वराछा में कडवा पाटीदार समाज की कुलदेवी उमिया माताजी के मंदिर में इस वर्ष नवरात्रि पर केवल केवल सांकेतिक गरबा का आयोजन किया जाएगा। केवल 24 महिलाएं गरबा खेलेंगी ताकि वर्षों से चली आ रही परंपरा काे कायम रखा जा सके। गौरतलब है कि मंदिर के निर्माण के तुरंत बाद मंदिर परिसर में नवरात्रि उत्सव शुरू हो गया और प्रत्येक साल बड़ी संख्या में महिलाएं नवरात्रि में बहुत धूमधाम और परंपरा के साथ गरबा खेलती हैं।
इसके अलावा, आठवें दिन आयोजित होने वाली उमिया माताजी की आरती पूरे गुजरात में प्रसिद्ध है। इस बार कोरोना महामारी के कारण उमिया धाम ट्रस्ट ने नवरात्रि का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रमुख जसूभाई पटेल ने कहा कि केवल चौबीस बहनें मंदिर परिसर में अपने सिर पर गरबा खेलेंगी और वह भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ।
आने वाले हर किसी मास्क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही माताजी की मूर्ति को कोई नहीं छू सकेगा। इस साल प्रसाद भी नहीं वितरित किया जाएगा। प्रवक्ता राजूभाई ने बताया कि 24 महिलाएं पारंपरिक रूप से मंदिर के सामने वाले चौक में केवल आधे घंटे के लिए गरबा खेलेंगी, ताकि गरबा की परंपरा को कायम रखा जा सके, जो वर्षों से चली आ रही है। इस दौरान सभी श्रद्धालु और न्यासी मंडल के सदस्य दूर खड़े होंगे और दैनिक आरती में सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए माताजी की आरती करेंगे।
मास पारायण पाठ पूर्णाहुति समारोह आज
पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्री रामायण प्रचार समिति, सूरत प्रेरित अखिल भारतीय रामायण प्रेमी भक्त समूह के द्वारा श्रीराम चरित मानस मास पारायण पाठ का आयोजन किया गया है। जिसमें संपूर्ण देश और विदेश के लगभग 272 भक्त अपने-अपने घरों में नित्य पाठ कर रहे हैं।
16 अक्टूबर, शुक्रवार को आयोजन की पूर्णाहुति होगी। इसका समरोह रात्रि 8 बजे से ऑनलाइन होगा, जिसमें संक्षिप्त रामायण और संपूर्ण विश्व में राम राज्य की स्थापना हो इस भावना से राम राज्याभिषेक के प्रसंग का गुणगान किया जाएगा। समिति के चंद्रकिशोर झंवर ने बताया कि इस अवसर पर वृंदावन के गोभक्त संजीव कृष्ण ठाकुर का विशेष सानिध्य अाैर आशीर्वचन प्राप्त होगा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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