header ads

संक्रमित मरीजों पर प्रयोगात्मक दवाइयों का उपयोग दो तरह की स्थिति- 10 दिन में ही स्वस्थ हो रहे, गंभीर मरीजों की मौत भी हो रही

पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़ने के साथ ही मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। वजह है मरीजों के इलाज में जिन प्रयोगात्मक दवाइयों का उपयोग हो रहा है। उससे दो तरह की स्थिति सामने आ रही है। पहली-मरीजों में रिकवरी फास्ट हो रही है यानी मरीज 14 दिन की बजाय 10 दिन में ही स्वस्थ हो रहे हैं। दूसरा- कुछ मरीजों पर ज्यादा असर नहीं हो रहा है। वे लंबे समय बाद स्वस्थ हो पा रहे हैं या गंभीर मरीजों की मौत भी हो रही है। सितंबर में ही संक्रमित 14 मरीज इलाज के दौरान दम तोड़ चुके हैं। कुल मृतकों का आंकड़ा 93 पर पहुंच गया है। मरीजों के इलाज में रेमेडीसीवीर और टॉइलिजुमब दवाइयों का प्रयोग हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कोरोना की अनुमोदित दवाइयां अभी आई नहीं है, ऐसे में लक्षणों के आधार पर प्रयोगात्मक दवाइयों का उपयोग हा़े रहा है यानी जिस मरीज को जो तकलीफ है, उसे उससे संबंधित दवाई दी जा रही है।

कोविड-19 के इलाज के लिए क्लिनिकल ट्रायल में सबसे ज्यादा रेमेडीसीवीर दवाई का उपयोग हो रहा है, जिससे कुछ मरीजों में रिकवरी जल्द हो रही है। मरीज की स्थिति पर निर्भर करती है। शोधकर्ता पुरानी दवाइयों का परीक्षण भी कर रहे हैं, जिनका उपयोग आमतौर पर अन्य स्थितियों में मरीज के उपचार के लिए किया जाता है। डेक्सामेथासोन एक सामान्य कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवा है, जिसका उपयोग कई सालों से विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों जैसे-ऑओइम्यून और एलर्जी प्रति क्रियाओं के इलाज में किया जाता है।

कोविड-19 के साथ लोगों को साइटोकोनि स्ट्रॉम का खतरा हो सकता है क्योंकि उनका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को जारी रखते हैं। मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर वैद्य ने बताया संक्रमित मरीजों के लिए इलाज के लिए प्रयोगात्मक दवाइयों का उपयोग हो रहा है। कुछ मरीजों पर इन दवाइयों का असर पूरी तरह से हो जाता है और वे 10 दिन में ही स्वस्थ हो जाते हैं। वहीं कुछ मरीजों पर इनका ज्यादा असर नहीं हो रहा है।

ऐसे बढ़ी पॉजिटिव मरीजों की मौत

  • माह मौत
  • मार्च 02
  • अप्रैल 22
  • मई 35
  • जून 12
  • जुलाई 03
  • अगस्त 05
  • सितंबर 14

रिवकरी रेट-संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होकर हॉस्पिटल से घर पहुंच रहे हैं। 2962 मरीजों में से अब तक 2400 मरीज स्वस्थ हो गए हैं। मरीजों के स्वस्थ होने की दर 80.23 से ज्यादा हाे गई है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Use of experimental medicines on infected patients in two types of conditions - recovering in 10 days, serious patients are also dying.


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget