एजुकेशन रिपोर्टर | सूरत
राज्य सरकार और स्कूल संगठनों ने 25% फीस माफी का निर्णय लेकर विवाद को खत्म करने पर सहमति जताई है, लेकिन अभिभावक संगठन इस निर्णय पर तैयार नहीं है। फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स एसोसिएशन गुजरात के साथ सूरत के अभिभावक मंडल ने बैठक की। जिसमें एसोसिएशन से जुड़े राज्यभर अभिभावक संगठन जुटे।। बैठक में कहा गया कि राज्य सरकार ने पहले 100% फीस माफी के लिए कहा था, लेकिन अब 25% ही फीस माफ की है।
अभिभावक संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार ने स्कूलों के साथ मिलकर सांठगांठ कर 25% फीस माफी के नाम पर अभिभावकों को गुमराह किया गया है। अभिभावक संगठनों ने सरकार से 50% फीस माफ करने की मांग की है।
रिवीजनल कमेटी ने जो फीस तय की क्या वह स्कूल ले रहे? सरकार से जांच कराने की मांग की
बैठक में कहा गया कि राज्य सरकार ने पहले 100% फीस माफी के लिए कहा था, लेकिन अब 25% ही फीस माफ की है। सरकार को पत्र लिखकर कहा गया है कि जिन स्कूलों के कहने पर निर्णय लिया है उन स्कूलों में कितने शिक्षकों को नौकरी पर रखा है और उन्हें कितना वेतन दिया जाता है? इसकी जानकारी स्कूल नोटिस बोर्ड में लगाए। साथ ही रिविजनल कमेटी ने जो फीस तय की गई है क्या वही फीस स्कूलों में ली जा रही है? इसकी जांच करवाएं तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।
31 तक फीस भरने पर ही 25 % माफ होगी
स्कूलों का कहना है कि 25% फीस माफी का लाभ उन्हें ही मिलेगा जो 31 अक्टूबर तक बकाया पूरी फीस भरेंगे। स्कूलों ने स्पष्ट किया है कि 31 के बाद 25% फीस माफ नहीं की जाएगी। जिसको लेकर अभिभावक असमंजस में हैं और समस्या का हल निकालने प्रयास कर रहे हैं।
राज्य सरकार का निर्णय गलत है: अभिभावक
अभिभावक संगठन फीस कमेटी के दफ्तर पहुंचे। कमेटी के चेयरमैन अशोक दवे से मिलकर मांग की है किफीस माफी पर गंभीरता से विचार किया जाए। अभिभावक मंडल के सदस्य उमेश पांचाल ने बताया कि स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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