हर साल सार्वजनिक रूप से समुद्र, नदी और तालाबों में श्रीजी की मूर्तियों का विसर्जन होता था, लेकिन इस बार दैनिक भास्कर ने धर्मगुरुओं के साथ मिलकर एक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत कोरोना संक्रमण को राेकने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु लोगों से घरों में ही मिट्टी की मूर्तियों के विसर्जन की अपील की है। धर्मगुरुओं का कहना है कि गणेश जी तो विघ्नहर्ता हैं लेकिन हम विघ्नकर्ता न बनें, इसलिए हमें मन से एकजुट होकर गणेशोत्सव मनाना है।
ऐसी भक्ति न करें जिससे कष्ट हो, प्रार्थना करें कि शौक शोक में न बदले
कोराेना महामारी के दौरान जो भक्त घर में भागवान गणेश की पूजा अर्चना कर रहे हैं वो अभिनंदन के पात्र हैं। बारिश के कारण नदी और तालाब में जल स्तर काफी बढ़ गया है इसलिए विसर्जन के दौरान सतर्कता बरतें। इस बार तन से नहीं मन से एकजुट हों तो यही सच्चा गणेश उत्सव होगा। ऐसी भक्ती न करें जिससे खुद कष्ट के शिकार हो जाएं। आइए हम प्रार्थना करते हैं कि हमारा शौक शोक में न बदले।
-अपूर्व मुनि स्वामी, संत निर्देशक, बीएपीएस स्वामी नारायण मंदिर
घर में विसर्जन करनेे से तीर्थ और पवित्र नदियों का फल प्राप्त होगा
घर में किसी पात्र में जल भरकर तीर्थ-पवित्र नदियों का स्मरण-पूजन कर गणेशजी की मूर्ती का विसर्जन करने से तीर्थों के साथ पवित्र नदियों का फल मिलता है। घर में रहने से हम महामारी से भी बच सकते हैं। फूल-हार को नदी में प्रवाहित करने से प्रदूषण बढ़ता है। फूल नहीं तोड़ने से प्रकृति की सुंदरता भी बनी रहती है।
-गो. अभिषेकलालजी महाराज, श्री वल्लभाश्रम हवेली
जल और जीव, दोनों की रक्षा करिए, खुद भी सुरक्षित रहिए
हमारी लापरवाही से अन्य कोई कोरोना संक्रमित होकर मुश्किल में न पड़े, इसकी सावधानी रखनी है। इसलिए हमें सार्वजनिक रूप से इकट्ठा होकर गणेश विसर्जन में हिस्सा नहीं लेना चाहिए। इसलिए सभी की भलाई के लिए हमें घर में श्रीजी का विसर्जन करना चाहिए। इससे जल और जीव, दोनों की रक्षा होगी।
-शास्त्री स्वामी राधारमणदास जी, भूपेंद्ररोड स्वामी नारायण मंदिर
जल में रहने वाले जीव काे भी नुकसान, जीव-पर्यावरण की रक्षा करें
घर में किसी भी पात्र में गणेश विसर्जन करना चाहिए। इससे खुद और अपने परिवार को काेरोना से बचा सकते हैं। साथ में पर्यावरण की रक्षा भी होगी। मूर्ती के रंग और पदार्थों से जल में रहने वाले जीव को नुकसान होता है। अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा के लिए घर में ही विसर्जन करें। प्रार्थना है कि विघ्नहर्ता महामारी से रक्षा करें।
-वैष्णवसेवा दास, प्रमुख इस्कॉन मंदिर, राजकोट
कोरोना विघ्न हरने की प्रार्थना करें
श्रद्धालुओं ने सादगी पूर्वक श्रीजी की स्थापना की है। मुंबई में तो चॉकलेट और मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा का चलन है। चॉकलेट की प्रतिमा का दूध में विसर्जन कर उसको प्रसाद के रूप में भी गरीब बच्चों को बांटा जा रहा है। हमें भी जोखिम नहीं लेना चाहिए और घर में विसर्जन कर प्रार्थना करना चाहिए। तभी तो विघ्नहर्ता कोरोना नामक विघ्न दूर करेंगे। -निखिलेश्वरनंद जी, अध्यक्ष, रामकृष्ण आश्रम
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Source From
RACHNA SAROVAR
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