उमरा के पनासगाम के पास के चाैराहे पर दो दिन में रॉन्ग साइड से गाड़ी चलाने के आरोप में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन लोगों को थाने में ही जमानत देकर छोड़ दिया गया। हालांकि उनकी गाड़ियां जब्त कर ली हैं।
पुलिस का कहना है कि ऐसा सामान्य रूटीन चेकिंग में किया गया। रॉन्ग साइड से चलने वालों के खिलाफ कार्रवाई चेन स्नैचिंग व दुर्घटना रोकने के लिए की गई है। सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इससे बढ़ते स्नैचिंग के मामलों पर भी लगेगी लगाम: इंस्पेक्टर
रॉन्ग साइड से चलने के आरोप में उमरा पुलिस ने 29 अक्टूबर को 6 और 30 अक्टूबर को 9 मामले दर्ज किए। उमरा थाने के पुलिस इंस्पेक्टर केबी झाला ने कहा कि रॉन्ग साइड से गाड़ी चलाने वाले अक्सर मोबाइल और चेन स्नैचिंग कर लेते हैं।
रॉन्ग साइड से वे आसानी से किसी वाहन चालक को शिकार बना लेते हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई इसलिए की ताकि लोगों में कानून का डर बना रहे। इसके अलावा त्योहारों का माैसम हो सड़कों पर भीड़भाड़ ज्यादा है। जल्दी में रॉन्ग साइड लेने से दुर्घटना भी हो सकती है।
अभी तो नहीं, लेकिन हम ‘धूम’ मुहिम चलाने वाले हैं
रॉन्ग साइड से चलने वालों पर कार्रवाई करने के लिए अभी हमने कोई मुहिम नहीं चलाई है। उमरा पुलिस ने अपनी तरफ से कोई कार्रवाई की होगी। ट्रैफिक पुलिस रश ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ शनिवार और रविवार को कुछ चुनिंदा स्पॉट्स पर धूम मुहिम चलाएगी। पिछले हफ्ते जिलानी ब्रिज पर पुलिस ने करीब 22 लोगों पर कार्रवाई की थी।
प्रशांत सुंबे, डीसीपी, ट्रैफिक
अभी तो नहीं, लेकिन हम ‘धूम’ मुहिम चलाने वाले हैं
रॉन्ग साइड से चलने वालों पर कार्रवाई करने के लिए अभी हमने कोई मुहिम नहीं चलाई है। उमरा पुलिस ने अपनी तरफ से कोई कार्रवाई की होगी। ट्रैफिक पुलिस रश ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ शनिवार और रविवार को कुछ चुनिंदा स्पॉट्स पर धूम मुहिम चलाएगी। पिछले हफ्ते जिलानी ब्रिज पर पुलिस ने करीब 22 लोगों पर कार्रवाई की थी।
प्रशांत सुंबे, डीसीपी, ट्रैफिक
यह है धारा 279
ट्रैफिक एसीपी रीजन-2 बीएन दवे ने बताया कि आईपीसी की धारा 279 के तहत सार्वजनिक मार्ग पर जल्दबाजी या लापरवाही से कोई गाड़ी चलाकर मानव जीवन को संकट में डालता है या चोट पहुंचाता है तो उसे छह माह तक कारावास या 1000 रुपए तक आर्थिक दंड हो सकता है या दोनों से दंडित किया जा सकता है। ऐसे मामले में आरोपी की जमानत थाने से भी हो जाती है, लेकिन गाड़ी कोर्ट से ही छुड़वानी पड़ती है।
गलती मेरी थी, इसलिए पुलिस ने पकड़ लिया
पांडेसरा के विनायक नगर के निवासी मंगलप्रसाद गौड़ ने बताया कि मैं पनासगाम से गुजर रहा था। मुझे अंदाजा नहीं था कि पुलिस खड़ी होगी। गलती मेरी ही थी। मुझे पुलिस ने वैन में बैठाया और मेरे खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस स्टेशन से 500 रुपए देकर मेरी जमानत हुई और बाइक भी छोड़ दी। हालांकि पुलिस 1500 रुपए मांग रही थी।
पुलिस ने 1500 लेकर मुझे और बाइक को छोड़ दिया
कामरेज के रघुदर्शन रेसीडेंसी में रहने वाले हेमराज चौहान ने बताया कि वह अपने भाई के साथ किसी काम से जा रहा था। उसे रास्ते का पता नहीं था। उसके भाई ने रॉन्ग साइड लेने के लिए कहा। मैं रॉन्ग साइड चलने लगा तो पुलिस ने पनासगाम चाैराहे पर पकड़ लिया। उसके बाद गाडी जब्त कर ली। पुलिस स्टेशन से 1500 रुपए में जमानत हुई और गाड़ी भी छोड़ दी गई।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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