लगातार कार्रवाई के बाद भी माफिया रेत का अवैध कारोबार करना बंद नहीं कर रहा। तवा नदी की मराेड़ा, पवारखेड़ा और चपलासर में पोकलेन से अवैध रेत निकाली जा रही है। कुछ दिन पहले वैध खदानाें पर पाेकलेन पकड़ने की कार्रवाई की।
पुलिस से लेकर खनिज विभाग आए दिन रेत से भरे डंपर, ट्रक जब्त करता है। बावजूद इसके पूरी तरह से रेत के अवैध परिवहन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिले में 109 खदानें किसी के पास नहीं हैं। इन रेत खदानों को ठेकेदार आने के बाद शुरू करने की कार्रवाई करेगा। रेत खदानें जो आवंटित नहीं हैं। उनसे अवैध और ओवरलोड परिवहन हो रहा है। इसके कारण जिले की सड़कों की हालात खराब हो रही है।
पुलिस और खनिज विभाग ने 170 से अधिक मामलाें में रेत चाेरी का प्रकरण भी दर्ज कराया है। पकड़े गए डंपरों में रेत निर्धारित क्षमता से अधिक भरी थी। डंपरों को जब्त कर थानों में खड़ा कर प्रकरण तैयार किया। कुछ डंपर में तो राॅयल्टी भी नहीं मिलती है। जिला खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला ने बताया रेत चोरों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। नाकों पर भी जांच होती है।
रात में भी रेत चाेरी
रेत डंपरों के जब्त होने की कार्रवाई से रेत के अवैध परिवहन होने का खुलासा तो हुआ, लेकिन इस पर रोक लगाने में प्रशासन नाकाम रहा है। कार्रवाई के बाद अधिक संख्या में रात काे रेत का अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है।
एक हजार से ज्यादा मजदूरों के पास नहीं रोजगार : शासन ने जिले में हजारों मजदूरों को करोड़ों रुपए का बोनस का भुगतान नहीं किया है। जबकि शासन ने पिछले दो साल में इसके लिए 140 करोड़ रुपए बोनस के नाम पर रोक रखे हैं। जिले में सभी खदानें शुरू नहीं होने से 1 हजार से ज्यादा मजदूर बेरोजगार बैठे हैं। मजदूरों ने बताया उनके पास रोजगार नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है। बोनस भी नहीं दिया गया है।
पंचायतों की बंद खदानों से हाे रहा अवैध खनन
जिले में पंचायतों की 16 बंद रेत खदानाें से रेत का अवैध खनन हाे रहा है। नए ठेकेदार के आने से पहले इन क्षेत्रों में रेत का अवैध खनन हाे रहा है। जिले में केवल 9 रेत की खदान ही संचालित हाे रही है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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