एयरपोर्ट टर्मिनल विस्तार के लिए गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) की ओर से एनवायरमेंट क्लियरेंस सर्टिफिकेट अब तक नहीं मिला। इसकी वजह से यह प्रोजेक्ट डिले हो गया है। इसकी डेडलाइन दिसंबर 2020 थी, लेकिन अब कम पूरा होगा किसी को पता नहीं। हालांकि सर्टिफिकेट नहीं मिलने के बावजूद टर्मिनल विस्तार के तहत ग्राउंड फ्लोर का काम चल रहा है।
माैजूदा टर्मिनल बिल्डिंग की कम्प्लाइंस रिपोर्ट नहीं होने से पीसीबी क्लियरेंस नहीं दे रहा है। 7 जनवरी 202 को जीपीसीबी ने एयरपोर्ट पर पब्लिक हियरिंग की थी। इसमें एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले 150 फ्लैटधारकों ने हिस्सा लिया था।
इसकी रिपोर्ट सेंट्रल पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीसीबी) को भेजी गई थी। पीसीबी ने सूरत एयरपोर्ट अथॉरिटी से माैजूदा टर्मिनल बिल्डिंग की कम्प्लाइंस रिपोर्ट जमा करने को कहा था, लेकिन वह अभी तक नहीं दे पाया।
इसका कारण यह है कि एयरपोर्ट की मौजूदा टर्मिनल बिल्डिंग का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ही नहीं बना है। इस कारण कम्प्लाइंस रिपोर्ट ही नहीं बनी है। इसके अलावा पीसीबी ने एयरपोर्ट से बर्ड सेंचुरी की दूरी पूछी थी और इस पर वन विभाग की रिपोर्ट मांगी थी। इसकी वजह से क्लियरेंस सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है।
मई 2019 में जारी हो चुका है वर्क आर्डर
टर्मिनल विस्तार का वर्क आर्डर मई 2019 में ही सिद्धि कंस्ट्रक्शन को दिया जा चुका है। वर्क आर्डर जारी हुए 18 महीने से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन शुरुआती दाैर का ही काम हुआ है। इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन दिसंबर 2020 थी। अब यह कब तक पूरा होगा किसी को नहीं पता।
एयरपोर्ट की टर्मिनल इमारत अभी 784.37 एकड़ में फैली है। इसका क्षेत्रफल 8474 वर्ग मीटर है। इमारत के 17046 वर्गमीटर अतिरिक्त क्षेत्र का विस्तार किया जाना है। विस्तार के बाद टर्मिनल इमारत का कुल क्षेत्रफल 25520 वर्गमीटर हो जाएगा। विस्तार के बाद यह इमारत सालाना 26 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगी।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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