कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच गंभीर मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। हालात यह बनने लगे हैं कि कोविड हॉस्पिटल के आईसीयू फुल होने लगे हैं। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल व कोविड हॉस्पिटल माधव नगर में करीब 54 मरीज ऐसे हैं जोकि गंभीर हैं। इन्हें आईसीयू में रखा गया है। मरीजों में कोरोना के अलावा दूसरी गंभीर बीमारियां अस्थमा, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ब्लड प्रेशर आदि हैं। ऐसे में रिकवरी में समय लग सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर बीमारियों की वजह से इन मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
उज्जैन में गंभीर मरीज बढ़े, 54 मरीज
इनमें से कुछ मरीज तो ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने से इन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज नहीं किया जा सकता। गंभीर मरीजों में रिकवरी में 15 से 30 दिन का समय लग सकता है। दूसरी तरफ हेल्थ बुलेटिन के अनुसार कुल 1390 मरीज अब तक पॉजिटिव आ चुके हैं, जिनमें से 1139 मरीज स्वस्थ होकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।
इनका कहना
गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों में रिकवरी होने में समय लग रहा है। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी कुछ मरीज ऐसे हैं जिनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
डॉ. सुधाकर वैद्य, नोडल अधिकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल
47 मरीज ऑक्सीजन और वेंटीलेटर पर
- गार्डी मेडिकल कॉलेज में कुल 64 मरीज भर्ती हैं। जिनमें से 47 मरीज गंभीर हैं। इन्हें ऑक्सीजन पर और वेंटीलेटर पर रखा गया है। 17 मरीजों की स्थिति सामान्य है।
- कोविड हॉस्पिटल माधव नगर में 75 मरीज भर्ती हैं। जिनमें सात सस्पेक्टेड हैं और सात मरीज गंभीर हैं। इन्हें भी ऑक्सीजन और वेंटिलेटर पर रखा गया है।
निमोनिया होने से खतरा
ओल्ड एज होने या पहले से बीमार तथा गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों में निमोनिया तेजी से डेवलप होता है। जिससे मरीज जल्दी रिकवर नहीं हो पाते हैं।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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