(लवकुश मिश्रा) सूरत की मेट्रो ट्रेन का काम अब जमीन पर उतरने वाला है। मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत सूरत मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1 के पहले सेक्शन के तहत 11 किमी एलिवेटेड रूट के 10 स्टेशनों के बीच दिसंबर से काम शुरू हो जाएगा।
इसके लिए गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (जीएमआरसी) की टेक्नीकल बिड में देश की छह बड़ी इन्फ्रा कंपनियां जमीन पर एलिवेटेड मार्ग का निर्माण करने के लिए सामने आई हैं। यानी कि मेट्रो की बुनियाद रखने में भी आत्मनिर्भर भारत अभियान की झलक है। इससे पहले फेज-1 के एलिवेटेड और अंडर ग्राउंड मार्ग के लिए छह ग्लोबल कंपनियों ने एक्सप्रेशन और इंट्रेस्ट के तहत रूचि दिखाई है।
ये ग्लोबल कंपनियां मेट्रो परियोजना की कंसल्टेंट होंगी, जो जमीन पर काम करने वाली कंपनियों की सुपरविजन और दिशा निर्देश देंगी। उल्लेखनीय है कि सूरत शहर में फेज 1 और फेज 2 के तहत लगभग 40 किमी मेट्रो रेल लाइन का कार्य किया जाना है।
सबसे पहले कॉरिडोर 1 के सरथाणा से ड्रीम सिटी के बीच 21.61 किमी रूट पर 20 स्टेशनों को जोड़ने का काम किया जाएगा। इसमें 15.44 किमी रूट पर 14 स्टेशन एलिवेटेड है। जबकि 6.47 किमी रूट पर 6 स्टेशन भूमिगत यानी अंडरग्राउंड है।
शुरुआत में कादरशाह की नाल से ड्रीम सिटी के बीच तैयार होगा रूट
टेक्नीकल बिड में सूरत मेट्रो की परियोजना के पहले फेज के लाइन-1 में 21.61 किलोमीटर लाइन शामिल है। इसमें पहले 11.6 किमी कादरशाह की नाल से ड्रीम सिटी के बीच पहले 10 एलिवेटेड स्टेशनों के बीच निर्माण होना है। गुजरात मेट्रो रेल द्वारा 1 जून को इस 11 किमी के लिए 805.356 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था। इस 11 किमी एलिवेटेड रूट की लागत 805 करोड़ है। ठेका लेने वाली कंपनी को 30 महीनों में काम पूरा करके देना है।
एलिवेटेड का पहला सेक्शन: कंपनियाें का मूल्यांकन शुरू, अब फायनेंशियल बिड खुलेगी
जीएमआरसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जून में इस 11 किमी एलिवेटेड रूट के लिए 805 करोड़ की टेंडर राशि जारी की गई थी उसकी टेक्नीकल बिड अब खुल गई है। टेक्निकल मानकों पर ये कंपनियां खरी उतरी हंै। इनका मूल्यांकन हमने शुरू कर दिया है। इसके बाद अगले पड़ाव के तहत फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। इसमें से सबसे कम बोली वाले एक बिडर को 11 किमी एलिवेटेड रूट पर काम करने का ठेका काम सौंप दिया जाएगा। इसमें अक्टूबर तक का समय लगेगा। नवंबर तक यह काम कर लिया जाएगा और दिसंबर से काम शुरू कर देने की पूरी संभावना है।
दूसरा सेक्शन अंडरग्राउंड वाला: छह स्टेशनों के लिए 12 अक्टूबर तक खोली जाएगी टेक्नीकल बिड
सूरत मेट्रो के फेज 1 के सबसे सेंसिटिव हिस्से यानी अंडरग्राउंड मार्ग कपोदरा रैंप स्टेशन से सूरत रेलवे स्टेशन के बीच और सूरत रेलवे स्टेशन से चौक बाजार के बीच 6 स्टेशनों के लिए टेक्नीकल बिड 12 अक्टूबर को खोली जाएगी। इसमें कपोदरा रैंप, लाभेश्वर,सेंट्रल वियर हाउस सूरत स्टेशन भूमिगत मार्ग के लिए 929.46 करोड़ का टेंडर मांगा गया है जबकि सूरत स्टेशन ,मस्कति हॉस्पिटल और चौक बाज़ार रैंप भूमिगत मार्ग के लिए 942.46 करोड़ रुपए टेंडर मांगा गया है।
बिड में दिल्ली और कोलकाता मेट्रो, बांद्रा-वर्ली सी लिंक बनाने वाली कंपनियां शामिल
1 . दिलीप बिल्डकॉन - एवरस्कॉन जेवी
रोड एंड ब्रिज निर्माण, माइनिंग, वाटर सैनिटेशन प्रोजेक्ट, सीवेज,डैम , देश के 17 राज्यों में काम प्रगति पर
2. एचसीसी - केईसी जेवी
कोलकाता मेट्रो, बांद्रा -वर्ली सी लिंक, बोगिबिल ब्रिज -आसाम, दिल्ली मेट्रो, पीरपंजाल रेलवे टनल, कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट
3. जे कुमार - रंजीत बिल्डकॉन जेवी
मुंबई मेट्रो, रोड एंड ब्रिज प्रोजेक्ट,
4. लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी)
देश में 400 हाई राइज टावर, 11 एयरपोर्ट, 53 आईटी पार्क , 17 ऑटोमोबाइल प्लांट, मेट्रो रेल हैदराबाद
5 . एनसीसी
रेलवे साइडिंग एनटीपीसी, वेल्लोर गेज कन्वर्जन, बेंगलुरू मेट्रो रेल , दिल्ली मेट्रो रेल लाइन
6. सौभाग्य - एसपी सिंगला जेवी
ईस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेस वे, जोधपुर रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग (सामख्याली -भचाऊ), रांची रिंग रोड।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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