कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि कोरोना के कारण उन्हें अच्छा व्यापार नहीं मिल सका। इसके चलते केंद्रीय बजट बनने से पहले ही व्यापारी सरकार से अभी से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। सूरत टेक्टसटाल उद्योग के विभिन्न कपड़ा संगठनों ने सरकार से पूरी कपड़ा श्रृंखला पर 5 प्रतिशत जीएसटी की दर लगाने की मांग की है।
अब चालू वित्तीय वर्ष के तीन महीने ही बचे हैं। इससे कपड़ा एसोसिएशन 5 प्रतिशत जीएसटी दर निर्धारित करने की बात पर चर्चा कर रहे है। हालांकि स्थानीय कपड़ा कारोबार के प्रमुख व्यापारियों ने कहा कि शुरुआती दिनों में वस्त्रों पर जीएसटी 5 प्रतिशत और यार्न पर 18 प्रतिशत था। विभिन्न संगठनों की शुरुआत के बाद सरकार ने यार्न पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया था। हालांकि, सरकार को प्रत्यक्ष करों में कम राजस्व मिला है।
फिआसवी के अध्यक्ष भरत गांधी ने कहा कि कुछ समय पहले हमने पूरी कपड़ा श्रृंखला पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था। हालांकि अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पूरी श्रृंखला पर एक समान जीएसटी दर होने से रिफंड का सिस्टम भी खत्म हो जाएगा।
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RACHNA SAROVAR
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