उमरड़ा, जीबीएच बेड़वास और अनंता मेडिकल कॉलेज में क्लासेज लगेंगी।

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डाॅ. लाखन पोसवाल और अनंता मेडिकल कॉलेज के रजिस्ट्रार नितिन शर्मा ने बताया कि अमूमन छात्राें की काेराेना जांच कर ली है। जिनकी रिपोर्ट निगेटिव है, उन्हें क्लास में बैठाया जाएगा। जाे स्टूडेंट्स रह गए हैं, उनकी जांच करवाई जाएगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के पांच दिन बाद फिर कोरोना जांच होगी। दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें क्लास में बैठाया जाएगा। 180-180 क्षमता के लेक्चर थिएटर्स में 50-50 स्टूडेंट्स को बैठाया जाएगा।

एमबीबीएस प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स को कोरोना वायरस संक्रमण, बचाव, पेंडेमिक, एपिडेमिक, कोरोना जांच, उपचार और वैक्सीन निर्माण तक की प्रक्रिया का पाठ पढ़ाया जाएगा। बता दें, एमबीबीएस फ्री फाइनल-फाइनल ईयर की कक्षाएं पहले से ही संचालित हैं।

नर्सिंग, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी, लैब टेक्नीशियन के स्टूडेंट्स की क्लासेज एक दिन छोड़कर लगेंगी
सोमवार से नर्सिंग, फार्मेसी, फिजियोथैरेपी, लैब टेक्नीशियन के स्टूडेंट्स को एक दिन छोड़कर काॅलेज बुलाया जाएगा। उदयपुर कॉलेज ऑफ नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश राजानी ने बताया कि नर्सिंग, फार्मेसी, फिजियोथैरेपी, लैब टेक्नीशियन के स्टूडेंट्स की कोरोना जांच भी कराई जाएगी। इन सभी क्लासेज में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाने के लिए एक दिन की क्लासेज को दो दिन में बदल दिया गया है। सभी 22 नर्सिंग कॉलेजों के 2200 स्टूडेंट्स को घर या हॉस्टल से भोजन लाना होगा। मास्क, सेनेटाइजेशन, सोशल डिस्टेंस के नियमों की पालना करनी होगी।

स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थान 18 से खुलेंगे, स्कूल प्रबंधन को लेकर कलेक्टर आज लेंगे ऑनलाइन बैठक
सुविवि, विद्यापीठ, पेसिफिक, बीएन विश्वविद्यालय सहित अन्य महाविद्यालय और कोचिंग संस्थान भी 18 जनवरी से खुल जाएंगे। सोमवार शाम चार बजे कलेक्टर चेतन देवड़ा संबंधित विभागीय अधिकारियों की वीसी से बैठक लेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक शिवजी गौड़ ने इसमें जिला परिषद सीईओ, आईसीडीएस उपनिदेशक, सीएमएचओ, सीडीईओ, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक व माध्यमिक), समग्र शिक्षा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक उपस्थित रहेंगे।

ब्लॉक स्तर पर समस्त उपखंड अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी, मुख्य ब्लॉक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सीडीपीओ और विकास अधिकारी मौजूद रहेंगे। सुविवि सहित सभी विश्वविद्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद भी बुलाया जा सकेगा। क्लासेज में मास्क, दो गज की दूरी सहित अन्य कोविड गाइडलाइन की पालना करनी होगी। खाना घर से लाना हाेगा।



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मेडिकल कॉलेज में कॉलेज शुरू होने से पहले क्लास रूम को सेनिटाइज करते हुए कर्मचारी।


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नगर निगम में रविवार को लगे विशेष शिविर में नामांतरण से जुड़े लंबित 83 मामलाें का निस्तारण किया गया। निगम आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ ने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चले शिविर में 150 आवेदक आए।

लाेगाें की सुविधा के लिए शिविर स्थल पर ही ई-मित्र डेस्क, नाेटरी और स्टांप वेंडर भी व्यवस्था भी की गई, ताकी आवेदक काे इनसे जुड़े काम के लिए भटकना नहीं पड़े। संबंधित शाखाओं के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी माैजूद रहे। ताकी किसी भी फाइल में कोई कमी हाे ताे उसे मौके पर ही सुधारा जा सके। पत्रावलियाें में आवश्यक पूर्ति कर 83 लंबित प्रकरणाें का निस्तारण किया गया। साथ ही 41 नए आवेदन भी लिए गए। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सभी निकायों को नामांतरण से जुड़े लंबित मामलाें का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। शिविर में भवन अनुमति समिति अध्यक्ष आशीष काेठारी, डीटीपी नीलम वर्मा, एटीपी सिराजुद्दीन भी माैजूद थे।



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शिविर में नामांतरण से जुड़े मामलों को देखते हुए अधिकारी।


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गुरुद्वारा 11 जी सतकरतार साहिब से ले जाए गए गुरु ग्रंथ साहिब के मामले में चूनावढ़ पुलिस तख्त दमदमा साहिब पहुंच गई है। पुलिस ने तख्त और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी काे पत्र देकर रिकाॅर्ड मांगा है। इधर, इस वारदात के मुख्य सूत्रधार निर्मलसिंह खरलियां और गाेलूवाला निवासी हरमीतकाैर से रिमांड के दाैरान वारदात काे लेकर पूछताछ की जा रही है।

एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि चूनावढ़ एसएचओ परमेश्वर सुथार टीम के साथ रविवार काे बठिंडा जिला स्थित तख्त दमदमा साहिब भेजे गए हैं। एसएचओ ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी काे इस घटना में ले जाए गए गुरुग्रंथ साहिब के संबंध में पूछताछ की है तथा कमेटी से रिकाॅर्ड मांगा है। घटना के बाद आराेपियाें ने ही वीडियाे साेशल मीडिया पर सार्वजनिक कर बताया था कि गुरुद्वारा 11 जी छाेटी सतकरतार साहिब से उठाए गए गुरुग्रंथ साहिब काे तख्त दमदमा साहिब में पहुंचा दिया है। आराेपिया गुरमीतकाैर और लवप्रीतसिंह सहित अन्य आराेपियाें के इसी गुरुद्वारा के सीसी कैमराें के फुटेज भी वायरल हुए थे। रिकाॅर्ड की जांच के बाद यदि सामने आया कि गुरुग्रंथ साहिब यहीं विराजमान हैं, ताे गुरुग्रंथ साहिब काे वापस लाैटाने काे अर्जी दाखिल की जाएगी।

मुकदमे के जांच अधिकारी चूनावढ़ एसएचओ परमेश्वर सुथार ने बताया कि गिरफ्तार की गई हरमीतकाैर अाैर निर्मलसिंह ने इस डकैती की याेजना काे तीन बैठकें कीं। तीनाें बैठकें गाेलूवाला गुरुद्वारा में हुईं। पहली बैठक 11 नवंबर काे हुई। इस बैठक में निर्मलसिंह ने सूरतगढ़ निवासी हिस्ट्रीशीटर आत्माराम काे मदद के लिए बुलाने पर सहमति बनी। अगली मीटिंग 28 नवंबर काे हुई। इसमें आत्माराम काे बुलाया गया। आखिरी बैठक 30 नवंबर काे हुई। इसमें वारदात काे अंजाम देने के रास्ते, तरीके और हर आदमी की डयूटी तय हुई। एक दिसंबर की रात काे वारदात काे अंजाम ही दे दिया गया।

आत्माराम काे हर व्यक्ति के 50 हजार रुपए देकर साैदा किया तय
इस वारदात काे अंजाम देने काे निर्मलसिंह और हरमीतकाैर ने आत्माराम से 50 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के साहिब से रेट तय किया था। आत्माराम अपने साथ गैंग के 6 लाेग और लेकर वारदात करवाने आया था। उसकी गैंग का एक आराेपी अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। शेष आराेपियाें काे काबू कर लिया गया है।

वारदात के मुख्य आराेपी लवप्रीतसिंह और संदीपसिंह अाज कर सकते हैं अदालत में समर्पण
इधर इसी घटना के सूत्रधार लवप्रीतसिंह और संदीपसिंह साेना साेमवार काे काेर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इन दाेनाें ने शुक्रवार काे भी स्वयं काे अदालत में पेशकर दिया था। लेकिन जांच अधिकारी और केस डायरी के काेर्ट में उपस्थित नहीं हाेने के कारण अदालत ने इनकाे साेमवार काे आने काे कहा था। जांच अधिकारी एसएचओ परमेश्वर सुथार उस दिन गुरुद्वारा आनंदपुर साहिब में हरमीतकाैर और निर्मलसिंह काे गिरफ्तार करने गए हुए थे। इस बात का यहां पता चलने पर एसएचओ काे काेर्ट में बुलाने का दबाव भी बनाया गया था।



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श्रीगंगानगर। तख्त श्रीदमदमा साहिब गुरुद्वारा में पहुंची चूनावढ़ पुलिस टीम।


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नगर विकास न्यास क्षेत्र में रविवार काे हनुमान चाैक के पास 12 इंची पेयजल पाइप लाइन फट गई। इससे सड़क व आसपास के खाली प्लाॅटाें में पानी भर गया। पेयजल पाइप लाइन टूटने से नाै से अधिक काॅलाेनियाें में दाे की बजाय डेढ़ घंंटे ही पेयजल सप्लाई हाे पाई।

शाम सात बजे तक टूटी पाइप लाइन काे पुन: मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति शुरू की गई। हनुमान नगर में पेयजल सप्लाई के लिए बने उच्च जलाशय टंकी में पानी भरने के लिए नाथांवाली से इस टंकी की सप्लाई वाली पेयजल पाइप लाइन हनुमान चाैक के पास सुबह साढ़े छह बजे पानी का प्रेशर अधिक हाेने के कारण टूट गई।

पाइप लाइन टूटने से सड़क व खाली प्लाॅटाें में भर गया पानी, पानी के प्रेशर से फट गई थी पाइप, नाथांवाला हेड से सप्लाई बंद करवाई
पाइप लाइन टूटने से सड़क व खाली प्लाॅटाें में पानी भर गया। आसपास काे लाेगाें ने पाइप लाइन टूटने की सूचना जलदाय विभाग के अधिकारियाें काे दी। इस पर नाथांवाला हेड वाटरवर्क्स से पानी की सप्लाई बंद करवाई गई। माैके पर पहुंची जलदाय विभाग कार्मिकाें की टीम ने टूटी पेयजल पाइप लाइन की मरम्मत शुरू की। शाम सात बजे तक पाइप लाइन की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। विभाग के एईएन मुंशीराम मनचंदा ने बताया कि पानी के प्रेशर से पाइप लाइन फटी थी। इसकी मरम्मत कर आपूर्ति पुन: बहाल की गई है।

शाम काे सात बजे क्षेत्र में दाेबारा शुरू की गई आपूर्ति
एईएन के मुताबिक हनुमान नगर टंकी से जुड़े एरिया रामदेव काॅलाेनी, हनुमान नगर, बिरथलियांवाली, अग्रवाल काॅलाेनी, नाेजगे स्कूल एरिया, पांच व सात ई छाेटी, विद्युत नगर, डाॅक्टर काॅलाेनी, चाैधरी काॅलाेनी, नाईयांवाली व श्रीराम काॅलाेनी एरिया में सुबह पांच से सात बजे तक पेयजल सप्लाई की जाती है, लेकिन सुबह साढ़े छह बजे पाइप लाइन टूटने से इस क्षेत्र में आधा घंटा पेयजल आपूर्ति बाधित रही। शाम काे सात बजे पुन: पेयजल आपूर्ति इस क्षेत्र में शुरू की गई है।



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श्रीगंगानगर। हनुमान चाैक के पास टूटी पेयजल सप्लाई की लाइन।


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श्रीराम मंदिर निर्माण निधि समर्पण समिति के महानगर कार्यालय का शुभारंभ रविवार को हेडगेवार भवन संघ कार्यालय के पास वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। महानगर प्रचार प्रमुख अमित पाराशर ने बताया कि पं. जीवराज श्रीमाली के आचार्यत्व व रामस्नेही संत हरिराम शास्त्री, पूर्व महापौर घनश्याम ओझा, शिक्षाविद निर्मल गहलोत की उपस्थिति में उद्घाटन हुआ।

महानगर संयोजक पं. राजेश दवे ने बताया कि शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में राम भक्तों ने निधि की घोषणा की, जिससे अब तक 21 करोड़ की घोषणा हो गई है। इसमें सर्वाधिक 1 करोड़ 11 लाख पाली सांसद पीपी चौधरी द्वारा की गई। इसी प्रकार हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के भरत दिनेश, हंसराज बाहेती, कृष्ण कुमार विश्नोई, पंकज भंडारी, लघु उद्योग के राजेंद्र राठी, महावीर चौपड़ा, हरीश लोहिया, बाबूलाल शाह, सुरेश विश्नोई, देवेंद्र डागा, धनंजय तिलावत द्वारा की गई।

सह अभियान प्रमुख रामचंद्र चौधरी ने बताया कि रविवार को 12 नगरों की बैठकें हुईं। साथ ही समर्पण अभियान के माधव नगर कार्यालय का उद्घाटन सारण नगर में संत रूपचंद कबीर, स्थानीय पार्षद आईदानराम सारण, शेराराम सारण, डॉ. सोहनराम नायल ने किया। इस अवसर पर संघ विभाग कार्यवाह शंभूसिंह व नगर के सह संयोजक रवींद्रपुरी आदि उपस्थित थे।



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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यालय का शुभारंभ किया गया।


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मार्च में लॉकडाउन के साथ और मंदी की चपेट में आया रियल एस्टेट अब फिर पटरी पर है। शहर की नई काॅलोनियों में भूखंड के साथ बने बनाए मकान खरीदने का ट्रेंड भी बढ़ा है। गत फेस्टिवल सीजन में लोग प्राॅपर्टी में निवेश के प्रति आकर्षित हुए ही।

इसके बाद और अभी मलमास में भी प्राॅपर्टी कारोबार ठंडा नहीं पड़ा। अकेले शहर में हर महीने औसत 700 से 800 राजिस्ट्रियां हो रही हैं। उप पंजीयक कार्यालय में वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीने अप्रैल में मात्र एक रजिस्ट्री हुई थी। हालांकि इसका कारण लॉकडाउन था। लाॅकडाउन खुलने के बाद पहले से लंबित रजिस्ट्रियां की कार्रवाई शुरू हुई। फिर भी मई में 187 रजिस्ट्रियां होने के साथ 30.87 लाख की आय हुई। इसके बाद रियल स्टेट ने तेजी पकड़ी। जून में एकदम 816 रजिस्ट्रियों से विभाग को तीन करोड़ 84 लाख 50 हजार की आय हो गई।

जुलाई में रजिस्ट्रियों की संख्या 955 और आय का आंकड़ा तीन करोड़ 59 लाख रहा। अगस्त में मानसूनकाल के कारण गति कुछ कम हुई। फिर भी 704 रजिस्टियों से दो करोड़ 87 लाख 19 हजार का राजस्व मिला। सितंबर में 833 रजिस्ट्रियों से तीन करोड़ 57 लाख 80 हजार रुपए मिले। अक्टूबर में रजिस्ट्रियां भले 737 ही हुई पर बड़े सौदे होने से 4 करोड़ 38 लाख 20 हजार की आय हुई। इस माह अकेले 485 सेल डीड थी। कुल मिलाकर औसत हर माह 700 से 750 रजिस्ट्रियां हो रही हैं। नवंबर में भी 384 सेल डीड हुई।

कुल राजस्व दो करोड 98 लाख हुआ। सुखद आर्श्चय की बात यह कि आधे मलमास वाले दिसंबर में सेल डीड और बढकर 491 हो गई। इससे तीन करोड़ 54 लाख का राजस्व मिला है। अभी ज्यादातर शुद्धि पत्र, पट्टे, सेल, गिफ्ट, वसीयत आदि की रजिस्ट्रियां हो रही हैं। खाली प्लाट के साथ बने मकान, फ्लेट लोग ज्यादा खरीद रहे हैं। जनवरी के प्रथम सप्ताह तक इस वित्तीय वर्ष का 60 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो गया। इस साल कुल लक्ष्य 41.99 करोड़ के मुकाबले अब तक 25.11 करोड़ प्राप्त हो चुका है।

नए साल 2021 के शुरूआती 5 दिन को ही देखे तो दो दिन अवकाश के बावजूद 137 रजिस्ट्रियां हुई । इसमें 42 सेल डीड है। कुल 39 लाख 11 हजार का राजस्व को मिल गया है।

मात्र दो राजिस्ट्रियों से ही मिल गए 80 लाख रुपए
उप पंजीयक कार्यालय चित्तौड़गढ़ को अक्टूबर में एक औद्योगिक इकाई के दो विक्रयनामों से ही 80 लाख का राजस्व मिल गया। इस महीने सबसे ज्यादा 485 विक्रय पत्र पंजीकृत हुए।

एक ही दिन में हुई 47 रजिस्ट्रियां
30 अक्टूबर से एक नवंबर तक तीन दिन राजकीय अवकाश रहा। इसके बाद एक ही दिन में 47 रजिस्ट्रियां हो गई। जिसमें 41 सेल, 4 गिफट, एक पटटा रहा। इससे 26 लाख 78 हजार की आय हो गई। नवरात्र में पंचमी के दिन तो रिकार्ड 185 रजिस्ट्रियां हुई थी।

2 साल पहले 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ था
सन 2018-19 में चित्तौडगढ उपपंजीयक कार्यालय का लक्ष्य 100 प्रतिशत पूरा हो गया था। हालांकि इसमें अकेले 9 करोड़ रुपए एक इंडस्ट्री ग्रुप के जमीन हस्तांतरण से मिले पर इसके चलते अगले साल लक्ष्य बढाकर 51 करोड़ कर दिया गया। विभाग इसकी तुलना में 26 करोड यानी आधा लक्ष्य ही हासिल कर पाया। इस वर्ष लक्ष्य फिर कम कर 41.99 करोड रखा गया है।

बाहर के प्राइवेट काॅलोनाइजर्स और बिल्डर्स का भी बड़ा विनिवेश
शहर में प्राॅपर्टी कारोबार इसलिए भी उफान पर रहा कि बीते पांच साल में कई नई काॅलोनियां कटी। बाहर से आए कर्मचारी, मध्यमवर्गीय लोग और संयुक्त परिवारों के सदस्य भविष्य की प्लानिंग के साथ नई सोसायटी व एरिये में मकान या प्लाट खरीदने लगे। कालोनाइजर पहले से या बाद में खरीदी कृषि भूमियों को कन्वर्ट कराकर अब भूखंड बेच रहे हैं।

जानिये, रियल एस्टेट में बढ़ी हलचल के कारण

लॉकडाउन के बाद सरकार की ओर से रियायत, होम लोन सस्ते होना
आने वाल समय में जमीनों की कीमतें और बढनें की आशंका से सक्षम या जरूरतमंद लोग प्राॅपर्टी खरीद रहे हैं। अभी होम लॉन सस्ते हो गए। पीएम आवास योजना में सब्सिडी मिल रही है। लॉकडाउन से बाजार की मंदी दूर करने के लिए सरकार ने आसान ऋण व सब्सिडी योजनाएं दी। इससे खरीदार, बिल्डर और कालोनाइजर उत्साहित हुए।

दो दिशाओं में आवासीय विस्तार
शहर का विस्तार खासकर नई काॅलोनियां का क्रम निम्बाहेड़ा व उदयपुर मार्ग पर ज्यादा है। गत 5 साल में गंभीरी नदी के आसपास चामटीखेड़ा-ओछड़ी मार्ग व संगम मार्ग इलाकों में आवासीय क्षेत्र बढ़ रहा। फोरलेन किनारे तक आवासीय बस्तियां पहुंच रही है। नगर परिषद की महेशपुरम और श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवासीय योजनाओं में अब मकान निर्माण और सौदों की हलचल है।



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ऑफिस के बाहर रजिस्ट्री के लिए इंतजार


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जिले में लगातार पिछले 8 दिन से पक्षियाें की माैताें का सिलसिला जारी है। रविवार काे 40 काैओं तथा पांच अन्य पक्षियाें की माैत हुई। काैओं के बाद कबूतराें और अब ताेताें की माैत के मामले सामने आने लगे हैं। बढ़ रहे बर्ड फ्लू के खतरे के बीच राहत की बात सामने आई है।

एक्सपर्ट के अनुसार माैसम में बदलाव और तेज धूप खिलने पर पक्षियाें की माैताें पर कंट्राेल हाे जाएगा। जिले में तीन जनवरी से पक्षियाें की माैताें का सिलसिला शुरू हुआ। अब तक करीब 220 पक्षियाें की माैतें हाे चुकी है। इसमें से 185 काैओंं तथा शेष अन्य पक्षी शामिल है। इसमें से सर्वाधिक काैओं की माैतें निंबाहेड़ा में एक औधाेगिक परिसर की काॅलाेनी में हुई है। वहीं पर शनिवार दाेपहर एक से रविवार दाेपहर एक बजे तक 39 पक्षियाें की माैत हाे चुकी है। इसमें 36 काैअे, दाे कबूतर एवं एक ताेता शामिल है। हालांकि कबतूर के बाद ताेता की मृत्यु का यह पहला केस आया है।

इसके अलावा चित्ताैड़ में भी तीन काैओं की माैत हुई। इस प्रकार रविवार काे जिले में कुल 45 पक्षियाें की माैतें हुई। पूरा पशुपालन विभाग एवं वन विभाग अलर्ट है। टीमें फिल्ड में जलाशयाें पर पक्षियाें की निगरानी के लिए लगातार भ्रमण कर रही है। उदयपुर संभाग में अब तक करीब 270 पक्षियाें की माैतें हाे चुकी है। इसमें सर्वाधित संख्या चित्ताैड़ जिले की है।

प्रदेश में अब तक जंगली पक्षियाें तक ही सीमित है वायरस
एवियन इन्फ्लूएंजा पक्षियों को ही प्रभावित करता है। प्रदेश में अब तक सामने आए मामलों में इसका दायरा जंगली पक्षियों तक ही सीमित है। वायरस का जाे स्ट्रेन सामने आया है, वह पक्षियाें से पक्षियाें में जरूर फैलता है लेकिन इंसानाें तक नहीं पहुंचता है। प्रदेश में अब तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल अंडे और अन्य पोल्ट्री उत्पाद सुरक्षित हैं।
डॉ. भूपेंद्र भारद्वाज, अतिरिक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, उदयपुर



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मृत पक्षी मिलने के बाद दवा का छिड़काव करते हुए।


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तीन दिन से मौसम सर्द बना है। रविवार को जिलेभर में दाेपहर तक कोहरा छाया रहा। अधिकतम तापमान लुढ़कर 17.9 डिग्री पहुंच गया। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री था। दिन का तापमान तीन डिग्री गिरावट आई है।

रात का तापमान 15 डिग्री बना है। अब दिन-रात के तापमान में मात्र दो डिग्री का अंतर है। मौसम वैज्ञानिकाें का कहना है कि जनवरी में दूसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आया। बादल छाए हैं। सुबह कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई।
कस्बे में रविवार सुबह 11:30 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। सुबह 10 बजे तक ओस की बूंदें गिरती रही। जिससे रास्ते गीले हो गए। चंदा माता मंदिर पर आने वाले दर्शनार्थी पहाड़ी से कस्बे में छाए कोहरे को देखते रहे। माैसम के बीच दर्शनार्थियाें ने सेल्फी भी ली।



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निकुंभ. क्षेत्र में रविवार को छाया कोहरा।


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ट्रेनों की खाली सीटाें की जानकारी अब ट्विटर और फेसबुक पर मिल जाएगी। पूर्व मध्य रेलवे प्रायोगिक तौर पर अपने ट्विटर और फेसबुक पर ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता को लेकर लगातार जानकारी शेयर कर रहा है।

अब भारतीय रेलवे में सीट आरक्षण की जानकारी के लिए बार बार आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लॉगइन करने की आवश्यकता नहीं होगी। क्योंकि अब सीटों के आरक्षण की जानकारी ट्विटर और फेसबुक पर यात्रियों को उपलब्ध कराई जाएगी। बिहार में तो पूर्व मध्य रेल से चलने वाली ट्रेनों की जानकारी ट्विटर और फेसबुक पर देने की शुरुआत हाे चुकी है।



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प्रतीकात्मक फोटो


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जिला विशेष टीम व गंगरार थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बजरी से भरे चार ट्रेलर, एक डंपर जब्त कर तीन चालकाें काे पकड़ा। एक दर्जन डंपर चालक सड़क पर बजरी खाली कर भाग गए। एसपी दीपक भार्गवने बताया कि बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान के तहत रविवार सुबह एएसपी तृप्ति विजयवर्गीय के निर्देशन में विशेष टीम प्रभारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में जिला विशेष टीम के हैड कांस्टेबल पवनकुमार व थाना गंगरार से हैड कांस्टेबल गोपाललाल जाब्ता ने गंगरार हाईवे पर सोनियाणा के पास बजरी भरे चार ट्रेलर व एक डंपर राेका।

जिनके पास कोई वैध रॉयल्टी नहीं होने से चालक को डिटेन किया। इसमें ओमप्रकाश पुत्र कजोड़ मीणा निवासी कोठाज व रामप्रसाद पुत्र भैरूलाल रेगर निवासी कोठाज थाना पारोली जिला भीलवाड़ा, दिनेशनाथ पुत्र लेहरुनाथ योगी निवासी दादिया थाना गंगरार को डिटेन किया। दो ट्रेलर चालक फरार हो गए। माइनिंग विभाग को सूचना दी। चालक ने में बताया कि बजरी भीलवाड़ा बनास नदी से भरकर प्रतापगढ़, निम्बाहेड़ा की तरफ लेकर जा रहा थे।



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गंगरारद|अवैध बजरी परिवहन करते पकड़े गए चालक।


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ताजमहल के बाद चित्तौड दुर्ग का विजयस्तंभ देश का दूसरा ऐसा स्मारक बन जाएगा। जहां मातृत्व कक्ष भी होगा। यानी यहां पर्यटक महिलाएं अपने शिशुओं को स्तनपान करा सकेगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर महिला पर्यटकों के नवजात बच्चों के लिए स्तनपान कक्ष बनवाने का फैसला किया है।

एएसआई ने इसके लिए विजय स्तंभ परिसर को चिन्हित किया है, जहां पर्यटकों की सर्वाधिक चहल-पहल रहती है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय से आदेश जारी होने के बाद पुरातत्व विभाग ने विजयस्तंभ के पास पुराने टिकट विंडो भवन को इसके लिए चयन किया। अब इसे स्तनपान कक्ष के रूप में बदलने के आवश्यक कार्य के लिए टेंडर कर काम शुरू कर दिया। संभवतया जुलाई तक यह सुविधा शुरू हो जाएगी।

एएसआई के कनिष्ठ संरक्षण सहायक तिलकसिंह ने बताया कि पंखे, लाइट, कुर्सियां आदि के साथ मां-बच्चे के आराम को ध्यान में रखते हुए रूम तैयार किया जाएगा। विजयस्तंभ के सामने कैफेटेरिया के पीछे नए सिरे से सुविधाघर बनाने का कार्य भी चल रहा है। उल्लेखनीय है कि एएसआई के संरक्षित स्मारकों पर गत साल हर महिला दिवस 8 मार्च को महिलाओं के लिए निशुल्क प्रवेश की सुविधा भी दी गई थी।

महिलाओं की परेशानी ध्यान में आने पर संस्कृति मंत्रालय ने दिए थे निर्देश
एएसआई अधिकारियों का मानना है कि प्राचीन स्मारकों पर भ्रमण के दौरान एक मां को अपने शिशु को स्तनपान कराने में काफी दिक्कत होती है। जब यह मामला केंद्र सरकार के ध्यान में आया तो गत साल केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने सभी संरक्षित स्मारक स्थलों पर इसके लिए एक विशेष कक्ष बनवाने का ऐलान किया था। सबसे पहले ताजमहल पर यह काम पूरा हुआ। इसके बाद संभवतया चित्तौड़ दुर्ग दूसरा ऐसा हैरिटेज होगा, जहां यह कक्ष सबसे पहले तैयार होगा।

दो साल पहले ताजमहल पर एक परिवार की उलझन देख महिला अधिकारी ने दिखाई राह
दो साल पहले आगरा के ताजमहल परिसर में एक महिला अपने बच्चे को दूध पिलाना चाहती थी। उसने इधर-उधर देखा, फिर एक सीढ़ी के नीचे जाकर बैठ गई। उसका पति कवर देने के लिए उसके पास खड़ा हो गया। यह दृश्य एक महिला अधिकारी ने देखा तो उच्चाधिकारियों को बताया। इसके बाद ही इस संबंध में निर्देश जारी हुए। केरल में माताओं के लिए स्तनपान को आसान बनाने के लिए अलुवा मेट्रो रेल स्टेशन पर नर्सिंग पॉड की शुरुआत हुई थी।



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विजय स्तंभ के पास इस पुराने भवन की जगह बनेगा मातृत्व कक्ष।


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अभा कांग्रेस प्रवक्ता और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव मोहन प्रकाश ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के बनाए कृषि कानून असल में कारपोरेट कानून हैं, जो चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाएंगे। आम उपभोक्ता महंगाई की चपेट में आएगा। इनके विरोध में कांग्रेस 15 जनवरी को हर राज्य में किसान सम्मेलन कर राजभवन पहुंचेगी।

मोहनप्रकाश ने कृषि कानूनों के विरोध में रविवार शाम पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से देशभर के किसानों में बैचेनी है, लेकिन मोदी सरकार को कोई चिंता नहीं है। किसान इतनी तेज सर्दी, ओलावृष्टि में भी 45 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनरत है। अब तक 60 किसान शहीद हो चुके हैं। इन कानूनों से देश की 80 फीसदी आबादी प्रभावित होगी। करीब 25 से 30 लाख करोड का व्यापार बंद हाेकर कुछ पूंजीपतियों के हाथ में चला जाएगा। आम उपभाेक्ता महंगाई की चपेट में आ जाएंगे। सरकार का आवश्यक खाद्यान तेल, दाल, आलू, प्याज से नियंत्रण हट जाएगा। स्टाक लिमिट हटाने से जैसे ही फसल आएगी। उसे चंद लोग सस्ते में खरीद लेंगे।

बाद में बाजार की डिमांड के अनुसार दरें तय करेंगे। मोहनप्रकाश ने सवाल उठाया कि इन कृषि बिल के लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा एक्ट और सार्वजनिक वितरण प्रणाली कैसे चालू रह पाएगी। किसानों को एमएसपी पर लिखित आश्वासन की बातें तो कही जा रही है लेकिन सरकार मुख्य बिन्दू पर कोई बात नहीं कर रही है। ऐसा लग रहा है कि मोदी सरकार के फैसले खुद नहीं लेकर कुछ अन्य आका ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुददे को कांग्रेस ने पहले भी उठाया और अभी भी किसानों के साथ है। कांग्रेस 15 जनवरी को हर राज्य में किसान सम्मेलन कर राजभवन की ओर कूच करेगी। कांग्रेस ने बिल के विरोध में दो करोड हस्ताक्षर वाला ज्ञापन भी राष्ट्रपति को दिया है।

एआईसीसी सदस्य पूर्व विधायक सुरेंद्रसिंह जाडावत ने कहा कि 47 दिन से किसान आंदोलनरत है लेकिन मोदी सरकार निष्ठुर बनी हुई है। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि पीसीसी व सीएम ने निर्देश दिए थे कि विधायक व मंत्री अपने क्षेत्र में जनजागरण रैली करें। इसके तहत आज निम्बाहेडा में ट्रैक्टर रैली निकाली गई। इस दौरान पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, शहर अध्यक्ष प्रेमप्रकाश मूंदडा, पूर्व नपा चेयरमैन रमेशनाथ योगी, कपासन प्रधान भैरूलाल चौधरी आदि मौजूद थे।

वैक्सीन या राज्य सरकार पर संकट के बारे में चुप्पी साध गए मोहन प्रकाश
प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहनप्रकाश ने राज्य की कांग्रेस सरकार व कोरोना वैक्सीन के बारे में सवाल पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया। माेहनप्रकाश ने कहा कि राज्य के बारे में जानकारी तो प्रदेश प्रभारी अजय माकन देंगे. आज वह कृषि कानूनों के अलावा अन्य किसी मुद्दे पर बात नहीं करेंगे।

भाजपा किसानों को बदनाम न करें
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहनप्रकाश ने कहा कि किसान अपने हक की लडाई लड रहा है तो उसे खालिस्तानी, आतंकवादी कहते हुए कहा जा रहा है कि दो राज्य के किसान ही आंदोलन में है। ये गलत है। पूरे देश का किसान इस आंदोलन से जुडा हुआ है। अन्नदाता को बदनाम न किया जाएं। एक चाय वाला दस लाख का सूट पहन सकता है तो किसान जिंस नहीं पहन सकता। सरकार को कुछ करना था तो इस बिल का अध्यादेश लाकडाउन में क्यों जारी किया और राज्यसभा में बिना चर्चा के क्यों पास कराया।



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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रकाश को स्वागत करते हुए।


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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर प्राइमरी इलाज के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र (सब सेंटर) तथा पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) की दशा बदल रही है। इन्हें अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के नाम से जाना जाएगा। कुछ सेंटर ताे तैयार भी हाे गए है। नए कलर में यह सेंटर नजर आने लगे हैं।

खास बात यह है कि वेलनेस सेंटरों पर रोगियों की जांच, उपचार के साथ ही योगा की भी सुविधा भी मिलेंगी। इसके लिए इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर ही शुगर, ब्लड प्रेशर, हाईपर टेंशन, कैंसर आदि रोगों की स्क्रीनिंग होगी। इससे आयुष्मान भारत के तहत बीमित मरीजों का प्राइमरी इलाज इन्हीं अस्पतालों में हो जाएगा तो आगे के इलाज के लिए उन्हें उससे ऊपर के अस्पतालों में रेफर करने में आसानी भी होगी। लंबे से समय चुनिंदा पीएचसी एवं सब सेंटराें काे वेलनेस सेंटराें के रूप में डपलप करने की सरकार की याेजना चल रही थीं, जाे अब साकार हाे रही है।

जिले में कुल शहरी एवं ग्रामीण मिलाकर कुल 53 पीएचसी एवं 383 सब सेंटर है। इसमें से 47 पीएचसी एवं 282 सब सेंटर का वेलनेस सेंटर के लिए चयन हुआ है। चिकित्सा विभाग की निर्माण विंग के एनएचम एक्सईएन चंद्रकाश संचेती के अनुसार चयनित 47 पीएचसी पर कलर, सभी इन जगहाें पर एक-एक कमरे काे वेलनेस के रूप में डवलप किया जा चुका है। प्रति पीएचसी पर चार-चार लाख रुपए खर्च हुए है। इसी प्रकार 282 में से 204 सब सेंटराें पर वेलनेस के रूप में डवलप करने पर प्रति पर छह-छह लाख रुपए तथा 78 सब सेंटराें पर सात-सात लाख रुपए का प्रावधान किया है।

चयनित सभी पीएचसी पर काम पूरा हाे चुका तथा 282 सब सेंटराें में से 120 सब सेंटर का काम रनिंग में है। इसी प्रकार जिले के पांच शहरी पीएचसी पर भी रंग राेगन किया जा चुका है। प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपए खर्च हुए है। उल्लेखनीय है कि वेलनेस सेंटराें का काम पूरा हाेने के बाद ग्रामीण क्षेत्र की चिकित्सा सुविधाएं पहले से बेहतर हाेगी। यह सब आयुष्मान भारत अभियान के तहत हाेगा।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, किशोर स्वास्थ्य, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर, अंधत्व, श्रवण बाधित रोग, संचारी रोग प्रबंधन एवं उपचार, गैर संचारी रोग प्रबंधन एवं उपचार, ओरल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, योगा और एक्सरसाइज, काउंसलिंग, स्कूल हेल्थ एजुकेशन, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वेलनेस सेंटर में तैनात महिला स्टाफ क्षेत्र में घर-घर जाकर परिवार के हर सदस्य की जांच करवाएगा। इनका डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड भी रखेगा। कुल मिलाकर स्वस्थ रहने के लिए क्या खाएं और क्या नहीं खाएं इसकी जानकारी के साथ ही रोगों से बचाव को लेकर इन सेंटर के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। वेलनेस सेंटर का मूल उद्देश्य लोगों को बीमार हाेने से बचाना है। इसमें योगा एवं अन्य जीवन शैली के रोगों की रोकथाम करना है। इसमें रोग के होने से पहले ही उसके बचाव के उपाय करना है।

सभी 21 सीएचसी का भी रूप बदला
जिले में कुल 21 सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) की बाहर लुकिंग बदल गई है। इस काम के लिए प्रत्येक सेंटर पर दाे-दाे लाख रुपए खर्च हुए है। इसके अलावा कुछ पीएचसी पर दवा काउंटर सहित विविध सुविधाओं का विस्तार का क्रम भी जारी है।



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रंग-रोगन के बाद पीएचसी का बदला रूप।


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आप आसानी से ऑनलाइन ठगी का शिकार हो सकते हैं। इस चेतावनी को शायद, आप ज्यादा गंभीरता से न लें। लेकिन यह खबर पढ़कर आप जरूर चौंक जाएंगे। जब आपको पता चलेगा कि अंकलेश्वर में एक प्राइवेट शिपिंग कंपनी का जनरल मैनेजर (जीएम) भी इन शातिर ठगों से बच नहीं पाया। ठग ने अपनी ओर से 1 रुपए का डिजिटल ट्रांजेक्शन कर कई बार सामने से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर 41 हजार रुपए निकलवा लिए।

इतना ही नहीं इस ठग ने न सिर्फ मैनेजर बल्कि मैनेजर के दोस्त को भी झांसे में ले लिया और बारी-बारी से 1.39 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन करवा लिया। संपर्क साधने का जरिया बनाया एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म को। बैंक मैनेजर ने अपना सोफा बेचने के लिए इस प्लेटफार्म पर डाला था। पीड़ित ने अंकलेश्वर में पिछले हफ्ते साइबर क्राइम में मामला दर्ज करवाया था। पुलिस भी सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन (वॉलेट) का अकाउंट जान पाई। बैंक खाते का पता अब भी नहीं चल पाया है।


एक्सपर्ट की मानें तो तकनीकी विशेषज्ञता से ज्यादा एक सोशल इंजीनियरिंग का मामला है। ये एक साइकोलॉजिकल गेम है, जिसमें अपना पैसा पाने के लिए ही लोग ठग के जाल में फंसते चले जाते हैं। इसमें स्पूफ एप्लीकेशन की भी मदद ली जाती है। इससे ऑनलाइन रसीद को फर्जी तरीके से बनाकर सामने वाले को भरोसे में लेने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

न ओटीपी पूछा न लिंक पर क्लिक करवाया, बस क्यूआर कोड से स्कैन करवा बातों में उलझा ट्रांजेक्शन करवाता गया

जानिए, ठगी के शिकार जीएम के ही शब्दों में

मैंने सैकंड हैंड सामान खरीदने-बेचने वाले ऑनलाइन प्लेटफार्म पर एक सोफा बेचने के लिए डाला था। फोटो अपलोड होने के बाद एक अनजान नंबर से फोन आया। सामने वाले ने कहा कि 15 हजार में सोफा खरीदना चाहता है। वह ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन से पैसे भेजेगा, लेकिन मैंने मना कर दिया।

फिर उसने मुझे ऑनलाइन पेमेंट के लिए कन्वेंस कर लिया। उसने अपना क्यूआर कोड भेजा और मेरे खाते में एक रुपए का ट्रांजेक्शन किया। जो मुझे मिल गया। अब उसे मुझे 14 हजार 999 रुपए और भेजने थे, लेकिन उसने कहा कि बड़ा अमाउंट ट्रांसफर नहीं हो रहा। मैंने पूछा- 1 रुपया आ रहा है तो बाकी भी आ जाएंगे। तब उसने झांसा दिया कि उसके पास स्वाइप मशीन है इसलिए दिक्कत आ रही है।

उसने झांसा दिया कि पहले आप मेरे खाते में 15 हजार रुपए डाल दो, मैं यहां से एक साथ 30 हजार रुपए डाल दूंगा। मुझे लगा कि चलो यह भी कर लेते हैं। मैंने दो बार तीन-तीन हजार रुपए भेजे। इसके बाद भी उसने पैसे नहीं भेजे। फिर उसने मुझे 14500 रुपए और डालने के लिए मना लिया। फउसने 21 हजार रुपए और डालने के लिए कहा तो वो भी डाल दिए।

बार-बार ट्रांजेक्शन से मेरा अकाउंट लॉक हो गया। इसके बाद ठग ने मेरे दोस्त के खाते से ट्रांजेक्शन की सलाह दी। मेरे कहने पर सहकर्मी दोस्त भी ट्रांजेक्शन के लिए तैयार हो गया। दोस्त ने भी बारी-बारी से 1.39 लाख रुपए ठग के खाते में भेज दिए। यानी हम दोनों कुल 1.80 लाख रुपए सामने वाले को भेज चुके थे। तब जाकर मुझे और मेरे दोस्त को ठगे जाने का अहसास हुआ। जब मैंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने मुझे धमकाते हुए कहा कि मेरे घर पर आकर सोफा भी उठा ले जाएगा और पैसे भी नहीं देगा। कहने लगा जो करना है कर लो।

मैंने बैंक स्टेटमेंट निकाला तो उसमें सारे पैसे एक ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन (वॉलेट) में जाता दिखा। जब उस वाॅलेट की पहचान की तो वहां मेरे दोस्त के नाम से फर्जी अकाउंट खोला हुआ था। इतना होने तक ठग वॉलेट से पैसे अपने खाते में डाल चुका था।

जैसा कि जीएम ने पहचान नहीं उजागर करने की शर्त पर भास्कर को बताया

केस 2 कारखाना मालिक से 64 हजार की ठगी

एम्ब्रॉयडरी कारखाना मालिक से 64 हजार की ठगी हो गई। सोशल मीडिया पर एक गाड़ी बेचने के लिए रखी गई थी। कारखानेदार को वह बहुत अच्छी लगी। गाड़ी की कीमत 2.31 लाख रुपए थी। आरोपी ने आर्मी में नौकरी करने की पहचान बताकर कारखाना मालिक से टैक्स आदि के बहाने 64 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया।

केस 2 मेडिकल ऑफिसर से 20 हजार रुपए की ठगी

ऑनलाइन पुरानी गाड़ी खरीदने का दूसरा मामला भी सामने आया है। मेडिकल अॉफीसर से स्कूटी खरीदने के बहाने 20 हजार की ठगी हो गई। आरोपी ने स्कूटी का सौदा पक्का करने के बाद डिलीवरी के बहाने दो बार 10-10 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिया। जब गाड़ी नहीं मिली मेडिकल ऑफिसर को ठगी का पता चला। मेडिकल आॅफिसर ने रुपए वापस मांगे तो आरोपी धमकी देने लगा। इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

पुराना मोबाइल खरीदने के चक्कर में अकाउंट के खाते से 3.96 लाख रुपए ट्रांसफर हो गए, पुलिस थाने में केस दर्ज

अकाउंटेंट की नौकरी करने वाले नीरव वोरा से 3.96 लाख रुपए की ठगी हो गई। लसकाणा के एंजेल पैलेस में रहने वाले नीरव ने बताया कि 31 अगस्त को उसे ओएलएक्स नामक एप्लीकेशन पर पुराना मोबाइल दिखाई दिया। वह उसे पसंद आ गया। नीरव ने एप्लीकेशन पर दिए नंबर पर फोन किया।

बातचीत के दौरान मोबाइल का सौदा पक्का हो गया। इसके बाद आरोपी ने कहा कि जीएसटी समेत दूसरे टैक्स भी जमा करने होंगे। नीरव राजी हो गया। इसके बाद टैक्स के बहाने नीरव के अकाउंट से आरोपी ने 3लाख, 96 हजार, 796 रुपए ट्रांसफर करवा लिया। नीरव ने फोन भेजने के लिए कहा तो आरोपी ने धमकी देते हुए फोन बंद कर दिया। नीरव ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। v

एक्सपर्ट व्यूि - चिंतन पाठक, साइबर एक्सपर्ट

अनजान लिंक या क्यूआर कोड स्कैन करने से बचें। डिजिटल लेनदेन अपने विवेक से करें। सामने वाले के कहे अनुसार सब कुछ न करते जाएं। शक होने पर ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड मसलन रिकॉर्डिंग या स्क्रीनशॉट लें। फ्रॉड होने पर 24 घंटे के भीतर पुलिस की मदद लें, जिससे रिफंड की उम्मीद रहती है।



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Thugs are so vicious that sending 1 rupee to GM of shipping company cheated 41 thousand and 1.39 lakh from friend


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पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का ट्रायल टीका लगवाने के 9 दिन बाद घर में मृत मिले 45 वर्षीय दीपक मरावी की मौत का मामला शनिवार को गरमा गया। सबसे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्रायल में शामिल ज्यादातर वॉलंटियर्स के गरीब बस्तियों से होने पर सवाल उठाए।

सियासी आरोप लगते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभु राम चौधरी सामने आए। उन्हाेंने कहा- वैक्सीन के चलते मरावी की मौत नहीं हुई है, क्योंकि वैक्सीन का प्रतिकूल प्रभाव होता तो वह 24 से 48 घंटे में असर दिखता। चिकित्सा शिक्षा विभाग मामले की जांच कर रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मृतक का विसरा जांच के लिया गया है।

रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ऐसा कोई भ्रम न फैलाएं, जिससे वैक्सीन को लेकर गलत धारणा बने। कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने भी कहा- वॉलंटियर की मौत का वैक्सीन के डोज से संबंध नहीं है। मौत का संभावित कारण कार्डियॉरेस्पिरेट्री फेलियर हो सकता है, जो कि हो सकता है जहर के चलते हुआ हो। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दूसरी ओर, दीपक के बेटे आकाश मरावी ने पीपुल्स प्रबंधन पर कई आरोप लगाए।

उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि टीका लगाने के बाद पीपुल्स प्रबंधन की क्लीनिकल ट्रायल टीम ने पिता जी का कभी हेल्थ फॉलोअप नहीं किया। टीका लगाने के बाद पिताजी को टीम ने वो डायरी भी नहीं दी, जिसमें उन्हें अपनी सेहत का हर दिन का हिसाब-किताब लिखना था। दूसरी ओर, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवडे ने वॉलंटियर की मौत की जांच के लिए जीएमसी के छह डॉक्टरों की टीम पीपुल्स अस्पताल भेजी। टीम ने महज तीन घंटे जांच की और पीपुल्स प्रबंधन को क्लीनचिट दे दी।

इस कमेटी ने भी मृतक के परिजनों से बात किए बिना रिपोर्ट सबमिट कर दी। इस पर जब समिति के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पीपुल्स ने ट्रायल प्रोटाेकॉल का पालन किया या नहीं, हमें सिर्फ यही जांचना था। फिलहाल दीपक के शव की विसरा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आना बाकी है।

मौत टीके से हुई या नहीं

जब तक दो कर्मचारी आए, तब तक मौत हो चुकी थी : वहीं, आकाश का कहना है कि 12 दिसंबर को टीका लगाने के बाद से अस्पताल से कोई भी जांच के लिए नहीं आया। मैंने 21 दिसंबर को पिता जी के निधन से पहले अस्पताल को उनकी सेहत बिगड़ने की सूचना दी थी। इसके बाद पीपुल्स के दो कर्मचारी घर आए थे। लेकिन, तब तक उनका निधन हो चुका था। इसके बाद पिताजी के शव को कस्टडी में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया गया।

टीम ने दीपक से भरवाए गए सहमति पत्र भी देखे : दीपक की मौत का मामलासामने आने के बाद चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवडे ने जीएमसी के छह डॉक्टरों की टीम पीपुल्स अस्पताल भेजी। टीम ने क्लीनिकल ट्रायल दफ्तर में दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक ट्रायल प्रोटोकॉल से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।

मौत के बाद भी वॉलंटियर्स की लिस्ट से नहीं हटाया नाम

दीपक के बेटे का आरोप है कि ट्रायल के प्रोटोकॉल के तहत रिसर्च प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर को दीपक की सेहत में होने वाले बदलावों का फाॅलोअप लेना था। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया।

जबकि पीपुल्स प्रबंधन का कहना है कि ट्रायल प्रोटोकॉल के नियमों का पालन करते हुए दीपक की सेहत का लगातार फॉलोअप किया गया। इसका रिकॉर्ड उनके पास है। जीएमसी के जांच दल की रिपोर्ट में भी इसका जिक्र है।

अस्पताल ने दीपक की मौत के बाद भी टीके के दूसरे डोज वाले वॉलंटियर्स की लिस्ट से उनका नाम नहीं हटाया था। इसलिए 8 जनवरी को ट्रायल टीम ने टीके के दूसरे डोज के लिए उनके घर कॉल किया था।

आगे क्या- ट्रायल का डाटा डीकोड हो, तभी मौत से पर्दा उठेगा : दीपक को कोवैक्सीन का टीका लगाया गया था अथवा प्लेसिंबो (इंजेक्शन वाला पानी)। इसका खुलासा क्लीनिकल ट्रायल स्टडी के डाटा के डीकोड होने के बाद होगा। इस डाटा को आईसीएमआर और भारत बायोटेक के वैज्ञानिकों की टीम स्टडी पूरी होने के बाद डीकोड करेगी।

एक ही परिवार के कई लोगों को टीका लगाया : दिग्विजय

दिग्विजय टीला जमालपुरा स्थित दीपक के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि ट्रायल के शुरुआती 6 दिन में महज 45 ही वॉलंटियर आए थे, लेकिन फिर 1 महीने के अंदर ही 1700 से अधिक लोगों पर ट्रायल किया गया। इसमें 95% भोपाल के ही लोग हैं। एक ही परिवार के कई लोगों को टीका लगा दिया गया। लोगों का आरोप है कि उन्हें पता ही नहीं कि उन पर ट्रायल किया जा रहा है। इस मामले की जांच होनी चाहिए।

सच पर पर्दा क्यों: मौत के 18 दिन बाद भी न विसरा रिपोर्ट आई, न फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट



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दीपक मरावी


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ऑनलाइन क्लास में स्टूडेंट्स को विषयों को टीचर के प्रेजेंटेशन, वीडियाे या 3-डी इलस्ट्रेशन से समझना आसान जरूर रहा, लेकिन इसका प्रैक्टिकल करके देखना एक अलग ही अनुभव है। इसे किसी भी प्रेजेंटेशन से पाया नहीं जा सकता। बस.. इसी प्रैक्टिकल समझ को बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है कि बच्चे स्कूल पहुंचें।

कुछ ऐसी ही वजहों के कारण स्कूल खुलने के पहले सप्ताह में ही 60 से 80 प्रतिशत तक बच्चे स्कूल पहुंचे। कुछ पेरेंट्स के साथ तो कुछ स्कूल ट्रांसपोर्ट से...। डीपीएस नीलबड़ में 10वीं-12वीं के 256 बच्चों में से 204 स्कूल पहुंच रहे हैं। पेरेंट्स और स्कूल आ रहे बच्चों का फीडबैक है कि फिजिकल पढ़ाई ऑनलाइन क्लास से 10 गुना बेहतर है।

स्टूडेंट्स का अनुभव: टीचर्स से फेस टू फेस इंटरेक्शन अहम

ऑनलाइन में डाउट क्लीयर नहीं हो पाते: सेंट जोसफ कोएड में 12वीं के स्टूडेंट रुद्रांश भारद्वाज कहते हैं- ऑनलाइन क्लासेस में पढ़ाई तो हो जाती थी, लेकिन डाउट क्लीयर नहीं हो पाते थे। अब, टीचर्स के साथ क्लास में फेस-टू-फेस इंटरेक्शन से सारे डाउट क्लीयर कर रहा हूं। ऑनलाइन क्लासेस का असर आंखों पर भी पढ़ा।

दो दिन की क्लास सालभर की ऑनलाइन स्टडी के बराबर : सेंट जेवियर्स स्कूल में 10वीं क्लास के स्टूडेंट फखरुद्ददीन खान कहते हैं, स्कूल खुलते ही डाउट क्लीयर करने के लिए सिर्फ दो दिन क्लासेस लगाई गईं। लेकिन, इन दो क्लासेस का इतना ज्यादा असर था, जितना सालभर की ऑनलाइन पढ़ाई में महसूस नहीं हुआ।

अब कॉन्फिडेंस बढ़ रहा है : आनंद विहार स्कूल में 12वीं की स्टूडेंट इशिका चौधरी ने बताया, पूरी क्लास 4 अलग-अलग हिस्सों में बांट दी गई है। क्लास में ज्यादा बच्चे नहीं होते और डिस्टेंसिंग मेंटेन हो रही है। स्कूल जाकर पढ़ाई करने से एग्जाम अच्छा जाने का कॉन्फिडेंस आ रहा है।

पेरेंट्स बोले- स्कूल जाने से दूर होता है बच्चों का अकेलापन

जब मार्केट, रेस्त्रां जा रहे तो स्कूल क्यों नहीं : 10वीं के छात्र विश्रुत की मां संस्मृति मिश्रा ने कहा कि बच्चे घर में रहकर परेशान हो रहे थे। मार्केट, रेस्त्रां व प्ले ग्राउंड तो जा ही रहे हैं, फिर स्कूल में दोस्तों से मिलेंगे तो मेंटल हेल्थ अच्छी ही होगी।

बच्चे अपने आप को सुरक्षित रखना भी सीखें : 10वीं की छात्रा अनुष्का की मां डॉ. मेघा जैन ने कहा कि हमारे ऑफिस वर्क में बिजी होने से बेटी अकेलापन महसूस कर रही थी। अब उसे सिखाने की भी जरूरत है कि खुद को सुरक्षित रख कैसे मूवमेंट बढ़ाई जाए।

एहतियात के बीच तो स्कूल भेजा जा सकता : 11वीं के आरुष की मां शीबा राजेश कहती हैं कि स्कूल में जगह-जगह पर सैनिटाइजर की व्यवस्था है। टीचर्स खुद तैनात हैं कि कोई भी स्टूडेंट डिस्टेंसिंग न तोड़े। इतने एहतियात के बीच तो स्कूल भेजा जा सकता है।

टीचर्स की राय- स्कूल में सब्जेक्ट्स की सही समझ मिलती है

ये पॉजिटिव साइन है

डीपीएस की प्रिंसिपल विनीता मलिक का कहना है कि 80% बच्चों का स्कूल पहुंचना और पेरेंट्स का उन्हें सपोर्ट करना पॉजिटिव साइन है। परीक्षा के तुरंत पहले बहुत जरूरी है कि बच्चों को सभी सब्जेक्ट्स फिर से समझने का मौका और टीचर का सीधा गाइडेंस मिले।

बच्चों का फीडबैक बेहतर

टीएसवीएस के शिखर सेक्शन के हेड डाॅ. दिलीप पांडा ने बताया कि फिलहाल 60% बच्चे स्कूल आ रहे हैं। यह संख्या बताती है कि बच्चे भी फिजिकल एजुकेशन को मिस कर रहे थे। स्कूल आ रहे 90% बच्चों का फीडबैक है कि फिजिकल पढ़ाई ऑनलाइन से 10 गुना बेहतर है।

कंसंट्रेशन बना रहता है

म्यूजिक टीचर बिंदु नंदकुमार ने बताया, ऑनलाइन क्लास में लगातार कंसंट्रेशन बनाकर पढ़ाई करना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन अब स्कूल ओपन हो गए है और ऑफलाइन क्लास में बच्चों का कंसंट्रेशन बना रहता है टीचर्स भी बराबर बच्चों को अटेंशन दे पाते हैं।



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साकेत नगर स्थित सागर पब्लिक स्कूल की लैब में प्रैक्टिकल करते स्टूडेंट्स।


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ग्लोबल स्किल पार्क मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है। पूर्व सरकार के समय आई बाधाओं के कारण देरी हुई है। पूर्व सरकार ने इस पर ध्यान भी नहीं दिया। अब इस स्किल्स पार्क का कार्य अब तेजी से चलना चाहिए। कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। जैसा मुझे जैसा प्रेजेंटेशन दिखाया है प्रोजेक्ट वैसा ही बनना चाहिए।

इसमें किसी प्रकार गलती होती है तो अधिकारियों को टांग दिया जाएगा। ये तल्ख तेवर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को सिंगापुर के तकनीकी परामर्श एवं सहयोग से नरेला शंकरी में 30 एकड़ के क्षेत्र में किए जा रहे ग्लोबल स्किल पार्क के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते समय दिखाए।

बताया अपना सपना- सीएम ने कहा कि इस पार्क के लिए 2017 में योजना तैयार की थी। दिसम्बर-2022 के पहले ही इसे विश्वस्तरीय पार्क बनाने का संकल्प है। सपना यह है कि बच्चों के हाथ में इतना हुनर आ जाए कि उन्हें प्लेसमेंट मिल जाए। इस प्रोजेक्ट की लागत 1548 करोड़ है। तकनीकी शिक्षा मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने बताया कि कोविड-19 की महामारी जैसी समस्या को ध्यान में रखकर इसमें कुछ बदलाव प्रस्तावित किए हैं। ताकि भविष्य में इस तरह कोई स्थिति बनती है तो उसका सामना किया जा सके।

स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार शुरू होंगे ट्रेड

11 ट्रेड के अलावा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार अन्य ट्रेड भी प्रारंभ किये जा सकते हैं। प्रशिक्षण के लिये जो ट्रेड तय किये गये हैं उनमें मेकाट्रोनिक्स, मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स, पॉवर एंड कंट्रोल, नेटवर्क एंड सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडिशनिंग, मैकेनिकल एण्ड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज, ऑटोमोटिव, मैकेनिकल टेक्नोलॉजी, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और प्रिसिजन इंजीनियरिंग (ग्लोबल स्किल्स पार्क सिटी कैंपस में संचालित) शामिल हैं।

5 साल में 40 हजार को ट्रेनिंग

शुरुआत में हर वर्ष 6 हजार छात्र और बाद में 10 हजार को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 5 वर्ष में 40 हजार छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों पर मेगा आईटीआई संचालित होंगी। इनका कार्य हाउसिंग बोर्ड द्वारा पूरा किया जाएगा।



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सीएम बोले- दिसंबर 2022 के पहले इसे विश्वस्तरीय बनाने का है संकल्प


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