यह पहला मौका था जब अंग्रेजी नए साल के मौके पर श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के दर्शन कर करीब 12.48 लाख रुपए का प्रसाद ले गए। मंदिर समिति को इसकी उम्मीद नहीं थी। श्रद्धालुओं की प्रसाद की मांग को देखते ताबड़तोड़ प्रसाद बनवाने में कर्मचारियों को जुटाया गया। बावजूद काउंटरों पर प्रसाद खत्म हो जाने से श्रद्धालु परेशान हुए।
मंदिर से सामान्य दिनों में औसत 10 क्विंटल और रविवार, सोमवार को 15 क्विंटल प्रसाद काउंटरों से श्रद्धालुओं द्वारा तय दान राशि पर लिया जाता है। आमतौर पर इतनी मात्रा में प्रसाद का उठाव श्रावण सोमवार, शिवरात्रि, नागपंचमी जैसे पर्व पर होता है। मंदिर समिति 1 किलो प्रसाद का पैकेट 260 रुपए, 500 ग्राम प्रसाद 130 रुपए और 200 ग्राम प्रसाद पैकेट 60 रुपए दान में उपलब्ध कराती है।
ज्यादा पैकेट देने पर रोक
काउंटरों पर प्रसाद तेजी से खत्म होने पर प्रसादी प्रभारी आरपी गेहलोत ने काउंटरों से एक श्रद्धालु को ज्यादा पैकेट देने पर पाबंदी लगा दी। एक श्रद्धालु को 1 या 2 पैकेट देने को कहा गया। एक-एक श्रद्धालु 10 से 15 तक पैकेट ले रहा था, इससे काउंटरों पर जल्दी प्रसाद खत्म हो रहा था। भीड़ के चलते प्रसाद के पैकेट काउंटरों तक पहुंचाने में देरी लग रही थी। कई श्रद्धालु बिना प्रसाद लिए चले गए।
उप्र से ज्यादा श्रद्धालुओं का आगमन हुआ
मंदिर समिति के अधिकारियों के अनुसार अंग्रेजी नए साल पर पहली बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए। जल्दी दर्शन करने के लिए 250 रुपए दान की रसीद से भी समिति को 19 लाख रुपए मिले। प्रशासक नरेंद्र सूर्यवंशी के अनुसार मप्र के विभिन्न नगरों के अलावा उप्र के कानपूर, रायबरेली, लखनऊ क्षेत्र से पहली बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ।
गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी अधिक थी। शाम 5 बजे तक 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन करने का अनुमान है। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल के अनुसार श्रद्धालुओं से चर्चा से पता चला कि देश के प्रमुख मंदिरों में दर्शन बंद होने के कारण नए साल के पहले दिन श्रद्धालु महाकालेश्वर के दर्शन के लिए आए। मंदिर पर 31 दिसंबर की रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। 1 जनवरी को भस्मआरती तक श्रद्धालुओं की कतारें लग गई थी।
मंत्री, अभिनेता भी पहुंचे
नए साल में महाकालेश्वर के दर्शन के लिए मंत्री विश्वास सारंग, बिसाहूलाल सिंह, कमल पटेल भी पहुंचे। इनके अलावा फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव ने भी सपरिवार महाकालेश्वर के दर्शन किए।
वीआईपी परिवार गर्भगृह तकवीआईपी को भी गणेश मंडपम् से दर्शन कराने का दावा किया था लेकिन कई वीआईपी परिवार गर्भगृह के द्वार पर दर्शन करते दिखाई दिए।
फ्री फॉर ऑल से 1 घंटे में दर्शन हुए
श्रद्धालुओं की कतारें सुबह ही शंख द्वार से हरसिद्धि चौराहे तक पहुंच गई थी। मंदिर प्रशासन ने प्री-परमिशन की बाध्यता समाप्त कर दी। नंदीगृह के पीछे गणेश मंडपम में भी चार कतारें चलाई गईं। इससे तेजी से दर्शन हुए।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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