मध्य प्रदेश का इंदौर लगातार चौथी बार देश का सबसे साफ शहर बन गया है, जबकि सूरत ने कड़ी मेहनत के दम पर इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्नश करते हुए नंबर पर दो पहुंच गया। वहीं अहमदबाद 5वें, राजकोट छठवें तथा वडोदरा 10 नंबर पर रहे। इस तरह पहली बार गुजरात के 4 शहर टॉप 10 में शामिल हुए। पिछली बार केवल दो शहर टॉप 10 में थे। यह ऐलान केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने गुरुवार को स्वच्छता सर्वेक्षण नतीजे जारी करते हुए किया है। तीसरे पर महाराष्ट्र का नवी मुंबई है।
सर्वे में पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को गंगा नदी के किनारे बसा सबसे साफ शहर घोषित किया गया है। सर्वे की घोषणा करते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंदौर के लोगों को शुक्रिया कहा। 10 लाख या उससे ज्यादा आबादी वाले 47 शहरों में हुए सर्वे में बिहार का पटना सबसे गंदा पाया गया। देश में सबसे साफ राजधानी के तौर पर नई दिल्ली पहले नंबर पर रही। वहीं, 100 से अधिक शहरों वाले राज्य में सबसे साफ राज्य का खिताब छत्तीसगढ़ को मिला है, जबकि 100 से कम शहरों वाले राज्य में सबसे साफ झारखंड रहा। बात अगर सूरत की करें पिछले दो साल से शहर लगातार 14वें नंबर पर था। इसको देखते हुए इस बार सूरत नगरमहा पालिका ने जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के सहयोग से कड़ी मेहनत की। शहर में स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाया गया। जनजागरुकता को लेकर विभिन्न सोसायटी में भी नुक्कड़ नाटक किया गया। सर्वेक्षण में कैसे अव्वल आएं उसके लिए विशेष प्रयास किए गए।
विश्व का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा यह सर्वे 2016 में शुरू किया गया था। तब इसमें महज 73 शहर शामिल किए गए थे। पिछले साल इस सर्वे के दायरे में 4237 शहर आए। इस साल इसमें पांच और शहर बढ़ गए। अब यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वे है।
1.7 करोड़ लोगों ने कराया स्वच्छता एप पर रजिस्ट्रेशन
सर्वेक्षण 2020 के लिए करीब 1.7 करोड़ लोगों ने स्वच्छता एप पर पंजीकरण किया था। सोशल मीडिया पर 11 करोड़ से अधिक लोग इससे जुड़े। साढ़े पांच लाख से अधिक सफाई कर्मचारी सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़े और गंदगी वाले ऐसे 21 हजार स्थानों की पहचान की गई।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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