नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट जैसे ही केंद्र ने राज्य को सौंपी और इसमें रतलाम समेत 15 जिलों में नशीली वस्तुओं के बढ़ते कारोबार का जिक्र आया तो सीएम शिवराजसिंह चौहान ने आनन-फानन में इन जिलों के कलेक्टर-एसपी की वीसी लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद से स्थानीय पुलिस-प्रशासन भी एक बार फिर एक्शन मोड में आ गया है। पिछले साल दिसंबर-जनवरी में कांग्रेस सरकार के दौरान माफिया मुहिम के वक्त इसी प्रशासन ने फोरलेन, टू-लेन किनारे उन लोगों के 17 ढाबे व होटलें ढहा दिए थे जो लोग तस्करी से जुड़े हुए हैं।
अब फिर से मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए तो पुलिस व प्रशासन ने ऐसे लोगों की फेहरिस्त तैयार कर ली है। सीएसपी प्रदीपसिंह राणावत ने बताया मादक पदार्थ तस्करी रोकने सख्त कार्रवाई के लिए रोड मैप तैयार कर रहे हैं।
कुछ तैयारी हो चुकी है लेकिन इसे अभी डिस्क्लोज नहीं कर सकते हैं। ये जरूर है कि जल्द परिणाम नजर आएंगे। बता दें कि जावरा क्षेत्र में सिर्फ डोडाचूरा, अफीम ही नहीं बल्कि स्मैक व गांजे तक की तस्करी होती है। वैसे तो पुलिस ने पांच महीनों के दरमियान काफी केस दर्ज किए हैं लेकिन अब केस दर्ज करने के साथ ही तस्करों के खिलाफ संपत्ति संबंधी कार्रवाई भी की जाएगी।
सबसे ज्यादा 3 केस इसी महीने दर्ज किए
सीएसपी प्रदीपसिंह राणावत के मुताबिक जनवरी से अब तक एक साल में 14 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से 12 केस तो पांच महीने में ही दर्ज किए गए। हाल ही में सिटी पुलिस ने एक अफीम व दो डोडाचूरा तस्करी के प्रकरण बनाए। कुल 14 केस में 46 लोग आरोपी बने और लगभग सभी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनसे कुल 2 किलो 425 ग्राम अफीम, 100 ग्राम स्मैक, 5 किलो 355 ग्राम गांजा और 2 क्विंटल 68 किलो डोडाचूरा जब्त हुआ है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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