जिले में लगातार पिछले 8 दिन से पक्षियाें की माैताें का सिलसिला जारी है। रविवार काे 40 काैओं तथा पांच अन्य पक्षियाें की माैत हुई। काैओं के बाद कबूतराें और अब ताेताें की माैत के मामले सामने आने लगे हैं। बढ़ रहे बर्ड फ्लू के खतरे के बीच राहत की बात सामने आई है।
एक्सपर्ट के अनुसार माैसम में बदलाव और तेज धूप खिलने पर पक्षियाें की माैताें पर कंट्राेल हाे जाएगा। जिले में तीन जनवरी से पक्षियाें की माैताें का सिलसिला शुरू हुआ। अब तक करीब 220 पक्षियाें की माैतें हाे चुकी है। इसमें से 185 काैओंं तथा शेष अन्य पक्षी शामिल है। इसमें से सर्वाधिक काैओं की माैतें निंबाहेड़ा में एक औधाेगिक परिसर की काॅलाेनी में हुई है। वहीं पर शनिवार दाेपहर एक से रविवार दाेपहर एक बजे तक 39 पक्षियाें की माैत हाे चुकी है। इसमें 36 काैअे, दाे कबूतर एवं एक ताेता शामिल है। हालांकि कबतूर के बाद ताेता की मृत्यु का यह पहला केस आया है।
इसके अलावा चित्ताैड़ में भी तीन काैओं की माैत हुई। इस प्रकार रविवार काे जिले में कुल 45 पक्षियाें की माैतें हुई। पूरा पशुपालन विभाग एवं वन विभाग अलर्ट है। टीमें फिल्ड में जलाशयाें पर पक्षियाें की निगरानी के लिए लगातार भ्रमण कर रही है। उदयपुर संभाग में अब तक करीब 270 पक्षियाें की माैतें हाे चुकी है। इसमें सर्वाधित संख्या चित्ताैड़ जिले की है।
प्रदेश में अब तक जंगली पक्षियाें तक ही सीमित है वायरस
एवियन इन्फ्लूएंजा पक्षियों को ही प्रभावित करता है। प्रदेश में अब तक सामने आए मामलों में इसका दायरा जंगली पक्षियों तक ही सीमित है। वायरस का जाे स्ट्रेन सामने आया है, वह पक्षियाें से पक्षियाें में जरूर फैलता है लेकिन इंसानाें तक नहीं पहुंचता है। प्रदेश में अब तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल अंडे और अन्य पोल्ट्री उत्पाद सुरक्षित हैं।
डॉ. भूपेंद्र भारद्वाज, अतिरिक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, उदयपुर
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Source From
RACHNA SAROVAR
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