कोविड-19 के चलते बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। ऑनलाइन स्टडी के चलते बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ने से उनकी आंख व मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है, जिसे ध्यान में रखते हुए ‘स्क्रीन टाइम’ को कम करने लिए आयोग की पहल पर सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। यह बात राजस्थान की बाल आयोग की सदस्य वंदना व्यास ने बुधवार को चाइल्ड कंजर्वेशन फाउंडेशन (सीसीएफ) द्वारा आयोजित वेबिनार में कही।
बाल अपराध और हिंसा पर आयोजित वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में डायल 100 की एसपी बीना सिंह ने कहा कि जनवरी से अब तक सैंकड़ों बच्चे बाल उत्पीड़न से लेकर माता-पिता के घरेलू विवाद जैसे मामलों तक सुलझाने या शिकायत दर्ज कराने के लिए 100 डायल की मदद ले चुके हैं। ऐसे सभी मामलों में कॉलर तक पहुंचकर टीम द्वारा परामर्श देने और निराकरण करने जैसी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए 100 डायल मददगार है।
किसी भी प्रकार की समस्या आने पर वह अपनी जगह पर रहते हुए ही सिर्फ एक फोन कॉल के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने डायल 100 के पूरे सिस्टम के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर सीसीएफ के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा सहित देशभर के 12 राज्यों के सीडब्ल्यूसी-जेजेबी अध्यक्ष-सदस्यों सहित बाल अधिकार कार्यकर्ता शामिल हुए।
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RACHNA SAROVAR
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