रेलवे बोर्ड द्वारा इंदौर-पुणे ट्रेन को बंद करके उसकी जगह इंदौर-दादर ट्रेन चलाने का आदेश जारी कर दिया। इस अति महत्वपूर्ण ट्रेन के बंद होने का आदेश जारी होते ही हड़कंप मच गया, तब रेलवे अफसरों ने सफाई देते हुए कहा कि प्रिंटिंग मिस्टेक के चलते यह गफलत हुई है। गलती सुधार कर नया आदेश जल्द जारी कर दिया जाएगा। मामले में लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन ने भी रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई है।
जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा 20 जुलाई को एक आदेश जारी कर कहा गया था कि नई समय सारणी के तहत इंदौर-पुणे ट्रेन को अब पुणे के बजाय दादर तक ही चलाया जाएगा। आदेश पढ़कर पश्चिम रेलवे के अफसर भी हैरान थे कि इस अति महत्वपूर्ण ट्रेन को बंद कैसे किया जा सकता है। इंदौर के अलावा यह ट्रेन देवास, उज्जैन, नागदा और रतलाम के यात्रियों के लिए भी बेहद उपयोगी है।
रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार लंबे प्रयासों के बाद साल 2001 में इंदौर-पुणे के मध्य यह ट्रेन शुरू हो सकी थी। प्रारंभ में यह ट्रेन सप्ताह में सिर्फ एक दिन ही चलती थी। यात्रियों का दवाब देखते हुए बाद में इसे बढ़ाकर सप्ताह में 5 दिन संचालित किया जाने लगा।
महाजन ने कहा- लगाता है जानबूझकर इंदौर की सुविधाएं बंद की जा रही है
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इंदौर-पुणे ट्रेन को बंद करने के आदेश पर नाराजगी जताते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल को लिखे पत्र में कहा कि लगता है कि जानबूझकर इंदौर की सुविधाओं को बंद किया जा रहा है। पहले इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के काम में अड़ंगा डाला गया। फिर इंदौर-अजमेर-जयपुर लिंक एक्सप्रेस को बंद कर दिया गया। अमरकंटक एक्सप्रेस को इंदौर तक बढ़ाने में भी अड़ंगे डाले जा रहे है। अब इंदौर-पुणे ट्रे को दादर से चलाने का फैसला समझ से परे है। ऐसा निर्णय तत्काल वापस लेना चाहिए।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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