(वीरेंद्र बंसल) कोरोना महामारी के बीच चुनाव, है न अजीब बात और यही राजनेताओं और चुनाव आयोग की सबसे बड़ी चिंता है। जिले में अभी तक 13263 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं और 229 की जान जा चुकी है। ऐसे समय में ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व और डबरा विधानसभा में होने जा रहे उपचुनाव में वोटर लोकतंत्र के यज्ञ में आहुति देने के लिए घर से निकलेगा या नहीं, इसे लेकर संदेह भी है और मुश्किलें भी हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने मास्क, सेनिटाइजर, ग्लब्ज से लेकर थर्मल गन से स्क्रीनिंग तक की व्यवस्था मतदान केंद्रों पर की है लेकिन जिन इलाकों में सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए, उनमें रहने वाले लोगों में डर है।
5 चुनाव... मतदान प्रतिशत बढ़ा तो सत्ता दल हार गया

काेरोना की वजह से मतदान प्रतिशत गिरा तो क्या होगा?
ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व और डबरा सीट के उपचुनाव की सबसे खास बात ये है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं इमरती देवी चौथा चुनाव लड़ रही हैं। वे डबरा से ही लगातार तीन चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीत चुकी हैं लेकिन इस बार उन्होंने दल बदला है इसलिए मुकाबला भी कड़ा है। उधर, ग्वालियर से चुनाव लड़ रहे प्रद्युम्न सिंह तोमर का ये चौथा चुनाव है। वे दो बार विधायक रह चुके हैं।
ग्वालियर पूर्व से भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे मुन्नालाल गोयल का यह पांचवां चुनाव है और वे एक बार ही विधायक बन पाए हैं। इस कारण मतदान प्रतिशत घटना या बढ़ना, दोनों ही स्थितियों में इन नेताओं की चिंता का सबब बनेगा। पिछले पांच विधानसभा चुनावों की हार-जीत का रिकॉर्ड कहता है कि जब-जब मतदान प्रतिशत बढ़ा, सत्ता में रहने वाली पार्टी का खामियाजा उठाना पड़ा। इस बार चिंता ये है कि काेरोना की वजह से मतदान प्रतिशत गिरा तो क्या होगा?
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Source From
RACHNA SAROVAR
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