राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 24 नवंबर को सूरत सरकारी मेडिकल कॉलेज (सिविल) के डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट का तबादला भावनगर कर दिया है। एक हफ्ते पहले उनका ट्रांसफर लेटर आ गया था।
मंगलवार को उन्हें सूरत से भावनगर जाना था, लेकिन एक दिन पहले ही वह नाटकीय ढंग से कोरोना पॉजिटिव होकर 14 दिन के लिए होम क्वाॅरेंटाइन हो गए। उन्होंने अपने बीमार होने की जानकारी गांधीनगर भी भेज दी। खास बात यह है कि उनमें कोरोना का कोई लक्षण ही नहीं था।
ब्रह्मभट्ट ने मेडिकल कॉलेज के कैंटीन के पास स्थित लैब में रखी उस सीबीनेट मशीन से जांच कराई जिसका इस्तेमाल बहुत कम होता है। इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सोमवार दोपहर डॉ. ब्रह्मभट्ट और माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. मुल्ला बंद पड़ी इसी लैब में गए और सीबीनेट मशीन पर जांच की।
सीटी स्कैन की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई। माइक्रोबायोलॉजी के लैब में दो दिन पहले उन्होंने आरटीपीसीआर जांच कराई थी, रिपोर्ट निगेटिव थी। मंगलवार को गांधीनगर से आदेश आने के बाद नई डीन ने उन्हें रिलीव कर दिया।
पहले भी विवादों में: डाॅ. जयेश ब्रह्मभट्ट पर लगते रहे हैं आरोप
डॉक्टरों में चर्चा है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि ट्रांसफर रुकवाने के लिए समय मिल जाए। इससे पहले भी उनका ट्रांसफर हुआ था, लेकिन अगले दिन सुबह ही रद्द हो गया था। डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट पर पहले से ही आरोप लगते रहे हैं। कुछ दिन पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें सिविल अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी की एक महिला कर्मचारी डॉ. जयेश पर आरोप लगाते हुए नजर आई थी।
वीडियो में महिला कह रही है कि डॉ. जयेश ने उससे जबरन संबंध बनाया। एक अन्य मामले में एक लैब टेक्नीशियन को लेकर उनका एक कर्मचारी के साथ विवाद हुआ था। इसमें कर्मचारी ने फिनायल पीकर जान देने की कोशिश की थी।
कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के छोटे-मोटे कई मामले सामने आए हैं। कई महिला कर्मचारी और छात्रा हरासमेंट की शिकायत करती रही हैं। इन सभी मामलों में डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट से उनका पक्ष जानने के लिए फोन कर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
छात्र की आत्महत्या मामले में डाॅ. ब्रह्मभट्ट पर केस भी हुआ था
24 अक्टूबर 2017 को भी सूरत मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट का तबादला भावनगर और भावनगर मेडिकल कॉलेज के डीन का ट्रांसफर सूरत मेडिकल कॉलेज में हुआ था।
भावनगर के डीन डॉ. विकास सिन्हा अगले दो दिन में सूरत मेडिकल कॉलेज के डीन का कार्यभार संभालने वाले थे, लेकिन अगले ही दिन ट्रांसफर रुक गया था। उस समय डॉ. ब्रह्मभट्ट का कार्यकाल 11 माह का था जो विवादों से घिरा रहा।
उनके कार्यकाल मे दो रेजिडेंट डॉक्टरों ने आत्महत्या भी कर ली थी। मेडिकल कॉलेज के पीजी स्टूडेंट डॉक्टर धवल परमार की आत्महत्या मामले में डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट पर मामला भी दर्ज हुआ था।
एडिशनल डीन डॉ. ऋतंभरा महेता ने ले लिया चार्ज
सूरत मेडिकल कॉलेज की एडिशनल डीन और मानसिक विभाग की प्रोफेसर डॉ. ऋतंभरा महेता को डॉ. जयेश की जगह चार्ज लेना है। मंगलवार को उन्होंने चार्ज ले लिया और डॉ. ब्रह्मभट्ट को रिलीव करने का लेटर भी जारी कर दिया। डॉ. महेता ने बताया कि गांधीनगर से उन्हें जैसा आदेश मिला उन्होंने वैसा ही किया।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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