कोरोना वायरस को लेकर सूरत के सिविल अस्पताल से अब एक अच्छी खबर आ रही है। अब कोमॉर्बिड मरीज भी महज 10 से 12 दिन में ठीक हो रहे हैं। सिविल अस्पताल से अब आए दिन एक दो गंभीर मरीज महज 10 से 12 दिन में कोरोना को मात देकर डिस्चार्ज हो रहे हैं। कोमॉर्बिड की रिकवरी देखकर डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन नहीं भी मिली तब भी कोई चिंता की बात नहीं है।
बता दें कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, थाइराइड जैसी बीमारियों से पीड़ित 70 फीसदी मरीजों की कोरोना से मौत हो जाती थी। लेकिन, अब इतने फीसदी मरीज ठीक हो रहे हैं। हालांकि इसके कारण का पता नहीं चल पाया है। कुछ डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना अब इतना घातक नहीं रहा।
विदेशों में भले ही कोरोना स्ट्रेन बदलकर आया हो पर अपने यहां कोरोना कमजोर पड़ रहा है। वहीं कुछ डॉक्टरों का यह भी मानना है कि मरीजों की घटती संख्या और कोरोना की अच्छी समझ के चलते ऐसा हो पा रहा है। कोई भी वायरस एक निश्चित समय तक ज्यादा प्रभावशाली होता है।
68 वर्षीय बाबूभाई 15 साल से हाईपरटेंशन से पीड़ित, फिर भी 12 दिन में डिस्चार्ज हुए
दिल्ली गेट निवासी 68 वर्षीय बाबूभाई छबिदास गोटलावाला 15 साल से हाईपरटेंशन से पीड़ित हैं। बावजूद इसके 12 दिन में कोरोना से ठीक हो गए। सिविल में उनका इलाज करने वाले डॉ. अर्पित पटेल ने बताया कि पहले दिन ऑक्सीजन पर रख इलाज शुरू किया। इस बीच अन्य बीमारियों का डिटेक्शन कर उसका भी इलाज शुरू किया।
उन्हें 10 लीटर एनआरबीएम ऑक्सीजन मास्क पर 10 दिन रखा गया। 28 दिसंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉ. अर्पित ने बताया कि हमारे लिए कोरोना ही नहीं बल्कि अन्य बीमारियों पर भी कड़ी नजर रहती है। ऐसे में उसे भी कोरोना की तरह ही गंभीरता से देखा जाता है। वह 68 बार ब्लड डोनेट भी कर चुके हैं। इसलिए वार्ड से डिस्चार्ज के दौरान उन्हें घड़ी देकर विदाई दी गई।
85 वर्षीय अंबाबेन पटेल 10 दिन में डिस्चार्ज हुईं
सरोली गाम निवासी 85 वर्षीय अंबाबेन पटेल ने महज 10 दिन में कोरोना को मात दी। उनका सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा था। सुरुआत में हालत नाजुक थी। इसलिए हमने उम्मीद छोड़ दी थी। सिविल अस्पताल में इलाज से सुधार हुआ। महज 10 दिन में वह ठीक हो गई।
इसलिए ठीक हो रहे मरीज
सिविल के डॉ. विवेक गर्ग, प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. फ्रेनिल मुनीम, माइक्रोबायोलॉजी और डॉ. अमित गमित, नोडल ऑफिसर का मानना है कि हो सकता है कि कोरोना का स्ट्रेन बदल रहा हो। इसलिए गंभीर मरीजों की संख्या 95 फीसदी कम हो गई है। इसके अलावा बेहतर इलाज, मेडिकल संसाधन जैसे ऑक्सीजन बाइपेप और वेंटिलेटर की कोई कमी नहीं इसलिए तुरंत इलाज मिल रहा।
147 नए मरीज, 1 की मौत
शहर में 117 और ग्रामीण में 30 यानी 147 नए मामले सामने आए। अब तक कोरोना के 49281 मामले आ चुके हैं। जिसमें 36799 शहर के और 12482 ग्रामीण के है, जबकि इलाज के दौरान 65 वर्षीय निवासी एक बुजुर्ग की महावीर अस्पताल में मौत हो गई। मौत का आंकड़ा 1126 तक पहुंच चुका है, जिसमें 841 शहर के और 285 ग्रामीण के शामिल है। 148 मरीज डिस्चार्ज हुए अब तक 47040 मरीज ठीक हो चुके हैं। फिलहाल 1115 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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