प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में रोज कोरोना के 1500 से ज्यादा केस आ रहे हैं, जिसके कारण ऑक्सीजन का उपयोग फिर से बढ़ गया है। हालांकि गंभीर मरीजों की संख्या अभी उतनी नहीं है, जितनी पहली लहर में देखने को मिली थी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने फिर एक बार ऑक्सीजन उत्पादकों को कुल उत्पादन का 50 प्रतिशत ऑक्सीजन मेडिकल के लिए रिजर्व रखने का निर्देश दिया है।
इससे पहले सरकार ने सितंबर में इसी तरह का निर्देश दिया था। अब वापस केस बढ़ने पर नया आदेश जारी किया है। राज्य में हर दिन एक हजार मैट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता है, जिसकी सप्लाई मेडिकल और इंडस्ट्रीयल यूज के लिए की जाती है। सितंबर में कोरोना चरम पर था। उस दौरान दैनिक उपयोग बढ़कर 240 मैट्रिक टन तक पहुंच गया था।
अक्टूबर में केस घटने पर उपयोग 135 मैट्रिक टन रह गया। दीवाली बाद फिर नए और एक्टिव केसों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन का उपयोग बढ़ रहा है। मौजूदा समय में सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन का दैनिक उपयोग 190 मैट्रिक टन पहुंच गया है। एका एक केस बढ़ने से ऑक्सीजन की कमी न हो इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने उत्पादकों को मेडिकल यूज के लिए 50 प्रतिशत स्टाॅक रिजर्व रखने को कहा है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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