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शिक्षकों की ट्रेनिंग तो हुई नहीं और हस्ताक्षर करवाकर पैसे भी उठा लिए, सर्व शिक्षा अभियान की ओर से स्कूलों को दिए गए फंड में गड़बड़ी की आशंका

महानगर पालिका संचालित शिक्षा समिति के स्कूल सर्व शिक्षा अभियान की ओर से दिए गए फंड में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सर्व शिक्षा अभियान की गांधीनगर टीम में समिति के स्कूलों में जांच के आदेश दिए हैं। स्कूलों में फंड का किस तरीके से इस्तेमाल किया गया, इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों पर कार्रवाई संभव है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सर्व शिक्षा अभियान की ओर से दी गई ग्रांट में खरीदी करने में गड़बड़ी पाई गई है। शिक्षकों की शिकायत पर खर्च की जांच हो रही है।

मनपा संचालित नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के कुल 319 स्कूल हैं। इन स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए हर महीने प्रिंसिपल और शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के दौरान ट्रांसपोर्ट, स्टेशनरी और नास्ते के रूप में ग्रांट से मिली रकम से रुपए खर्च किए जाते हैं। ट्रेनिंग न होने के बावजूद रजिस्टर में प्रिंसिपल और शिक्षक से फर्जी हस्ताक्षर करवाने का मामला सामने आया है। इससे समिति में हड़कंप मच गया है।

गांधीनगर की विजिलेंस टीम ने 3 सदस्यों की जांच कमेटी बनाई

गांधीनगर की विजिलेंस टीम ने सर्व शिक्षा अभियान की ओर से समिति के स्कूलों में दी गई ग्रांट की जांच की तो इसमें गड़बड़ी सामने आई। समिति के शासनाधिकारी विमल देसाई से भी पूछताछ की गई थी। दस्तावेजाें की जांच करने पर पता चला कि समिति के अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। गांधीनगर की विजिलेंस टीम ने तीन सदस्यों की एक जांच कमेटी बनाई है। कमेटी जोनवार सीआरसी यूआरसी से पूछताछ करने के बाद रिपोर्ट तैयार करेगी। कमेटी को 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट गांधीनगर में सौंपनी होगी। स्कूलों में जांच शुरू होते ही भ्रष्ट अधिकारियों में खलबली मच गई है।

शिक्षकों की ट्रेनिंग पर होने वाले खर्च और खरीदे गए सामानाें की जांच होगी

कमेटी शिक्षकों की ट्रेनिंग पर होने वाले खर्च, समिति के स्कूलों में खरीदे गए सामान और बिल का मिलान भी करेगी। समिति के जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई। इसकी भी जांच होगी। सूत्रों की मानें तो सीआरसी और यूआरसी की देखरेख में जो कार्यक्रम में करवाए गए, उसमें कागजी कार्रवाई और जमीनी स्तर पर भारी अंतर देखने को मिला है। कमेटी जांच के दौरान संबंधित शिक्षकों और अधिकारियों से क्रॉस वेरिफिकेशन करके मामले की तह तक पहुुंचने की कोशिश करेगी।

सारे आरोप बेबुनियाद हैं

कमेटी जो जांच कर रही है उसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है। जो भी आरोप लगाए गए हैं सब बेबुनियाद हैं। मेरे खिलाफ लगाए गए सारे आरोप गलत हैं। रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आएगी।-विमल देसाई, शासनाधिकारी, शिक्षा समिति



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There was no training of teachers and raised money by signing them, there is a possibility of disturbances in funds given to schools by Sarva Shiksha Abhiyan


Source From
RACHNA SAROVAR
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