सिविल अस्पताल के डाॅक्टराें ने एक साल के बच्चे के गले में फंसी ढाई एमएम की बैटरी को दूरबीन से निकालकर नया जीवन दिया। उन में शनिवार को एक साल के बच्चे ने खेलते-खेलते बैटरी निगल ली थी। बैटरी उसके गले में जाकर फंस गई। परिवारवाले तुरंत बच्चे को लेकर सिविल अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टरों ने बच्चे को मंगलवार को दोबारा बुलाया है।
उन में रहने वाले अमजद कुरैशी की ढाई साल पहले शादी हुई थी। उन्हें एक साल का बेटा है। 1 वर्षीय हसन शनिवार को घर में खेल रहा था। शाम को 6.40 बजे ढाई एमएम की एक बैटरी निगल ली। बैटरी गले में फंसने के बाद उल्टी होने लगी। अमजद बेटे की हालत देखकर परेशान हो गए और उसे निजी अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में बताया कि बच्चे के गले में कुछ फंस गया है।
इसे तुरंत सिविल लेकर जाओ। इसके बाद परिजन 108 एंबुलेंस को फोन करके बच्चे को सिविल अस्पताल ले गए। ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक जांच के बाद बच्चे को ऑपरेशन के लिए ले जाया गया। डॉक्टरों ने रात 12.30 बजे दूरबीन की मदद से बच्चे के गले में फंसी बैटरी बाहर निकाली। डॉक्टरों ने बताया कि बैटरी गले में ही फंस गई थी।
बच्चे कई बार खेलते-खेलते सिक्के या अन्य छोटी चीजों को मुंह में डाल लेते हैं जो गले में जाकर फंस जाती है। समय पर सिविल अस्पताल में लाने से बच्चे की जान बच गई। डॉक्टरों ने कहा कि लोगों को छोटे बच्चों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। पिछले दिनों एक बच्ची ने छोटा सा बल्ब निगल लिया था। डॉक्टरों ने इलाज करके उसकी भी जान बचाई थी।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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