बिजली कंपनी ने शहर के सभी जोन के सहायक इंजीनियर्स को आदेश दिए हैं कि अगस्त के बिजली बिल में हर हाल में मीटर की रीडिंग का फोटो छपकर आना चाहिए। शहर के पांचों डिविजन के कार्यपालन यंत्रियों ने इस पर अपने-अपने क्षेत्र के जोन में काम भी शुरू करा दिया है। जून में बड़ी संख्या में मीटर के फोटो होने के बाद भी बिल पर छापे नहीं गए थे। लोगों को आकलित खपत के बिल भेज दिए गए थे। लोग अपने मीटर के फोटो और रीडिंग लेकर जोन में गए और बिल सुधार कराए थे।
बिल स्थगित करने की एक वजह गलत बिल भी
प्रदेशभर में मई, जून के बिजली बिल को लेकर उपभोक्ता हंगामा कर रहे हैं। बारिश के दिनों में भी गर्मी जैसी खपत के बिल भेजे गए थे, जिनके घर बंद थे या लॉकडाउन की वजह से वह अपने घर में नहीं थे, उन्हें भी हजारों रुपए के बिल भेज दिए गए थे। इसी समस्या को देखते हुए भी उर्जा विभाग ने 31 अगस्त तक की स्थिति में बिल वसूली पर रोक लगा दी है। 31 अगस्त तक के बिल का समायोजन अक्टूबर के बाद किए जाने के आसार हैं।
सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत, 12 हजार का बिल भेज दिया
गांधी नगर के एक उपभोक्ता ने आईपीडीएस योजना में किए जा रहे काम की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की थी। इसके बाद उसे जो बिल प्राप्त हुआ, उसमें रीडिंग तो शून्य दिखाई जा रही है, लेकिन बिल 12 हजार रुपए का भेज दिया गया। बिल नहीं भरने पर उसकी लाइट भी काट दी गई। उसने जब 12 हजार रुपए का बिल चुकाया, उसके बाद ही लाइट चालू की गई। इसी तरह एक उपभोक्ता लगभग सवा महीने तक घर पर नहीं था। उसे भी 7500 रुपए का बिल जारी कर दिया गया। जोन में वह बिल लेकर पहुंचा तो उससे पहले आधा पैसा जमा करने के लिए कहा गया। उसने बताया कि वह तो घर पर ही नहीं था, इसके बाद भी इतना बिल कैसे जारी हो गया। जोन का अमले ने उसकी समस्या का निराकरण नहीं किया।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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