पिछले कुछ दिनों से गहलोत खेमे और पार्टी के बड़े नेताओं का पायलट गुट की तरफ नरम रूख देखने को मिल रहा था। उनकी वापसी को लेकर प्रयासों की शुरूआत हो चुकी थी। बसपा विधायकों के संबंध में आने वाले फैसले से पहले ही कांग्रेस हाईकमान ने यह कोशिश केसी वेणुगोपाल को जैसलमेर भेजकर शुरू कर दी थी।
सोमवार को दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ सचिन पायलट की मुलाकात की नींव जैसलमेर में ही रखी गई थी। यहां मौजूद विधायकों को बताने के बाद ही यह मुलाकात तय की गई। फिलहाल इस मुलाकात से स्थिति साफ नहीं हुई है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सचिन पायलट व उनके समर्थक विधायकों को कांग्रेस में वापिस लाने पर विचार शुरू हो गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि संकट से जूझ रही गहलोत सरकार को राहत मिल सकती है।
बदले सूर: गहलोत बोले;हम कांग्रेसी है और हमें आलाकमान का फैसला मानना होगा, विधायकों को मनाने के बाद जयपुर हुए रवाना
विधायक दल की बैठक में पायलट गुट के खिलाफ विरोध के स्वर तेज हो गए। प्रभारी अविनाश पांडे ने इस पर विचार करने की भी बात कही लेकिन गहलोत ने सीधे तौर पर यह संदेश दिया कि हम सभी कांग्रेसी है और हमारी परंपरा यही है कि आलाकमान का फैसला माने। उन्होंने सभी विधायकों को दो टूक शब्दों में कहा कि कोई भी इसका विरोध नहीं करेगा पार्टी हाईकमान का जो भी फैसला होगा उसे मानना पड़ेगा।
विधायक दल की बैठक में गहलोत के संदेश के बाद सभी विधायकों ने इस बात को मान लिया और पूरा फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि सीएम गहलोत विशेष रूप से इसी वजह से यहां आए थे। सबको मनाने के बाद सोमवार को वे वापस जयपुर के लिए रवाना हो गए। इस बीच सोमवार को ही दिल्ली में पायलट व राहुल गांधी की मुलाकात भी हो गई।
बसपा विधायकों का फैसला आज
भाजपा व बसपा की ओर से हाईकोर्ट में बसपा विधायकों पर स्टे की लगाई गई याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में फैसला होगा। यदि बसपा विधायकों को वोटिंग से रोका जाता है तो सरकार पर संकट बढ़ सकता है और यदि नहीं रोका जाता है तो सरकार पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। कांग्रेस ने दोनों ही परिस्थितियों की तैयारी पहले से ही कर ली और पायलट गुट को मनाने में जुट गई है। ताकि किसी भी परिस्थिति में सरकार पर संकट नहीं रहे।
हरीश का शेखावत पर हमला
संजीवनी घोटाले में शामिल नहीं है तो पैसा लौटाने का प्रयास करें
जैसलमेर | कांग्रेस व भाजपा नेताओं के बीच एक दूसरे पर आरोप लगाने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत पर हमला बोला। चौधरी ने कहा कि उनका नाम खुलेआम संजीवनी सोसायटी के घपले में सामने आ रहा है।
जनता की पैसों को लूटने वाली सोसायटी के साथ उनका नाम जुड़ना बहुत बड़ा मामला है। बावजूद इसके यदि वे इस घोटाले में शामिल नहीं है तो खुद आगे आकर गरीबों की गाढ़ी कमाई का पैसा लौटाने का प्रयास करे। कई सोसायटियों ने लोगों पैसे का घोटाला किया और सभी को पैसा लौटाने के लिए प्रयास करें।
चौधरी ने कहा कि वाइस टेस्ट के मामले में भी उनका नाम है। उन्हें आगे आकर अपनी वाइस का सेम्पल देना चाहिए। जनता जान चुकी है कि सरकार को गिराने के षड़यंत्र में सबसे आगे शेखावत ही थे। उनकी पोल खुल चुकी है। हम सबने तय यह तय किया था कि लोकतंत्र को बचाना है और संविधान की रक्षा करनी है, इसलिए हम लोग एक जगह एकत्र हुए हैं। नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में जो कृत्य हो रहे हैं, उनका एकसाथ रहकर मजबूती से करारा जवाब देना है।
हम बाड़ेबंदी में नहीं हैं
बाड़ेबंदी को लेकर चौधरी ने कहा कि यह बाड़ेबंदी नहीं है। बिना किसी सुरक्षाकर्मी के आपके बीच खड़ा हूं। हर विधायक व हर मंत्री अपनी मर्जी से यहां बैठे हैं। हमारे मोबाइल भी चालू हैं। क्या दूसरे पक्ष के लोगों से आप बात कर सकते हैं? बाड़ेबंदी में तो वे लोग हैं। इसके अलावा भाजपा बाड़ेबंदी पर सवाल उठा रही थी और अब खुद ही अपने विधायकों की बाड़ेबंदी कर रही है।
विधानसभा में पता चलेगा कि हमारे पास कितने विधायक हैं
चौधरी ने कहा कि हमारे पास बहुमत है। विधानसभा में सबको पता चल जाएगा कितने विधायक हमारे साथ है। पायलट के बारे में उन्होंने कहा कि उनके प्रदेशाध्यक्ष रहते किसी ने विरोध नहीं किया, उप मुख्यमंत्री का पद भी दिया गया, उसके बाद भी संतुष्ट नहीं है, यह मेरी समझ से परे हैं। पार्टी में लोकतांत्रिक ढंग से बात रखने के माैके होते हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment