कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए महाराष्ट्र से सटी प्रदेश की चारों सीमाओं को सील किया गया है लेकिन यहां तैनात अफसर-कर्मचारी रुपए लेकर वाहनों को प्रवेश दे रहे हैं। प्रशासन ने रविवार सुबह पहली बार एक साथ तीन वाहनों को बिना अनुमति महाराष्ट्र से आते पकड़ा। मामले में एक कृषि विस्तार अधिकारी को निलंबित किया गया है। एक एएसआई और आरक्षक पर भी निलंबन की कार्रवाई चल रही है।
पिछले करीब पांच महीने से महाराष्ट्र से सटी सीमा बंद है। यहां से महाराष्ट्र आने-जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। हालांकि इसके बाद भी सैकड़ों वाहन बिना अनुमति आवाजाही कर रहे थे। अफसरों को कई बार शिकायतें भी मिली कि रुपए लेकर वाहन छोड़े जा रहे हैं। कई बार वाहनों की जांच की लेकिन ऐसा कोई वाहन सामने नहीं आया। रविवार सुबह जांच में तीन वाहन पकड़ाए। ये तीनों वाहन इच्छापुर के भोटा बैरियर से बिना अनुमति सीमा पार कर शहर तक पहुंच गए।
एसडीएम ने महाराष्ट्र की कारों को दरगाह के पास रुकवाया
रविवार सुबह खामगांव से आई कार एमएच-28-एझेड-5435 से मुर्तुजा, कार एमएच-20-एझेड-9930 से नुरुउद्दीन, अकोला से कार एमएच-30-एझेड-4245 से नजीमउद्दीन बुरहानपुर पहुंचे थे। जायरीनों के साथ तीनों कार दाऊदी बोहरा समाज की लोधीपुरा स्थित दरगाह-ए-हकीमी पहुंची थी। लॉकडाउन होने से शहर में एसडीएम केआर बड़ोले घूमकर चैकिंग कर रहे थे। महाराष्ट्र पासिंग तीनों कारों को दरगाह के पास रुकवाया और उनके दस्तावेजों की जांच की। प्रवेश की अनुमति मांगी लेकिन ड्राइवर अनुमति नहीं दिखा पाए। एसडीएम ने पूछा कैसे प्रवेश कर आए तो उन्होंने बताया भोटा बैरियर पार कर यहां तक पहुंचे हैं। तीनों वाहन सुबह 10.30 से 11.30 बजे के बीच सीमा पार कर आए थे। ड्यूटी चार्ट से पता किया तो सामने आया कि बैरियर पर कृषि विस्तार अधिकारी रामकृष्ण गेंदालाल, एएसआई किशाेरसिंह मोहनिया और आरक्षक जितेंद्र पाल की ड्यूटी थी। मामला सामने आने के बाद अफसर-जवानों को ताकीद करने नायब तहसीलदार पलकेश परमार सीमा पहुंचे।
ड्यूटी पर तैनात अफसर व जवानों की स्थिति संदिग्ध मिलने पर कलेक्टर को लिखा पत्र
ड्यूटी पर तैनात तीनों अफसर-जवानों की स्थिति संदिग्ध पाए जाने पर एसडीएम केआर बड़ोले ने कार्रवाई के लिए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखा। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने तत्काल प्रभाव से कृषि विस्तार अधिकारी रामकृष्ण गेंदालाल को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि तक उन्हें कृषि उप संचालक कार्यालय में अटैच किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से देरशाम तक सहायक उप निरीक्षक किशोरसिंह मोहनिया और आरक्षक जितेंद्र पाल को भी निलंबित कर दिया गया।
जायरीन और तीनों कारें जा चुकी थीं, नहीं हुई कार्रवाई
तीनों वाहन दरगाह परिसर पहुंचे तो बिना अनुमति जायरीनों को भी यहां प्रवेश नहीं दिया गया। एसडीएम कार्यालय से सूचना मिलते ही गणपति नाका थाना पुलिस दरगाह परिसर पहुंची। हालांकि तब तक तीनों कारों सहित जायरीन जा चुके थे। ऐसे में कार चालकों पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
वनरक्षक पर लगे थे रुपए लेकर श्रमिकों को सीमा पार कराने के आरोप
दो महीने पहले वन विभाग के वनरक्षक पर रुपए लेकर सीमा पार कराने की शिकायत मिली थी। इस मामले में शाहपुर थाने के एक प्रधान आरक्षक और वनरक्षक के बीच मारपीट भी हुई थी। प्रधान आरक्षक का आरोप था कि वनरक्षक रुपए लेकर वन उपज बताकर श्रमिकों को प्रवेश करा रहा है। मामले में दोनों ओर से शाहपुर थाने में एक-दूसरे की शिकायत की गई थी। हालांकि अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
रुपए लेकर वाहन प्रवेश कराने की मिली थी सूचना
तीन दिन पहले लोनी चेकपोस्ट से रुपए लेकर कुछ वाहनों को प्रवेश देने का मामला सामने आया था। मामले में लालबाग थाना प्रभारी एपी सिंह तक यह सूचना भी पहुंची थी। पता चला था कि सुबह 4 से 6 बजे तक कुछ जवानों ने रुपए लिए और शहर में वाहनों को प्रवेश दिया था। पुलिस अब तक तस्दीक कर रही है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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