प्रदेश के सबसे बड़े आरयूएचएस कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमित केसेज का ग्राफ कम हो रहा है। अस्पताल में जहां 30 सिंतबर को जहां आउटडोर में 36 मरीज और भर्ती मरीज 92 थे। जिनका ग्राफ घटकर आउटडोर का 17 व इनडोर का 57 ही रह गया है। डॉक्टरों का कहना है कि कम्यूनिटी स्प्रेड के चलते लोगों में हर्ड इम्यूनिटी के कारण केसेज का ग्राफ कम होने से कोरोना का पीक आ गया है।
तापमान गिरने पर नवंबर, दिसंबर में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या के बढ़ने से दूसरा पीक हो सकता है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हर तरह से सतर्क रहना पड़ेगा। अभी मास्क ही वैक्सीन है। घर से बाहर निकलें तो मास्क लगाकर बाहर निकलें।
राज्य सरकार पर पड़ेगा भार, केन्द्र ने खीचे हाथ
केन्द्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच करने वाला रियल टाइम पॉलीमर चैन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) किट नहीं देगा। जिससे राज्य सरकार पर भार पड़ सकता है। राजस्थान ही नहीं पूरे देश के सभी राज्यों को अब किट खुद को ही खरीदना पड़ेगा।
केन्द्र के मना करने के बाद अब सरकार ने आरटी-पीसीआर किट खरीदने के लिए दो एजेन्सियां निर्धारित की है। इसमें एक तो एसएमएस मेडिकल कॉलेज और दूसरी राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड (आरएमएससी) ही कंपनियों से टेंडर के जरिए खरीद प्रक्रिया करेगी।

हर्ड इम्युनिटी डवलप होते ही कोरोना सामान्य खांसी-बुखार की तरह रह जाएगा
एक्सपर्ट की मानें तो आरयूएचएस कोविड अस्पताल में पिछले आठ दिनों में संक्रमित केसेज कम हो रहे हैं। चाहे आउटडोर हो या इनडोर। इतना ही नहीं डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। कोरोना से जंग में जब तक वैक्सीन नहीं आती तब तक के लिए हथियार मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, हैंडवॉश और जांच किट है।
अस्थमा रोग विशेषज्ञों के अनुसार देशभर में 16 सितंबर को 98 हजार मामले मिले थे। उसके तीन सप्ताह बाद संक्रमित केसेज का ग्राफ घटने का मतलब कोरोना पीक आ चुका है। एक बार अगर एंटीबॉडी लोगों के शरीर में विकसित हो जाती हैं तो कोरोना वायरस सामान्य खांसी, सर्दी और दूसरी मौसमी बीमारियों की तरह रह जाएगा।
जब क्षेत्र विशेष की 40 फीसदी आबादी कोरोना के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेती है तो उसे ‘हर्ड इम्युनिटी’ कहा जाता है। हर्ड इम्युनिटी के लिए किसी क्षेत्र की 40 से 60 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी विकसित होनी चाहिए, लेकिन देश में करीबन 24 फीसदी मरीजों में ही एंटीबॉडी विकसित हुई है। हर्ड इम्युनिटी के बाद कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट देखने को मिलती है।
399 नए संक्रमित, 2 की मौत, बुधवार को 473 केस, गुरुवार को 423, तीसरे दिन तक 74 कम हुए
राजधानी में संक्रमित केसेज मिलने वाले क्षेत्रों में मालवीय नगर, मानसरोवर, सांगानेर, जगतपुरा, झोटवाड़ा, प्रताप नगर, सोडाला, मुरलीपुरा, हसनपुरा, विद्याधर नगर, शास्त्री नगर, गोपालपुरा, दुर्गापुरा में मिल रहे है। शुक्रवार को 399 नए कोरोना संक्रमित में से दो लोगों की मौत हुई है।
जयपुर में अब तक पॉजिटिव का आंकड़ा 25 हजार 393 में से 333 लोग दम तोड़ चुके है। लेकिन रिकवर होने वालों का आंकड़ा 407 है। और अब तक 15 हजार 829 रिकवर हो चुके है। एक्टिव केस 9231 है। पिछले तीन दिन से मानसरोवर में ज्यादा केसेज मिल रहे है। आमजन से अपील है कि अभी मास्क ही वैक्सीन है।
एक्टिव केस में जयपुर पहले नंबर पर
एक्टिव केसेज जयपुर में 9231, जोधपुर में 5241, बीकानेर में 1051, कोटा में 739, अलवर में 494, भीलवाड़ा में 305, अजमेर में 262, श्रीगंगानागर में 251, सीकर में 226 और झुन्झुनूं में 219 हैं।
कहां-कितने केस
मानसरोवर-51, मालवीय नगर-42, प्रताप नगर-40, जगतपुरा-36, दुर्गापुरा-34, दुर्गापुरा-34, सांगानेर -33, गोपालपुरा-23, झालाना-15,भांकरोटा-10, सोडाला-9, झोटवाड़ा, महेश नगर, फुलेरा, वैशाली नगर, विद्याधर नगर, जवाहर नगर में 6-6, लाल कोठी, दूदू, टोंक फाटक में 5-5, जोबनेर, चाकसू, सीतापुरा में 4-4, फागी व बगरु में 3-3, टोक रोड, शास्त्री नगर, सिरसी, जेएलएन मार्ग, गुर्जर की थड़ी, हरमाड़ा, बनीपार्क, अंबाबाड़ी, अजमेर रोड में 2-2, आदर्श नगर, आमेर, बस्सी, गांधी नगर, हसनपुरा, जामडो़ली, जमवारामगढ़, लूनियावास, राजापार्क, रामगंज, सेठी कॉलोनी, त्रिवेणी नगर में 1-1 केस मिला है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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