November 2020

जेएएच परिसर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से कोरोना संक्रमित बंदी जावेद खराब मौसम, अंधेरे का लाभ लेकर प्रशासनिक कमियों की वजह से भाग गया था। यह सार घटना की मजिस्ट्रियल जांच में निकला है। जांच अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य ने की। घटना 6 जुलाई की रात 10.49 बजे हुई थी, तब जेल के दो प्रहरी जावेद को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। उक्त जांच छह बिंदुओं को आधार मानकर की गई।

ये निकला जांच में.... दाेनाें प्रहरियाें पर विभागीय जांच की कार्रवाई हो सकती है

  • तेज आंधी, बारिश, स्ट्रीट लाइट बंद देख बंदी ने पेशाब का बहाना किया और भाग गया।
  • बंदी के पहुंचने के वक्त बना खराब मौसम और अंधेरा ही घटना का मुख्य कारण रहे।
  • बंदी के भागने की घटना नहीं होती यदि जेल वाहन होता और अस्पताल में पहले सूचना दी गई होती।
  • ड्यूटी पर तैनात दोनों प्रहरियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी थी, विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
  • प्रहरियों के कहने के बाद भी बंदी को अस्पताल ले जाने के लिए सशस्त्र गार्ड मुहैया नहीं कराया गया। भविष्य में ऐसा न हो।
  • बहुत जरूरी न हो तो रात में बंदी कहीं न भेजे जाएं। भविष्य में डॉक्टरों के परामर्श व दस्तावेज पूरे होने के बाद ही बंदी भेजे जाएं।

कोरोना ने रोकी जेएएच से जुड़ीं दो और जांचें

  • 14 अगस्त को दो मरीजों की मौत के बाद उनकी बॉडी बदलकर परिजनों तक पहुंची थीं। इसकी मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। कोरोना के कारण डॉ. सार्थक जुगरान ने कुछ वक्त लिया है। इसी कारण देरी हुई है।
  • 21 नवंबर को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आग लगी। घटना की जांच लश्कर एसडीएम को करनी है। सीएसपी लश्कर के स्वास्थ्य के कारण जांच रुकी है।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Kareena Positive Javed had run away from the hospital due to negligence of guards and not sending armed guards


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

जिले में दलित पर लगातार अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। गोंदन के बाद अब सेवनी गांव में दबंगों ने दलित परिवार पर कहर ढहाया। आरोपी दबंगों ने खेत जोतने के विवाद पर युवक का सिर फोड़ दिया और कुल्हाड़ी से हाथ की अंगुली काट दी। बचाने आई मां को भी लात घूसों से पीटा। घटना सोमवार दोपहर एक बजे की बताई गई। पुलिस ने आरोपियों पर मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

ग्राम सेवनी निवासी फरियादी शिवराम (22) पुत्र अशोक प्रजापति सोमवार को दोपहर में घायल अवस्था में अपनी मां कुंती के साथ इंदरगढ़ थाने पहुंचा और बताया- उसका गांव के ही रामदास और हरनारायण कुशवाहा से जमीन विवाद चल रहा है। सोमवार को दोपहर एक बजे शिवराम अपनी मां के साथ खेत पर पहुंचा तो वहां हरनारायण और रामदास कुशवाहा फरियादी के खेत पर बैठे मिले। आरोपियों ने फरियादी शिवराम से कहा कि यह खेत तुम नहीं जोतोगे बल्कि हम खुद जोतेंगे।

फरियादी ने कहा कि यह खेत हमारा है इसलिए हम जोतेंगे। इसी बात पर आरोपियों ने शिवराम और उसकी मां के साथ गाली गलौज की। मना करने पर आरोपियों ने लाठी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जिससे शिवराम के सिर में कुल्हाड़ी लग गई जिससे उसका सिर फूट गया। इसके बाद आरोपियों ने हाथ काटना चाहे लेकिन हाथ के बजाए शिवराम की अंगुली कटकर अलग हो गई। बचाने आई मां कुंति की भी लात घूसों से मारपीट कर उसे भी घायल कर दिया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतीकात्मक फोटो


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

कार्तिक पूर्णिमा पर नर्मदा-तवा के संगम बांद्राभान पर स्नान का बड़ा महत्व है। प्रशासन ने स्नान पर राेक लगाई थी लेकिन आस्था के आगे चुनाैती कमजाेर पड़ गई। श्रद्धालुओं ने बांद्राभान संगम सहित नर्मदा घाटाें पर स्नान किया।

बांद्राभान में संगम पर भले श्रद्धालु कम नजर आए लेकिन नर्मदा और तवा के जल का अंतर साफ दिखा। गहराई के कारण नर्मदा जल में रेत नहीं दिखाई दी तो वहीं तवा का जल उथला होने जल के अंदर रेत साफ नजर आई।

काेराेना के कारण इस वर्ष बांद्राभान मेला नहीं लगा। जिला प्रशासन सहित शहर के प्रबुद्ध लाेगाें ने मेला नहीं लगाने काे लेकर शांति समिति की बैठक में सहमति जताई थी। इसके बाद प्रशासन ने निर्णय लिया गया था कि मेला आयाेजित नहीं किया जाएगा।

इन कारणाें से नर्मदा और तवा नदी संगम का महत्व

कार्तिक स्नान : कार्तिक मास में महिलाएं व्रत और हर दिन नर्मदा स्नान करती हैं। पूर्णिमा पर व्रत का समापन करते हैं, इसलिए स्नान का महत्व है।

कथा, पूजन : कार्तिक पूर्णिमा पर परिवार सहित स्नान और नर्मदा पूजन के साथ भगवान सत्यनारायण की कथा, पूजन का पुण्य माना है।

मुंडन, नर्मदा परिक्रमा : बच्चाें का मुंडन नर्मदा तट पर कराया। वहीं कार्तिक पूर्णिमा के दिन संकल्प लेकर लाेग नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना हुए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
नर्मदा के गहरे और तवा के उथले पानी के संगम पर डुबकी


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

बुदनी में प्रकाश पर्व पर सोमवार को एक ट्रक वाले की लापरवाही से समाज की प्रतिभाशाली बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। पिता के साथ गुरुद्वारे जा रही 14 साल की सॉफ्टबॉल नेशनल प्लेयर शैलजा तनेजा को ट्रक ने कुचल दिया। हादसा दोपहर 1.30 बजे बुदनी ओवरब्रिज की सलकनपुर रोड वाली ढलान पर हुआ। ओवरब्रिज के नीचे गुरुद्वारा है। बालिका शैलजा अपने पिता प्रेमकुमार के साथ स्कूटी पर बैठ कर वहीं जा रही थी।

ओवरब्रिज क्रॉस करते वक्त ढलान में तेज रफ्तार से आए ट्रक (एचआर 38 एम 6593) ने स्कूटी को टक्कर मार दी। शैलजा स्कूटी से ट्रक के दोनों अगले चक्कों के बीच में जा गिरी। उसके पिता ट्रक के अगले बाएं चक्के में फंसी स्कूटी के साथ फंस गए। यह देख आसपास के दुकानदार चिल्लाए। घबराया ड्राइवर तेज रफ्तार से ट्रक भगाने लगा। इससे शैलजा ट्रक के पिछले चक्कों से कुचल गई।

अगले चक्के में फंसी हुई स्कूटी को ट्रक घसीटता हुआ तकरीबन 500 मीटर तक ले गया। स्कूटी में फंसे प्रेमकुमार ने ट्रक के एक एंगल को पकड़े रखा, जिससे उनकी जान बच गई। जांघ, पैर और हाथों में रगड़ आई। भाग्यश्री कॉलोनी के सामने ट्रक रुका, जहां लोगों ने ड्राइवर को ट्रक से उतार कर धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया।

जनवरी 2020 में तमिलनाडु में खेला था नेशनल

शैलजा बुदनी के डीडी कॉन्वेंट स्कूल की 8वीं की छात्रा और सॉफ्टबॉल की अच्छी खिलाड़ी थी। जनवरी 2020 में तमिलनाडु में नेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। अगला टूर्नामेंट महाराष्ट्र में था पर लॉकडाउन के कारण स्थगित हो गया। शैलजा घर पर ही प्रैक्टिस कर रही थी। वह प्रेमकुमार तनेजा की मझली बेटी थी। बड़ी बहन और छाेटा भाई है। प्रेम कुमार की बुदनी में जनरल स्टाेर दुकान है।

स्पीडब्रेकर ना होने से तेज रहती है रफ्तार

घायल प्रेमकुमार के भाई और बालिका के चाचा संतोष तनेजा स्कूटी के आगे ही अपने वाहन से चल रहे थे। ब्रिज क्रॉस कर गुरुद्वारे वाले रोड पर भाई के आने का इंतजार कर रहे थे। उनकी आंखों के सामने ही हादसा हुआ। ब्रिज के नीचे स्पीडब्रेकर नहीं हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है-ढलान में वाहन बहुत तेज स्पीड में होते हैं। ऐसे में ब्रिज की सर्विस रोड की ओर टर्न लेने वालों के लिए हमेशा ही खतरा बना रहता है। बुदनी के राकेश तनेजा ने बताया मेरी भांजी की भी ऐसे ही एक हादसे में 3 साल पहले मौत हुई थी। यहां स्पीड ब्रेकर बनने चाहिए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
अगले चक्के में फंसी स्कूटी को 500 मीटर घसीटता ले गया ट्रक


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में लिमिट का पेंच सुलझ गया है। अब साेहागपुर, पिपरिया और बनखेड़ी में 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और सिवनीमालवा, केसला, हाेशंगाबाद में 43 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मान से खरीदी की जाएगी। जिले में 16 नवंबर से शुरू हुई समर्थन मूल्य की धान खरीदी में उपज की खरीदी लिमिट तहसीलवार अलग-अलग एवं कम होने से किसान नाराज थे।

किसान संगठन भी लिमिट बढ़ाने की मांग कर रहे थे। विधायक विजयपाल ने मुख्यमंत्री से चर्चा की थी। इस संबंध में कलेक्टर धनंजय सिंह भदौरिया ने भी शासन को पत्र लिखा था कि किसानों की मांग लगातार हो रही थी कि धान खरीदी की मात्रा बढ़ाई जाए। सहायक जिला आपूर्ति नियंत्रक अनिल तंतुवाय ने बताया शासन का आदेश आ गया है जिसमें खरीदी लिमिट में वृद्धि कर दी गई है जो 50 से 43 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक है।

लिमिट बढ़ने से केंद्रों पर बढ़ेगी उपज की आवक

खरीदी में उपज की लिमिट बढ़ने से अब जिले के सभी खरीदी केंद्रों पर किसानों की आवक बढ़ जाएगी। जिले में 45 केंद्रों से खरीदी हाे रही है। लेकिन कई केंद्रों पर अब तक उपज की आवक अच्छी तरह से नहीं हो रही है। खरीदी जा रही उपज की मात्रा कम होने से अब तक किसान केंद्रों पर इसलिए उपज लेकर नहीं जा रहे थे कि कम उपज बेचने के बाद यदि खरीदी लिमिट बढ़ती है तो उन्हें फिर भाड़ा लगाकर उपज बेचने जाना पड़ेगा।

अब तक यह हुई खरीदी

जिले में 16 नवंबर से शुरू हुई खरीदी में अब तक 1550 किसानों से 56 हजार 780 क्विंटल की खरीदी हो गई है। इसमें 47 हजार 303 क्विंटल धान का परिवहन हाे गया है। 1.35 कराेड़ का भुगतान हाे गया है। किसानों को अब नई व्यवस्था के तहत मैसेज आना भी शुरू हो गए हैं जिससे किसानों की आवक केंद्रों पर बढ़ना शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में धान की आवक और बढ़ेगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में लिमिट का पेंच सुलझ गया


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

फेफरताल से 22 नवंबर को अपह्रत हुई 14 वर्षीय बालिका काे साेमवार काे यूपी में नेपाल बाॅर्डर से सकुशल ढूंढ लिया है। यूपी अमराेहा निवासी युवक फरहान अंसारी काे भी पुलिस ने पकड़ा है। बच्ची और आराेपी युवक काे मंगलवार शाम तक हाेशंगाबाद लाया जा सकता है।

मीणा समाज शक्ति संगठन के प्रदेश पदाधिकारी माखन मीणा ने बताया सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बच्ची के मिलने की सूचना दी। आरोपी को भी पकड़ लिया है। मंगलवार शाम तक पुलिस उन्हें लेकर होशंगाबाद पहुंचेगी। देहात टीआई हेमंंत श्रीवास्तव ने बताया टीम गई है। अभी तक नाबालिग दस्तयाब नहीं हुई है।

परिजनों और हिंदूवादी संगठनाें ने किया था प्रदर्शन

फेफरताल निवासी बालिका के परिजनाें ने देहात थाने में उसकी गुमशुुदगी और अपहरण का केस दर्ज करवाया था। अमराेहा यूपी निवासी फरहान अंसारी पर बच्ची के अपहरण का शक जताया था। शनिवार काे हिंदूवादी संगठनाें और मीणा समाज के लाेगाें ने प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद एसपी संताेष सिंह गाैर के निर्देश पर एसडीओपी मंजू चाैहान ने तुरंत टीम गठित कर यूपी और दिल्ली भेजी थी। अगले दिन परिजन और मीणा समाज के लाेग मुख्यमंत्री से भी मिले थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतिकात्मक फोटो


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

पिता के हत्यारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक शनिवार रात अपने पिता की हत्या करने वाला आरोपी ध्याना आदिवासी अपनी बहन के घर भवारदा छीपावड़ (हरदा) की ओर जा रहा है। पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया।

पूछताछ में उसने कबूला कि साैतेले पिता छोटेलाल भल्लावी (80) खर्चा नहीं देते थे। हिस्से की जमीन देने में भी आनाकानी कर रहे थे। इस पर विवाद हुआ था। पुलिस आराेपी ध्याना काे मंगलवार को न्यायालय में पेश करेगी। गाैरतलब है कि मढावन गांव में अलाव तापते समय ध्याना आदिवासी ने पिता छोटेलाल भल्लावी (80) की ईंट और प्रेस मारकर हत्या कर दी थी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतिकात्मक फोटो


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

स्टेट हाईवे रोड 22 पर चीचली नहर की पुलिया के पास सोमवार की सुबह 5:30 बजे कार और मैजिक ऑटो के बीच भिड़ंत हो गई। इसमें एक दर्जन भर से अधिक लोग घायल हाे गए। जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल 5 लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने वाहन क्रमांक एमपी 37/2538 के चालक पर केस दर्ज किया है। घायलों में निशा पटेल, आरती 10 वर्ष, भारती 7 वर्ष, अजय 7 वर्ष, राघवेंद्र 37 वर्ष, सावित्री पटेल 21 वर्ष, प्रिंस उर्फ पुष्पराज 11 वर्ष, लल्लू और पुष्पेंद्र 13 वर्ष एवं राजेश बंजारा उम्र 35 वर्ष निवासी रीवा घायल हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि सभी लोग शादी समारोह से घर वापस लौट रहे थे। उसी समय चीचली नहर की पुलिया के पास हादसा हो गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सांकेतिक फोटो


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

सिख धर्म के पहले गुरु गुरुनानक देवजी के 551वें प्रकाश पर्व पर मंगलवारा स्थित प्राचीन गुरुद्वारे में विशेष अरदास की गई। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी हाेशंगाबाद ने इस बार काेराेना से सतर्कता रखते हुए इस बार बर्तन सेवा न कर पत्तल-दाेनाें में लंगर छकाया।

देश से काेराेना संक्रमण पूरी तरह से खत्म हाेने और किसान आंदाेलन काे सफल बनाने के लिए अरदास की। इसके लिए गुरुद्वारे में अरदास की गई। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के काेषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह अराेरा ने बर्तन की सेवा करने वालाें की संख्या बढ़ जाती है। साेशल डिस्टेंस का पालन नहीं हाेता इसलिए कमेटी ने इस बार स्टील के बर्तन में लंगर नहीं कराने का निर्णय लिया।

गुरुद्वारे में रात तक चले शबद कीर्तन

साेमवार काे अखंड पाठ साहिब का समापन हुअा। कीर्तन हजूरी रागी हरभजन सिंह, कीर्तन रागी जत्था परमजीत सिंह खालसा द्वारा किया गया। रात में कीर्तन स्त्री सत्संग जत्था, कीर्तन भाई परमजीत सिंह खालसा ने किया।

भीड़ के कारण नहीं निकाला नगर कीर्तन

साेमवार काे पहला माैका था जब गुरुनानकजी के प्रकाश पर्व पर शहर के मुख्य मार्गाें पर नगर कीर्तन नहीं निकाला गया। 1973 के बाद से गुरुद्वारे से प्रतिवर्ष नगर कीर्तन किया जा रहा है। लेकिन इस साल नगर कीर्तन नहीं निकाला गया।

सरब राेग का अउखदु नामु ।।
कलिआण रूप मंगल गुण गाम ।।

अर्थ : डाॅ. सुरिंदरजीत सिंघ ने बताया कि सभी प्रकार के दुखाें का नाश करने वाला भगवान का नाम है। भगवान का नाम जपने से सभी प्रकार के दुख, राेग का नाश हाेता है। हम वाहे गुरुजी के आगे अरदास करते हैं कि जाे भी बीमारियां दुनिया में फैल रही हैं उनका नाश हाे। भगवान की कृपा सब पर बनी रहे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
551वां प्रकाश पर्व


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

लगातार कार्रवाई के बाद भी माफिया रेत का अवैध कारोबार करना बंद नहीं कर रहा। तवा नदी की मराेड़ा, पवारखेड़ा और चपलासर में पोकलेन से अवैध रेत निकाली जा रही है। कुछ दिन पहले वैध खदानाें पर पाेकलेन पकड़ने की कार्रवाई की।

पुलिस से लेकर खनिज विभाग आए दिन रेत से भरे डंपर, ट्रक जब्त करता है। बावजूद इसके पूरी तरह से रेत के अवैध परिवहन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिले में 109 खदानें किसी के पास नहीं हैं। इन रेत खदानों को ठेकेदार आने के बाद शुरू करने की कार्रवाई करेगा। रेत खदानें जो आवंटित नहीं हैं। उनसे अवैध और ओवरलोड परिवहन हो रहा है। इसके कारण जिले की सड़कों की हालात खराब हो रही है।

पुलिस और खनिज विभाग ने 170 से अधिक मामलाें में रेत चाेरी का प्रकरण भी दर्ज कराया है। पकड़े गए डंपरों में रेत निर्धारित क्षमता से अधिक भरी थी। डंपरों को जब्त कर थानों में खड़ा कर प्रकरण तैयार किया। कुछ डंपर में तो राॅयल्टी भी नहीं मिलती है। जिला खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला ने बताया रेत चोरों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। नाकों पर भी जांच होती है।

रात में भी रेत चाेरी

रेत डंपरों के जब्त होने की कार्रवाई से रेत के अवैध परिवहन होने का खुलासा तो हुआ, लेकिन इस पर रोक लगाने में प्रशासन नाकाम रहा है। कार्रवाई के बाद अधिक संख्या में रात काे रेत का अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है।

एक हजार से ज्यादा मजदूरों के पास नहीं रोजगार : शासन ने जिले में हजारों मजदूरों को करोड़ों रुपए का बोनस का भुगतान नहीं किया है। जबकि शासन ने पिछले दो साल में इसके लिए 140 करोड़ रुपए बोनस के नाम पर रोक रखे हैं। जिले में सभी खदानें शुरू नहीं होने से 1 हजार से ज्यादा मजदूर बेरोजगार बैठे हैं। मजदूरों ने बताया उनके पास रोजगार नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है। बोनस भी नहीं दिया गया है।

पंचायतों की बंद खदानों से हाे रहा अवैध खनन

जिले में पंचायतों की 16 बंद रेत खदानाें से रेत का अवैध खनन हाे रहा है। नए ठेकेदार के आने से पहले इन क्षेत्रों में रेत का अवैध खनन हाे रहा है। जिले में केवल 9 रेत की खदान ही संचालित हाे रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
जब्त डंपरों से खाली कराई रेत पुलिस लाइन में सड़क पर फैल रही है।


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

धरमकुंडी से इटारसी तक 30 किमी लंबी सड़क बननी है किंतु 4 साल में काम पूरा नहीं हुआ। यानी एक साल में सड़क निर्माण कंपनी 7.5 किमी सड़क नहीं बना पाई। पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण कंपनी को नोटिस दिया है। अगली डेडलाइन मार्च 2021 दी गई है किंतु विभागीय अधिकारी खुद मान रहे हैं कि काम छह महीने के पहले पूरा नहीं हो पाएगा।

ठेका कंपनी बार-बार निर्माण कार्य की समय अवधि बढ़वा रही है। निर्माण में देरी होने से तकरीबन 50 गांवों और शहर की 12 कॉलोनियों के रहवासी परेशान हैं। नेशनल हाईवे से जमानी-धरमकुंडी मार्ग पर आचार्य मंगल भवन के मोड़ पर रोज सड़क जाम मिलती है। स्थानीय निवासी पूर्व पार्षद अरविंद चंद्रवंशी ने कहा, जुझारपुर रेल्वे गेट तक उबड़-खाबड़ रास्ते पर वाहन 10-15 किमी की स्पीड से ज्यादा नहीं चल पाते।

यहां से ऑयल डिपो के टैंकर और एफसीआई गोदाम के ट्रक दिन भर निकलते हैं। जमानी रोड और उससे लगे गांवों के लोग भी साइकिल, बाइक, ट्रैक्टर, कार-जीप से आते-जाते हैं। सड़क इनके पहियों से गिट्टी उचकतीं हैं और धूल के गुबार उठते हैं।

फैक्ट फाइल: निर्माणाधीन सड़क धरमकुंडी से इटारसी

लंबाई : 30.6 किलोमीटर।
चौड़ाई : 10 मीटर।
लागत : लगभग 54 करोड़ रुपए।
कार्य शुरू : अक्टूबर 2016।
डेडलाइन : 28 जून 2018।
देरी : 2 साल 5 माह से।

फैक्ट फाइल: अधूरा कार्य : 4 साल में नहीं बन सकी 30 किमी सड़क।

प्रभावित गांव : 48
कॉलोनियां : 12
शिवाजी नगर, प्यासा नगर, चैतन्य नगर, वृंदावन कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी, दीवान कॉलोनी, कृष्णा विहार कॉलोनी, कैलाश विहार कॉलोनी, शिवराजपुरी कॉलोनी, ग्रीन वेली कॉलोनी, चयन कॉलोनी, पलकमती नगर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी।

सड़क निर्माण में लेटलतीफी से यह परेशानी

सड़क पर वाहनों में टूटफूट और टायर-ट्यूब में कट लगना।
कच्चे रास्ते पर गिट्टी उचटने व धूल उड़ने की समस्या।
बारिश होने पर कीचड़ व पानी से भरे गड्ढे।
किसानों को अपनी उपज मंडी में लाना मुश्किल।
जमानी तक 12 किमी की दूरी में 45 मिनट लगना।
धरमकुंडी होकर हरदा-इंदौर रूट के आवागमन में बाधा।

एसडीओ बोले - कंपनी टाइम एक्सटेंशन करवा लेती है

निर्माण कार्य में देरी पर कंपनी को कई बार नोटिस जारी किए गए। कंपनी टाइम एक्सटेंशन करवा लेती हैं। दूसरी ठेका कंपनी को काम देते तो नए सिरे से प्रक्रिया करनी पड़ती। इस समय काम चल रहा है। अगली डेडलाइन मार्च 2021 है। पहले सोल्डर, गेप व पुलियाओं का काम करवाया जा रहा है। देरी होने पर पेनाल्टी लगाने का प्रावधान है।

-आरएस विश्वकर्मा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, सिवनीमालवा



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सड़क निर्माण में लेटलतीफी से हो रही परेशानी


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

नगर कांग्रेस कमेटी की बैठक साेमवार काे पत्रकार भवन में शाम तक चली। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने एवं आगामी नगरीय निकायों के चुनाव की तैयारियों की रूपरेखा व रणनीति बनाने पर चर्चा की। वार्ड व बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को कार्य सौंपने के लिए वार्ड स्तर पर बैठकों का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। यह भी कहा गया कि जनहित की समस्याओं को उठाना है। कांग्रेस के सह संगठनों के विस्तार व कार्य विभाजन की चर्चा भी हुई।

बैठक में पूर्व विधायक विजय दुबे काकू भाई, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्येंद्र फौजदार, जिला उपाध्यक्ष पाली भाटिया, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रवि जायसवाल, नीलम गांधी, पूर्व मंडी अध्यक्ष रमेश वामने, वरिष्ठ नेता मोहन झालिया,अजय शुक्ला, प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार केलू उपाध्याय, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष माधवी मिश्रा नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज राठौर मौजूद थे।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष सत्येंद्र फौजदार ने कहा जल्द ही जिला कांग्रेस कमेटी भी गठित की जाएगी। अपने स्तर जो कार्यकर्ता सक्रियता से कार्य कर सकता हो वह पद पर होगा। एक वार्ड में दो प्रभारी बनाए जाएंगे जो वार्ड की सारी गतिविधियों पर नजर रखकर कार्य करेंगे। जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राजनीतिक द्वेषवश झूठे प्रकरणों में फंसाया गया हो उनकी सूची प्रदेश कांग्रेस को शीघ्र दी जाए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
पत्रकार भवन में कांग्रेस की बैठक हुई


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

एमपी के उज्जैन पुलिस को सोमवार की रात आठ बजे उस वक्त बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब मुखबिर की सूचना पर सुरासा नाके पर वाहन चेकिंग के दौरान शराब लदी ट्रक पकड़ी। उसमें 580 पेटी अंग्रेजी शराब लदी थी, जिसकी कीमत 65 लाख रुपए आंकी जा रही है। ऑटो पार्ट्स की बिल्टी पर शराब की तस्करी की जा रही थी। चिमनगंज मंडी पुलिस ने क्लीनर को हिरासत में ले लिया है जबकि ड्राइवर मौका पाकर फरार हो गया।

टीआई अजीत तिवारी ने बताया कि सोमवार की शाम आगर रोड स्थित सुरासा नाके पर वाहनों की चेकिंग चल रही थी। इसी बीच मुखबिर ने सूचना दी कि आगर की ओर से एक मिनी ट्रक पर अवैध शराब तस्करी कर ले जाई जा रही है। जिस पर नाके पर ही पुलिस जवानों को घेराबंदी के लिए लगा दिया गया। रात करीब आठ बजे आगर की ओर से एक मिनी ट्रक आती दिखाई दी। उसे रुकने का इशारा किया गया। ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी। पूछने पर बताया कि गाड़ी में आटो पार्ट्स लदा है, जो इंदौर जा रहा है। शक होने पर ट्रक (जीजे 31 टी 3878) का तिरपाल हटाया गया तो उसमें शराब की पेटियां लदी थीं। इसी बीच ड्राइवर मौका पाकर फरार हो गया। क्लीनर भी भागने की कोशिश कर रहा था लेकिन पुलिस जवानों ने उसे पकड़ लिया। ट्रक से एक ब्रांड की 360 और एक अन्य ब्रांड की 180 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त हुई, जिसकी कीमत करीब 65 लाख रुपए है। पकड़े गए क्लीनर की पहचान करण पिता चूनाराम निवासी कोडियासर फतेहगढ़ जैसलमेर राजस्थान के रूप में हुई। जबकि ड्राइवर का नाम महेश बताया जा रहा है।

इसी ट्रक से शराब की तस्करी की जा रही थी

लुधियाना से इंदौर और इंदौर से राजकोट के लिए ऑटो पार्ट्स की बिल्टी थी

जांच में ट्रक से मिले कागजात से पता चला कि बिल्टी लुधियाना से इंदौर के लिए ऑटो पार्ट्स की थी। जो मे. श्रेयांश ओवरसीज ट्रेडिंग कंपनी फ्लैट क्रमांक 102, 11/3 साउथ तुकोगंज इंदौर के नाम थी। ट्रक से ऑटो पार्ट्स की एक और बिल्टी बरामद हुई, जो इंदौर से राजकोट के लिए बनी थी। यह बिल्टी मे. बडालिया वर्सेस ट्रेडिंग कंपनी श्रीनाथ कॉम्प्लेक्स ब्लॉक क्रमांक-3 विरावल टाकुदा संगम विलेज वीरावल तालुका कोटडा राजकोट गुजराज के नाम थी। ट्रक गुजरात के 152 वानियाफाड़ी गांव 1 तालुका धनसुरा मोडासा के चेतन कुमार जोशी पिता कन्हैया लाल के नाम रजिस्टर्ड है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
चिमनगंज मंडी थाने में जब्त शराब की पेटियां


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

चिमनगंजमंडी थाना क्षेत्र के दुर्गा कॉलोनी में रहने वाले नितेश पिता अमृतलाल सोनी (23) ने रविवार रात जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। जहर खाने के बाद उसने दोस्त सुमित को फोन किया। बोला, भाई मैंने जहर खा लिया है। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर आए। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

आत्महत्या की वजह नितेश का इंदिरा नगर में रहने वाली किसी युवती से प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। परिजनों ने बताया कि नितेश पटनी बाजार में एक दुकान पर नौकरी करता था। वह रोज रात में छत पर युवती से बात करता था। रविवार रात को भी वह छत पर युवती से बात कर रहा था। दोनों में किसी बात काे लेकर कहासुनी होने लगी। गुस्से में आकर नितेश ने जहरीला पदार्थ खा लिया।

हादसे के समय पिता घर में सो रहे थे। मां खाना बना रही थीं। दोनों भाई भी घर पर नहीं थे। इसी बीच जब सुमित आया तो घरवालों को हादसे की जानकारी हुई। तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लाए। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। नितेश के जहर खा लेने की खबर मिलते ही युवती भी अस्पताल आई थी लेकिन हालत नाजुक देख वह चली गई। पुलिस ने मौके से जहर की पुड़िया बरामद की है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
मृतक नितेश (फाइल फोटो)


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

कलेक्टर गाइड लाइन को धता बताते हुए 41 लाख की जमीन को मात्र 12 लाख में अपने पति रंजीत कर्नाल के ड्राइवर प्रेमकुमार दांगी को नीलाम करना तत्कालीन उज्जैन नायब तहसीलदार दीपाली जाधव (वर्तमान में देवास में तहसीलदार) को महंगा पड़ गया। लोकायुक्त पुलिस की चार्जशीट के बाद शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रजिस्ट्रार ने जब आपत्ति जताई तो दीपाली ने अपने ओहदे का प्रभाव दिखाते हुए रजिस्ट्रार पर दबाव बनाकर रजिस्ट्री करा दी थी।

यह है मामला

दरअसल, उज्जैन तहसील के बमौरा निवासी नाथूलाल ने अपनी 3.21 हेक्टेयर जमीन को बंधक रखकर बैंक से पांच लाख का लोन लिया था। लोन नहीं चुका पाने पर वर्ष 2014 में नाथूलाल की जमीन नीलाम हो गई। तत्कालीन नायब तहसीलदार दीपाली जाधव ने उक्त भूमि को अपने पति रंजीत कर्नाल के ड्राइवर प्रेमकुमार दांगी के पक्ष में महज 12 लाख 11 हजार रुपए में नीलाम कर दी। जबकि उस समय कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार उस भूमि की कीमत 41 लाख 60 हजार रुपए थी। शिकायत होने पर लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने पूरे मामले की जांच की।

नायब तहसीलदार के पति रंजीत कर्नाल

पति के साथ सांठगांठ कर की थी नीलामी

लोकायुक्त पुलिस इंसपेक्टर बंसत श्रीवास्तव ने बताया कि नियमों को ताक पर रखकर नायब तहसीलदार दीपाली ने जमीन की नीलामी की थी। इसमें उसके पति रंजीत कर्नाल ने भी साथ दिया। जांच में पता चला कि नीलामी में प्रेमकुमार दांगी के साथ उज्जैन के अशोक नगर निवासी सहदेव और नीमनवासा के रहने वाले रमेश गुर्जर ने बोली लगाई थी। प्रेमकुमार की बोली 12.11 लाख पर छूटी। प्रेमकुमार ने नीलामी राशि को जमा करने के लिए चेक दिया था लेकिन उसने उसी समय आवेदन देकर चेक वापस ले लिया और उसी दिन तीन बजे तक सरकारी खाते में 12.11 लाख रुपए कैश जमा कर दिया। जांच में पता चला कि प्रेमकुमार के खाते में उस समय इतनी धनराशि नहीं थी तो वह इतना कैश कहां से लाया। लोकायुक्त पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि यह सब मैडम (दीपाली) और साहब (रंजीत) का करा-धरा है। साहब ने ही पैसों की इंतजाम किया था। इंसपेक्टर बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि रंजीत ने अपने इंदौर के पते पर प्रेमकुमार को किराएदार दिखाया था। उसी पते पर प्रेमकुमार का बैंक खाता भी खुलवाया था। प्रेमकुमार के पक्ष में नीलामी करवाने के बाद जमीन की रजिस्ट्री में रंजीत गवाह भी बना। जबकि यह नियमों के विरुद्ध था। नीलामी में पीठासीन अधिकारी का कोई सगा-संबंधी शामिल नहीं हो सकता है।

रजिस्ट्रार ने की थी आपत्ति

जांच अधिकारी बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि मात्र 12 लाख में नीलामी करने को लेकर तत्कालीन रजिस्ट्रार ने प्रेमकुमार के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री करने से मना कर दिया था। तब दीपाली जाधव ने रजिस्ट्रार काे पत्र लिखकर रजिस्ट्री करने का दबाव बनाया।

नीलामी में शामिल होने से किया इंकार

जांच अधिकारी ने बताया कि नीलामी में तीन लोग आए ही नहीं थे। प्रेमकुमार के साथ बोली लगाने वाले सहदेव और रमेश गुर्जर ने लोकायुक्त पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उन्हें न तो नीलामी के बारे में पता था और न ही वे बोली लगाने आए थे। पूरी नीलामी सिर्फ कागजों में की गई।

नोटिस के बावजूद बयान देने नहीं आईं थीं दीपाली

लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान बयान देने के लिए तत्कालीन नायब तहसीलदार दीपाली जाधव को नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह नहीं आईं। उधर, प्रेमकुमार दांगी भी बयान देने के बाद से फरार है। उसकी फरारी में ही इसी साल 15 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
तत्कालीन नायब तहसीलदार दीपाली जाधव


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

कोरोना को लेकर अदूरदर्शी सरकार ओर स्वास्थय महकमे की पोल हाल ही में स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों ने खाेली है। भास्कर के हाथ लगे यह आंकड़े चौंकाते हैं। उज्जैन और देवास में मिले 66 से 94% कोरोना पॉजीटिव होम आइसोलेशन में हैं यानी यहां कुल संक्रमितों में से 6 से 34% ही कोविड सेंटरों में हैं। मंदसौर, शाजापुर, आगर, रतलाम और नीमच में भी कमोबेश यही हाल है।

भास्कर पड़ताल में सामने आया है कि रतलाम में उज्जैन से अधिक संक्रमित मरीज मिलने पर यहां पहुंचे जांच दल ने माना कि संक्रमित की संख्या बढ़ने का कारण पाॅजिटिव मरीजों को होम आइसोलेट करना है, जिनकी मॉनीटरिंग नहीं की जा रही। होम आइसोलेट से पहले यह पता भी नहीं किया जाता कि संक्रमित को रखने के लिए परिवार के पास एक पृथक कमरा विथ अटैच लेथ बॉथ है भी या नहीं। नतीजा 10x50 के घर में रहने वाले संक्रमित अन्य परिजनों को भी संक्रमण की चपेट में ले रहेे हैं।

ये हैं चार सवाल, हमको जिनके जवाब चाहिए

  • संभाग के 7 जिलों के सेंटरों में बेड खाली तो होम आइसोलेशन में रखने में सरकार की मंशा क्या?
  • सातों जिलों की सभी तहसीलों में सरकारी अस्पताल, इन्हें कोविड सेंटर बनाकर संक्रमितों को क्यों नहीं रखा जा रहा...?
  • जगह या मैन पॉवर की समस्या है तो सरकारी स्कूल बंद हैं, यहां अन्य मरीजों को शिफ्ट कर, जावरा की तरह अन्य तहसीलों के संक्रमितों को आइसोलेट करने में आखिर क्या परेशानी है...?
  • मरीजों को स्वच्छ व खुले स्थान में रखने का प्रोटोकाॅल है। क्या सरकार यह मान चुकी कि होम आइसोलेशन में हर मरीज के पास एक कमरा विथ अटैच लेट-बॉथ हैं, जिससे वो अन्य परिजन के संपर्क में नहीं आएगा...?

10x50 जैसे छाेटे घरों वाले संक्रमित से कैसे बचें परिजन

यह स्थिति तब है, जब देश-विदेश में चल रही रिसर्च में यह संभावना जताई जा रही है कि कि शीतकाल मेें कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आ चुकी है। बावजूद उज्जैन में एक्टिव केस 275 में से 182 (66%) संक्रमित होम आइसोलेशन मेें है। देवास में तो हालात और चौंकाने वाले हैं।

यहां मिले 155 एक्टिव केस में से 146 (94%) होम आइसोलेट हैं। रतलाम में 34%, नीमच में 66%, शाजापुर मेें 70%, मंदसौर में 9%,आगर में 68% संक्रमित हाेम आइसोलेशन में रखे गए हैं। यह आंकड़े कोविड केयर सेंटरों के हैं, जहां कम लक्षण के मरीज रखे जाते हैं।

तहसील स्तर पर कोविड सेंटर बनाने से पॉजिटिव केस में आ सकती कमी

पॉजिटिव रेट संभाग मे लगातार बढ़ रहा है। दीपावली के समय बाजारों मे भीड़ इसका एक कारण है। रतलाम में जांच के दौरान यह 42% था जो शनिवार को 34% मिला। वही होम आइसोलेशन का प्रतिशत 42% होना भी एक महत्वपूर्ण कारण रहा है।

त्योहार और शादियों के इस दौर मे होम आइसोलेशन की निगरानी अच्छे से नहीं हो पाई। हमको होम आइसोलेशन को कम करना होगा, तहसील स्तर पर कोविड केयर सेंटर प्रारंभ करने होंगे। रतलाम के जावरा में कोविड केयर सेंटर बहुत अच्छे से कार्य कर रहा है ऐसा ही अन्य जिलों की तहसीलों में भी किया जाना चाहिए।

-डॉ. संजीव कुमरावत, डिप्टी डायरेक्टर, हैल्थ सर्विसेज, उज्जैन संभाग



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सांकेतिक फोटो


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

शहर के अंदर चौराहा व तिराहों पर हादसे रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस प्लान तैयार कर रही है। इन जगहों पर क्या इंतजाम किए जाए कि लोग हादसों का शिकार न हो सके। एसपी सत्येंद्र कुमार ने ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हाल में समीक्षा की, जिसमें शहर के बाहर के ब्लैक स्पाटों के अलावा शहर के अंदर चौराहा व तिराहों को लेकर भी प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।

शहर के अंदर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने व हादसे रोकने के लिए यातायात पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। कई चौराहा व तिराहा समेत ऐसे मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी खुद घूमकर जायजा ले रहे हैं कि कहां क्या सुधार की जरूरत है। मक्सी रोड पंड्याखेड़ी चौराहा पर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद सिग्नल लगाए गए।

इसी के बाद एसपी ने शहर में ब्लैक स्पॉट पर सुधार के लिए ट्रैफिक पुलिस को रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को देने के निर्देश दिए हैं, जिसमें शहर के अंदर के चौराहा व तिराहा भी शामिल हैं। यातायात डीएसपी एचएन बाथम ने बताया शहर में सभी प्रमुख मार्गों के चौराहा व तिराहा पर क्या सुधार होना है, इस बारे में रिपोर्ट नगर निगम समेत अन्य संबंधित विभाग को पुलिस अधीक्षक के माध्यम से भिजवाई जाएगी।

इन चौराहा व तिराहों पर रिपोर्ट के बाद सुधार

  • भरतपुरी आरटीओ तिराहा पर सिग्नल की दूरी अधिक होने से हादसे का खतरा है। दूरी कम तिराहा पर सिग्नल नजदीक करने व संकेतक जरूरी है।
  • ऋषिनगर पंप तिराहा पर लाेग रहवासी क्षेत्र में क्राॅस होते है। यहां दोनों और से वाहन आते हैं। स्पीड ब्रेकर व ब्लिंकर नहीं है।
  • पुलिस ऑफिसर मैस व दुर्गा प्लाजा तिराहा सबसे अधिक हादसों भरा हो गया। यहां रांग साइड से भी वाहन चालक घुसते हैं, जिससे आए दिन हादसे होते है। यहां ब्रेकर बने।
  • माधव क्लब रोड पर धन्नालाल की चाल व फ्रीगंज का मोड़ होने से यहां तिराहा भी ज्यादा जोखिमवाला हो गया।
  • फ्रीगंज में घासमंडी चौराहा पर बड़ी रोटरी बना दी लेकिन यहां चारों दिशा से आने वाले वाहनों की स्पीड रोकने के इंतजाम नहीं।
  • जीरो पाइंट ब्रिज के दोनों उतार पर आने-जाने का रास्ता पुल से लगा होने से आए दिन वाहन चालक आपस में भिड़ते हैं।
  • सांवेर रोड पर सिंधी कॉलोनी तिराहा, वेदनगर तिराहा पर भी स्पीड ब्रेकर बनाए जाते हैं तो हादसे रोके जा सकते हैं।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
देवासरोड स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस चौराहा, जहां रांग साइड जाती कार।


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

चीन और थाईलैंड से आयातित एफडीआई यार्न पर आगामी पांच साल के लिए एंटी डंपिंग शुल्क लगाने की डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (डीजीटीआर) ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय से सिफारिश की है। इससे वीवर्स चिंतित हैं। इससे वीवर्स चिंतित है कि स्थानीय यार्न निर्माता भी यार्न के दाम बढ़ा देंगे।

इससे कपड़ा उत्पादन महंगा हो जाएगा। प्रमुख यार्न निर्माताओं ने फिर से इन मानव निर्मित यार्न पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने के लिए अदालत का सहारा लिया। उसके बाद डीजीटीआर द्वारा सेनेट रिव्यू की गई थी। फिर (डीजीटीआर) ने यार्न पर 40 रुपए प्रति किलो तक डंपिंग रोधी शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है।

शुल्क नहीं लगाने को कहेंगे
^कोरोना के कारण कपड़ा उद्योग की हालत पहले से खराब हो गई है। सरकार एंटी डंपिंग शुल्क लगाती है तो बुनकर मर जाएंगे। हम सरकार से ऐसा नहीं करने को कहें। जरूरी हुआ तो हम कोर्ट में याचिका भी दायर करेंगे।
-अशोक जीरावाला, अध्यक्ष फोगवा



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतीकात्मक फोटो।


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

सूरत-पुरी, गांधीधाम-विशाखापत्तनम, गांधीधाम-केएसआर बेंगलुरू, अहमदाबाद-यशवंतपुर तथा भुज-बरेली के बीच चल रही 6 और विशेष ट्रेनों को एक माह विस्तार दिया गया है। जोधपुर-केएसआर बेंगलुरू तथा अजमेर-मैसूर के बीच चलने वाली दो विशेष ट्रेनें पश्चिम रेलवे के स्टेशनों से होते हुए गुजरेंगी।

ट्रेन सं. 02828/02827 सूरत-पुरी साप्ताहिक त्योहार विशेष ट्रेन के 8 फेरे बढ़ाए हैं। यह ट्रेन इधर से 8 से 29 दिसंबर तक तथा उधर से 6 से 27 दिसंबर तक चलेगी। ट्रेन सं. 08502/08501 गांधीधाम- विशाखापटनम साप्ताहिक त्योहार विशेष ट्रेन के 10 फेरे बढ़ाए गए हैं।

यह ट्रेन गांधीधाम से 6 दिसंबर से 3 जनवरी तक तथा विशाखापत्तनम से 3 से 31 दिसंबर तक चलेगी। 06505/06506 गांधीधाम-केएसआर बेंगलुरू साप्ताहिक त्योहार विशेष ट्रेन के 8 फेरे बढ़ाए गए हैं। यह ट्रेन गांधीधाम से 8 से 29 दिसंबर और केएसआर बेंगलुरू से 5 से 26 दिसंबर तक चलेगी।

06501/06502 अहमदाबाद- यशवंतपुर साप्ताहिक त्योहार विशेष ट्रेन (8 फेरे)
यह ट्रेन अहमदाबाद से 8 से 29 दिसंबर तक और यशवंतपुर से 6 से 27 दिसंबर तक चलेगी। 06507/06502 जोधपुर-केएसआर बेंगलुरू द्विसाप्ताहिक त्योहार विशेष ट्रेन के 18 फेरे बढ़ाए गए हैं। यह ट्रेन जोधपुर से 5 दिसंबर से 2 जनवरी तक केएसआर बेंगलुरू से 2 से 30 दिसंबर तक चलेगी। ट्रेन सं. 06209/06210 अजमेर-मैसूर द्विसाप्ताहिक त्योहार विशेष ट्रेन के 20 फेरे बढ़ाए गए हैं। यह ट्रेन अजमेर से 4 दिसंबर से 3 जनवरी, 2021 तक और मैसूर से 1 से 31 दिसंबर तक चलेगी।

बुकिंग: 30 नवंबर और 1 दिसंबर से शुरू
ट्रेन संख्या 02828 एवं 08502 की बुकिंग 1 दिसंबर से और ट्रेन संख्या 04322 एवं 04312 की बुकिंग 30 नवंबर से निर्धारित पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू होगी। ये सभी ट्रेनें पूरी तरह से आरक्षित ट्रेनों के रूप में चलेंगी।

14 त्योहार विशेष ट्रेनों की 214 ट्रिप बढ़ी

14 और त्योहार विशेष ट्रेनों की 2 जनवरी तक 214 ट्रिप बढ़ाई गई है। सूरत से गुजरने वाली 02989/02990 दादर-अजमेर अब 28 दिसंबर, 09707/09708 बांद्रा-श्री गंगानगर विशेष ट्रेन 2 जनवरी, 02474/02473 बांद्रा-बीकानेर 29 दिसंबर, 02490/02489 दादर-बीकानेर 30 दिसंबर, 04818/04817 दादर-भगत की कोठी 1 जनवरी, 09271/09272 बांद्रा-पटना 28 दिसंबर, 02913/02914 बांद्रा-सहरसा साप्ताहिक 27 दिसंबर, 02929/02930 बांद्रा-जैसलमेर सुपरफास्ट साप्ताहिक 25 दिसंबर, 09027/09028 बांद्रा-जम्मूतवी साप्ताहिक 26 दिसंबर, 09017/09018 बांद्रा-हरिद्वार सुपरफास्ट साप्ताहिक 30 दिसंबर, 09019/09020 उधना-छपरा साप्ताहिक, 27 दिसंबर, 09424/09423 गांधीधाम-तिरुनेलवेली साप्ताहिक 28 दिसंबर, 02939/02940 पुणे-जयपुर सुपरफास्ट त्योहार विशेष ट्रेन वाया वसई रोड (िद्व‍-साप्ताहिक) 30 दिसंबर तक चलेगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
भारतीय रेल (फाइल फोटो)


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

नवंबर में डिस्चार्ज होने वालों की संख्या नए केस की अपेक्षा कम होने से रिकवरी रेट घट रही है। पिछले 15 दिनों में रिकवरी रेट 1 फीसदी तक घट गई है। गनीमत है कि मृत्यु दर स्थिर है। 15 नवंबर को 169 नए मामले आए थे और एक मरीज की मौत हुई थी और 195 मरीज ठीक हुए थे। उस समय कुल पाॅजिटिव की संख्या 39826 और ठीक होने वाले 37470 थे।

1037 मरीजों की मौत हो चुकी थी। उस समय रिकवरी दर 94.08 फीसदी और मृत्यु दर 2.57 फीसदी थी। सोमवार को कुल पाॅजिटिव की संख्या 43655 हो गई। डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 40661 और कुल माैतें 1061 थीं। इससे अब रिकवरी दर 93.14 फीसदी और मृत्यु दर 2.43 फीसदी हो गई है।

सिविल मेडिकल काॅलेज का फैकल्टी डीन भी पाॅजिटिव
सोमवार को सीए, अकाउंटेंट, टेक्सटाइल व्यापारी, स्टूडेंट, सिविल अस्पताल का डीन, कम्प्यूटर ऑपरेटर एलआईसी एजेंट सहित 266 नए संक्रमित मिले। इनमें 212 शहर के और 54 मरीज ग्रामीण के हैं। अब कुल पाॅजीटिव की संख्या 43655 हो गई है। दो मरीजों की इलाज की दौरान के मौत हो गई। अब मौतों की संख्या 1061 पर पहुंच गई है। 224 मरीज डिस्चार्ज हुए। अब तक 40661 मरीज ठीक हो चुके हैं। अब एक्टिव मरीज 1933 हैं।

...इसलिए माैतों पर कंट्रोल
अभी 100 मरीजों में करीब 80 मरीज नाॅर्मल होते हैं। करीब 15 ऑक्सीजन वाले और करीब 5 सिविरियर या वेंटिलेटर के मरीज होते हैं यानी जो मरीज मर रहे हैं। इन्हीं पांच में ही होते हैं। जैसे-जैसे वेंटिलेटर के मरीजों की संख्या कम होगी। पहले 100 में से 30 से 40 मरीज सीरियस आते थे। अब 100 में से 5 से 10 ही आ रहे हैं। लक्षण वाले मरीजों को प्राथमिक इलाज जल्द मिल जाता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कोरोना संदिग्ध का सैंपल लेते स्वास्थ्यकर्मी (प्रतीकात्मक फोटो)


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में रोज कोरोना के 1500 से ज्यादा केस आ रहे हैं, जिसके कारण ऑक्सीजन का उपयोग फिर से बढ़ गया है। हालांकि गंभीर मरीजों की संख्या अभी उतनी नहीं है, जितनी पहली लहर में देखने को मिली थी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने फिर एक बार ऑक्सीजन उत्पादकों को कुल उत्पादन का 50 प्रतिशत ऑक्सीजन मेडिकल के लिए रिजर्व रखने का निर्देश दिया है।

इससे पहले सरकार ने सितंबर में इसी तरह का निर्देश दिया था। अब वापस केस बढ़ने पर नया आदेश जारी किया है। राज्य में हर दिन एक हजार मैट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता है, जिसकी सप्लाई मेडिकल और इंडस्ट्रीयल यूज के लिए की जाती है। सितंबर में कोरोना चरम पर था। उस दौरान दैनिक उपयोग बढ़कर 240 मैट्रिक टन तक पहुंच गया था।

अक्टूबर में केस घटने पर उपयोग 135 मैट्रिक टन रह गया। दीवाली बाद फिर नए और एक्टिव केसों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन का उपयोग बढ़ रहा है। मौजूदा समय में सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन का दैनिक उपयोग 190 मैट्रिक टन पहुंच गया है। एका एक केस बढ़ने से ऑक्सीजन की कमी न हो इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने उत्पादकों को मेडिकल यूज के लिए 50 प्रतिशत स्टाॅक रिजर्व रखने को कहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
ऑक्सीजन सिलेंडर (फाइल फोटो)


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

रेलवे 1 दिसंबर से नया जीरो बेस्ड टाइम टेबल लागू करने जा रहा है। पश्चिम रेलवे ने अब तक 30 से ज्यादा ट्रेनों की नई समय-सारिणी से परिचालन करने की सूची जारी की है। नई समय सारिण के अनुसार सूरत और उधना आने वाली कुछ ट्रेनों को भेस्तान में स्टॉपेज दिया गया है। इसमें उधना स्टेशन पर आने वाली 09051/52 वलसाड-मुजफ्फरपुर साप्ताहिक भी शामिल है।

यानी वलसाड-मुजफ्फरपुर ट्रेन जो पहले उधना स्टेशन पर आती थी वह अब भेस्तान से डायवर्ट होकर जलगांव की ओर चली जाएगी। वलसाड-मुजफ्फरपुर साप्ताहिक ट्रेन है, यह पांच सितंबर को नए शेड्यूल के अनुसार भेस्तान में रुकेगी। पश्चिम रेलवे ने भेस्तान में स्टॉपेज की जानकारी चार महीने पहले देने की बजाय अब जारी की है। अभी तक यात्रियों को इसका कोई मैसेज नहीं भेजा गया है। उधना से वलसाड-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी।

28 मार्च तक की बुकिंग उधना से हो चुकी है
वलसाड-मुजफ्फरपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस की उधना से चार महीने यानी 28 मार्च 2021 तक 16 ट्रिप की बुकिंग अभी से हाे गई है। प्रत्येक ट्रिप में एक हजार यात्रियों ने बुकिंग करवाई है। पांच दिसंबर से यह ट्रेन उधना स्टेशन पर नहीं आएगी। भेस्तान से बाइपास के जरिए होते हुए जलगांव रवाना हो जाएगी।

रेलवे द्वारा 5 दिसंबर को सफर करने वाले यात्रियों को अभी तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है। अधिकांश यात्री एजेंट से टिकट बुक करवाते हैं। एजेंट यात्री की जगह अपना मोबाइल नंबर लिख देते हैं, इससे यात्रियों को ट्रेन के भेस्तान से रवाना होने की सही जानकारी नहीं मिल पाएगी।

व्यवस्था: यात्रियों को मोबाइल पर मैसेज भेजेंगे
पश्चिम रेलवे ऑपरेटिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रियाें का टिकट रद्द नहीं होगा। यात्रियों के मोबाइल पर स्टॉपेज की जानकारी दी जाएगी। टिकट बुक करवाते समय फॉर्म पर लिखे गए नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा। वलसाड-मुजफ्फरपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 5 दिसंबर को रात 10.20 मिनट पर रवाना होगी और 11.05 मिनट पर भेस्तान पहुंचेगी। यह ट्रेन दूसरे दिन सुबह 6.5 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। वापसी में 7 दिसंबर को मुजफ्फरपुर से रात 10.10 बजे रवाना होगी और दूसरे दिन 12.15 बजे भेस्तान और 1.40 बजे वलसाड पहुंचेगी।

भेस्तान रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव
भेस्तान रेलवे स्टेशन पर इससे पहले बांद्रा-पटना सुपरफास्ट और बांद्रा-सहरसा हमसफर एक्सप्रेस को स्टॉपेज दिया गया है। ये ट्रेनें भी रात में ही भेस्तान स्टेशन पर पहुंचती हैं। भेस्तान रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की लंबाई 14 कोच के बराबर ही है। इसके अलावा पूरे प्लेटफॉर्म पर बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है। प्लेटफॉर्म की ऊंचाई कम होने से अंधेरे में यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने में परेशानी होती है। कोरोनाकाल से पहले यहां पैसेंजर ट्रेनें भी रुकती थी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
ट्रेन (फाइल फोटो)


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

गुरु नानकदेवजी के 551वें प्रकाश उत्सव (अवतार गुरु परब) पर सेामवार काे शहर के सभी गुरुद्वारों में गुरबानी कीर्तन, संकीर्तन परिक्रमा और आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा भटार स्थित गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर साहिब में साध संगत द्वारा शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया। वहीं सिमरन पुष्प वर्षा, बधाइयां, लाेरियाें और आनंद साहिबजी के पाठ का आयोजन किया गया।

काेराेना महामारी के चलते गुरुद्वारे की ओर से हर साल निकाली जा रही यात्रा स्थगित कर दी गई। शहर के गुरुद्वारों में ही यात्रा का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर साहिब में यह यात्रा 55 साल बाद नहीं निकाली जा रही है। वहीं अन्य गुरुद्वारों में भी सीमित संख्या में संकीर्तन और अन्य कार्यक्रमाें का आयोजन किया गया। गुरु परब के अवसर पर शहर के सभी गुरुद्वारों में कई दिन से श्री अखंड साहिब पाठ, संकीर्तन और अन्य भक्ति के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Devotees perform Aarti and Sankirtan Parikrama on the 551st light festival of Guru Nanakdev


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

ग्राम पंचायतों के सरपंच व सचिव गंभीरता के साथ सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करें, जिससे ग्रामीणों की करीब 80 प्रतिशत समस्याओं का पंचायत स्तर पर ही निदान हो सकता है। रविवार को ग्राम बाल्या, पीपरीखेड़ा, बलखड़, अंबा, नलवट, अतरसुंबा, पाल्या फाल्या, बद्री फाल्या, पटेल फाल्या, चौकी फाल्या, टकारा बेड़ी में आयोजित विधायक चौपाल में विधायक सचिन बिरला ने ग्रामीणों से कहा। उन्होंने कहा ग्राम पंचायत ही ग्राम विकास की धुरी है।
ग्रामों की मूलभूत समस्याओं का निदान सरपंच व सचिव की प्राथमिकता होना चाहिए। ग्राम पंचायत, प्रशासन, जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों के परस्पर समन्वय से ही विकास को साकार स्वरूप प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण भी अपने अधिकारों के लिए सजग रहें व विकास कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखें। ग्रामीण विकास कार्यों के लिए सरपंच व सचिव पर निर्भर रहते हैं। ग्रामीण बड़ी उम्मीदों के साथ सरपंच व पंच का चुनाव करते हैं। उन उम्मीदों को पूरा करना सरपंच, पंच व सचिव का कर्त्तव्य है। सरपंचों, पंचों व सचिवों से आह्वान करते हुए कहा पेयजल, आवास, पेंशन, नाली, सड़क, आंगनवाड़ी जैसी मूलभूत जरूरतों को शीघ्रता से पूर्ण करें। ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाएं। सचिवों को जनसंख्या रजिस्टर के आधार पर ग्राम के प्रत्येक घर का सर्वेक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा पात्र हितग्राहियों का श्रमिक पंजीयन व कर्मकार पंजीयन नहीं होने के कारण संबल सहित अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। सचिव प्रत्येक घर का सर्वे करें। सभी समस्याओं का प्रशासन के सहयोग से निदान करने का प्रयास करेंगे। सुदूरवर्ती आदिवासी ग्राम पाल्या फाल्या के ग्रामीणों ने बताया आजादी के बाद से आज तक आदिवासी फाल्या बिजली से वंचित हैं। पेयजल की बड़ी समस्या है। बिरला ने ग्रामीणों से
उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को निराकरण के निर्देश दिए। ग्रामीणों की जरुरत के अनुसार पेयजल टेंकर, सीसी रोड, हैंडपंप, सामुदायिक भवन की घोषणा की।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Sarpanch and Secretary should implement the schemes with seriousness


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget