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मानदेय 20 हजार रुपए; करोड़ों की संपत्ति का मालिक है रिश्वत का आरोपी जेटीए, एसीबी की टीम कर रही पूरे मामले की जांच

मनोहरथाना पंचायत समिति में संविदा पर कार्यरत जेटीए की जांच में उस पर लाखों रुपए की संपत्ति मिली है। उसके व उसकी पत्नी के बैंक खातों में लाखों रुपए जमा हैं। कोटा के विज्ञान नगर व बोरखेड़ा में मकान सहित खानपुर में प्लॉटों की खरीद के दस्तावेज भी मिले हैं। एसीबी पूरे मामले में जांच कर रही है। मामले में जेटीए से पूछताछ की जाएगी।
एसीबी सीआई ज्ञानचंद मीणा ने बताया कि मनोहरथाना पंचायत समिति में संविदा पर कार्यरत तकनीकी सहायक (जेटीए) और उसके ई-मित्र संचालक दलाल को 22 जुलाई को एसीबी टीम ने 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। तब से जेटीए जेल में है। आरोपी से गहनता से छानबीन की गई है।

उसके एक बैंक खाते में 11 लाख 67 हजार, दूसरे खाते में 11 लाख 25 हजार, तीसरे खाते में 4 लाख 25 हजार, एक सहकारी बैंक खाते में करीब डेढ़ लाख रुपए, उसकी पत्नी के एक बैंक खाते में 7 लाख 63 हजार, दूसरे में 8 लाख 85 हजार रुपए जमा हैं। 46 लाख 15 हजार रुपए बैंक खातों में जमा हैं। इसकी निकासी पर फिलहाल रोक लगवा दी है।

किराए के ऑफिस में मिले थे 13 लाख रुपए
तकनीकी सहायक ने मनोहरथाना कस्बे में ही एक वकील के मकान में कमरा किराए पर ले रखा था। उसी में वह ऑफिस चलाता था। टीम ने ऑफिस में सर्च की कार्रवाई की तो दीवान के अंदर 500-500 की गड्‌डी के रूप में 13 लाख रुपए मिले थे।

पत्नी के नाम पर भी 5 बीघा जमीन
जेटीए ने कोटा विज्ञान नगर में मकान के लिए 63 लाख 50 हजार रुपए का सौदा किया। इसमें 7 दिसंबर 2019 को 10 लाख 35 हजार रुपए दिए। वहीं 31 लाख 15 हजार रुपए ट्रैप से तीन दिन पहले दिए। आरोपी को बोरखेड़ा में भी एक मकान है। उसकी पत्नी के नाम करीब 5 बीघा जमीन भी खरीदी है। वहीं जांच में एक रसीद मिली है। इसमें खानपुर मेगा हाईवे पर प्लाॅट को लेकर 20 लाख रुपए की रसीद है। आरोपी साल 2012 से संविदा पर नौकरी कर रहा है।

बंदी से मारपीट नहीं करने के लिए मांगी रिश्वत, छबड़ा जेलर के खिलाफ एसीबी में दर्ज होगा केस

जिले की छबड़ा सब जेल में बंदियों से मारपीट नहीं करने के एवज में प्रभारी जेलर ने पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी। मामले में एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान एक दलाल ने 2500 रुपए ले लिए। इस बीच ट्रैप कार्रवाई की भनक लगने पर शेष रकम नहीं ली। मामला जून महीने का है। ऐसे में ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी। साक्ष्यों के साथ इसकी रिपोर्ट बनाकर एसीबी मुख्यालय भेजी गई। वहां से छबड़ा जेलर व दलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश मिले हैं। इस पर एफआईआर बनाकर मुख्यालय भेजी गई है।



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प्रतीकात्मक फोटो।


Source From
RACHNA SAROVAR
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