महाकाल मंदिर परिसर के सभी मंदिरों में कोरोना से सुरक्षा के लिए मंदिर के पुजारी व्यवस्थापकों को जिम्मेदारी दी है। उन्हें सुरक्षा के इंतजाम करना होंगे। इस पर मंदिर प्रबंध समिति निगरानी रखेगी। यदि सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
महाकालेश्वर मंदिर परिसर के अन्य 59 मंदिरों में भी दर्शन सुविधा शुरू करने से अब पूरे परिसर में कोरोना संक्रमण से रोकथाम की आवश्यकता बढ़ गई है। अब श्रद्धालु केवल महाकाल के दर्शन ही नहीं अन्य मंदिरों में भी पहुंच रहे हैं। इससे पूरे परिसर में आवाजाही शुरू हो गई है। प्रशासक एसएस रावत ने सभी मंदिरों के लिए नई गाइड लाइन लागू करते हुए इस पर निगरानी की भी व्यवस्था की है। अब मंदिरों के पुजारी व व्यवस्थापकों को गर्भगृह में जाने से रोकने के लिए रस्सी बांधने या अन्य उपाय करने, सैनिटाइजेश, सोशल डिस्टेंसिंग आदि की व्यवस्था करना होगी।
पूजन सामग्री, तिलक, रक्षा सूत्र पर रोक
- मंदिर में बाहर से दर्शन होंगे।
- गर्भगृह में जाना प्रतिबंधित रहेगा।
- हार-फूल, प्रसाद, जल, दूध या अन्य पूजन सामग्री प्रतिबंधित रहेगी।
- रक्षा-सूत्र आदि बांधना, तिलक लगाना या किसी भी प्रकार का स्पर्श करना प्रतिबंधित रहेगा
- श्रद्धालुओं के बीच 6 फीट की दूरी रहेगी। वे मास्क पहनकर प्रवेश करेंगे।
- लगातार सफाई, सैनिटाइजेशन करना होगा।
- केंद्र व राज्य सरकार की गाइड लाइन का पालन करना होगा।
- मंदिरों के प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होगी वे नियम पालन की व्यवस्था करें।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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