एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु व मध्यम) उद्योगों की समस्या को लेकर औद्योगिक संगठनों ने सोमवार को रेसीडेंसी में एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा के साथ बैठक की। एसोसिएशन आफ इंडस्ट्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में निगम द्वारा संपत्ति कर और उद्योग विभाग द्वारा मेंटेनेंस शुल्क दो-दो टैक्स लेने पर आपत्ति जताई।
संस्था अध्यक्ष प्रमोद डाफरिया ने कहा कि उद्योग विभाग से लीज पर जमीन मिली है, जिसमें 40 फीसदी हिस्से पर ही निर्माण किया जा सकता है, लेकिन नगर निगम द्वारा पूरी जमीन पर संपत्ति कर की मांग की जा रही है। वैसे भी संपत्ति तो शासन की है, यदि हमसे टैक्स लिया जाना है तो जमीन को फ्री होल्ड किया जाए और सौ फीसदी हिस्से पर निर्माण की मंजूरी दी जाए। बैंक लोन पर स्टाम्प ड्यूटी पूरे देश में 480 से लेकर एक हजार रुपए है लेकिन प्रदेश में यह बैंक लोन राशि का 0.5 फीसदी होकर अत्यधिक है, इसे कम किया जाए।
बिजली दरें भी कम की जाएं...
बिजली की दरें भी कम करने की मांग की गई। सचिव सुनील व्यास ने श्रम कानूनों में सुधार की मांग रखी। वहीं मंत्री ने कहा कि सभी समस्याओं का अध्ययन कर तीन माह में हल निकाला जाएगा, हम नई औद्योगिक नीति बनाने जा रहे हैं, जिसमें आत्मनिर्भर मप्र पर जोर रहेगा। बैठक में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रकाश जैन, योगेश मेहता, दिलीप देव, सहसचिव तरुण व्यास व अन्य उपस्थित थे। मप्र लघु भारती की ओर से प्रदेशाध्यक्ष महेश गुप्ता ने भी मांग रखते हुए कहा कि निजी औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जाए शासन द्वारा भी शहर के पास ही औद्योगिक क्लस्टर बनाए जाएं, तभी श्रम भी उपलब्ध हो सकेगा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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