इंडियन नैवी में सब लेफ्टिनेंट बनी आलोट की बेटी:स्कूल टूर के वक्त वाघा बॉर्डर पर सेना का शौर्य देखा उसी समय ठान लिया था एक दिन डिफेंस में ही जाना है : साक्षी
उपलब्धि, सिलेक्शन लेटर ईमेल पर मिला तो विश्वास नहीं हुआ, दो से तीन बार रिफ्रेश करके देखा और बस खुशी का ठिकाना नहीं रहा
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