header ads

अस्पतालों में 90% घटे इनडोर मरीज, पिछले साल इसी समय डेंगू-मलेरिया और अन्य बीमारियों से भरे रहते थे वार्ड

कोरोना ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सजग कर दिया है। अस्पतालों में विभिन्न बीमारियों के इनडोर मरीजों की संख्या 90 फीसदी तक घट गई है। अभी सिविल और स्मीमेर अस्पताल में मात्र 200 मरीज भर्ती हैं, जबकि पिछले साल नवंबर और दिसंबर में इन्हीं दोनों अस्पतालों में डेंगू मलेरिया और अन्य बीमारियों के 2500 से अधिक मरीज भर्ती रहा करते थे।

रोज 500 से अधिक मरीज भर्ती होते थे और इतने ही डिस्चार्ज भी होते थे। कोरोना आने के बाद लोग अस्पतालों में जाने से डर रहे हैं। मामूली बीमारी में वे घर के पास ही इलाज ले ले रहे हैं। खान-पान के साथ स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही कारण है कि ओपीडी में भी मरीजों की संख्या 90 फीसदी तक घट गई है।

पिछले सिविल और स्मीमेर अस्पताल में हर दिन 5000 हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते थे। डॉक्टर 500 तक मरीजों को भर्ती करते थे बाकी को दवा देकर घर भेज देते थे। फिलहाल अब अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की संख्या बहुत ही कम हो गई है। जिस वाॅर्ड में एक बेड पर दो मरीज और जमीन पर भी इलाज होता था। आज वह खाली है।

पलायन व यातायात भी बड़े कारण

डॉक्टरों का कहना है कि सिविल और स्मीमेर अस्पताल में ज्यादातर मजदूर वर्ग के मरीज के लिए आते थे। सिविल की रोज 4 हजार और स्मीमेर की ढाई हजार की ओपीडी होती थी।

65 लाख आबादी वाले सूरत शहर के साथ-साथ पूरे साउथ गुजरात से कोरोना काल में करीब 15 लाख लोग पलायन कर गए हैं। इसमें से आधे आ गए हैं। ये लोग सिविल और स्मीमेर अस्पताल में इलाज पर निर्भर रहते हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, ओड़िशा, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ से भी प्रवासियों के रिश्तेदार इलाज के लिए आते थे, जो अभी नहीं अा रहे।

264 नए केस, 292 डिस्चार्ज, 2 माैत

सूरत में लगातार पांच दिन से कोरोना के मामले घटते जा रहे हैं। अच्छी बात यह है कि मंगलवार को नए मामलों से डिस्चार्ज होने वालों की संख्या ज्यादा थी। मंगलवार को 264 नए मामले आए। इनमें शहर के 214 और ग्रामीण के 50 मरीज हैं। अब तक 43919 मामले आ चुके हैं।

इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत हो गई। मौत का आंकड़ा अब 1063 हो गया है। शहर के 241 और ग्रामीण के 51 यानी 292 मरीज डिस्चार्ज हुए। अब तक 40953 मरीज ठीक हो चुके हैं। फिलहाल अभी 1903 एक्टिव मरीजों का इलाज चल रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
90% of indoor patients in hospitals were filled with dengue-malaria and other diseases at the same time last year.


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget