जैताजी-कूंपाजी के अदम्य साहस की कहानी:मारवाड़ के 8600 सपूतों से डर युद्ध छाेड़ भागे शेरशाह ने कहा था- मुट्ठीभर बाजरे की खातिर दिल्ली की सल्तनत गंवा बैठता 5 जनवरी 1544 को गिरी-सुमेल में मारवाड़ के योद्धाओं से डरकर भागी थी शेरशाह की सेना Source From RACHNA SAROVAR CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS January 04, 2022 Tags RAJASTHAN Share to: Twitter Facebook URL Print Email
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