कोरोना संक्रमण के कारण इस बार अनंत चतुर्दशी पर निकालने वाला चल समारोह नहीं निकलेगा। वहीं चल समारोह में एकत्र की जाने वाली मूर्तियों के लिए भी प्रशासन ने नई व्यवस्था की है। प्रतिवर्ष नगर के सार्वजनिक स्थान एवं घरों पर विराजित हुई मूर्तियों को नगरवासी विसर्जन के लिए या तो चल समारोह में चलने वाली ट्रॉली में रख देते थे या फिर स्वयं ही अपने वाहनों से जाकर डैम, नदी, कुओं पर विसर्जित करते थे, लेकिन कोरोना के चलते कलेक्टर द्वारा जारी किए आदेश के तहत कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए मूर्तियों विसर्जन विकेन्द्रीकृत रूप से किए जाने के निर्देश दिए हैं। सार्वजनिक रूप से नदियों, तालाबों एवं अन्य स्त्रोतों पर आमजन का एकत्रित होना प्रतिबंधित किए जाने के निर्देश के साथ ही व्यक्तिगत विसर्जन को भी प्रतिबंधित किया है।
ग्राम पंचायत द्वारा सभी वार्डों के लिए 2 वाहनों की व्यवस्था की गई है। जिसमें दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक संबंधित वार्ड के लोग कर्मचारियों को मूर्तियां विसर्जन के लिए सौंपेंगे। जिसे पंचायत कर्मियों द्वारा नदी में विसर्जित किया जाएगा। नायब तहसीलदार रोहित विश्वकर्मा ने बताया कि नदियों, तालाबों एवं अन्य स्त्रोतों पर आमजन एकत्रित न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ग्राम पंचायत सचिव विनोद चौरसिया ने बताया कि मूर्ति विजर्सन के लिए ग्राम पंचायत दल का गठन किया है। इसमें कर्मचारियों की तैनात किया है। सभी कर्मचारी निश्चित स्थानों से मूर्तियां एकत्र कर नदी पर ले जाकर विसर्जित करेंगे।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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