साल 2020 जाते-जाते एक अजीबाेगरीब सुसाइड काे अंजाम दे गया। सुसाइड करने के तरीके काे देखकर डाॅक्टर और पुलिस भी हैरत में हैं। अलथाण में साेहम सर्किल के पास कार में कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन के सिलेंडर में रेगुलेटर फिट करने के बाद ऑक्सीजन मास्क लगाकर शेयर ब्रोकर ने आत्महत्या कर ली।
कार से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है ‘नोबडी रिस्पॉन्सिबल फॉर डेथ’ यानी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। शेयर ब्रोकर के आत्महत्या करने के कारण की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक मुंबई का मूल निवासी था और कुछ साल पहले ही सूरत में शिफ्ट हुआ था। मृतक शेयर बाजार में ट्रेडिंग का कारोबार करता था। उसे 5 साल का बेटा और 7 साल की एक बेटी है।
जानकारी के अनुसार अलथाण के आशीर्वाद एन्क्लेव में रहने वाला 37 वर्षीय संदीप बजरंग डालमिया 30 दिसंबर को शाम 4 बजे गैराज में गाड़ी बनवाने की बात करके घर से निकला था। रात 9 बजे तक वापस नहीं आया तो घरवालों ने फोन किया। संदीप ने बताया कि बाहर से खाना खाकर थोड़ी देर में आएगा। देर रात तक वापस नहीं आया तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
31 दिसंबर को शाम 7.45 बजे अलथाण में सोहम सर्किल के पास संदीप कार में ही मृत मिला। संदीप ने कार का दरवाजा बंद करके पिछली सीट पर कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन के सिलेंडर में रेगुलेटर फिर के बाद ऑक्सीजन का मास्क मुंह में लगा लिया।
दोनों जहरीली गैसों से हीमोग्लोबिन ब्लॉक हो गया और ऑक्सीजन खत्म होने से मौत हो गई। संदीप के हाथ में एक कागज मिला है। जिसमें लिखा था- प्वॉइजन, कार्बन मोनोआक्साइड इनसाइड। डोंट ओपन द डोर, कॉल द पुलिस।
मृतक बॉटनी से ग्रेजुएट था
संदीप डालमिया के आत्महत्या करने के तरीके से सभी आश्चर्यचकित हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐसा करने से पहले कहीं से कोई जानकारी ली होगी। बता दें संदीप 12वीं तक केमिस्ट्री और ग्रेजुएशन में बॉटनी की पढ़ाई की थी। साइंस पढ़ने से उसे गैस की अच्छी जानकारी थी।
खटोदरा थाने के एएसआई विपिनभाई ने बताया कि तलाशी के दौरान कार से सिलेंडर या अन्य सामान खरीदने की कोई रसीद नहीं मिली है। सिलेंडर पर किसी एजेंसी का कंपनी का नाम नहीं लिखा है। आर्थिक संकट और पारिवारिक विवाद की भी कोई पुष्टि नहीं हुई है। मृतक के साले तरूण ने बताया कि घर में कोई परेशानी नहीं थी।
कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन जहर बन जाता है
डॉक्टरों ने बताया कि कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन को मिलाने पर मिथेनॉल बनता है, जो जहर का काम करता है। इसके इस्तेमाल से शरीर में वीकनेस, हैडेक, उल्टी या खून की उल्टी, अंधापन और ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। केवल 28 ग्राम (1 औंस गैस फॉर्मेट) के इस्तेमाल से ही मौत हो सकती है। कार्बन मोनोऑक्साइड खून से ऑक्सीजन को हटाकर खुद प्रवेश करता है, जिसे कार्बोक्सी हीमोग्लोबिन कहते हैं।
10 हजार रुपए का था मौत का सामान | अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृतक ने पांच लीटर हाइड्रोजन और पांच लीटर कार्बन मोनोऑक्साइड का सिलेंडर, रेगुलेटर और ऑक्सीजन मास्क कहां से खरीदकर लाया था। पूरे सामान पर करीबन 10 हजार रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि संदीप साइंस का छात्र था, इसलिए इन सामानों को जुटाने में कोई परेशानी नहीं हुई होगी।
डॉक्टर: पूरा शरीर चेरी रेड हो गया था| पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओमकार चौधरी ने बताया कि कार्बन मोनोऑक्साइड के कारण पूरा शरीर चेरी रेड हो गया था। यह तीन कंडीशनों में ही होता है। अगर शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड हो, साइनाइड जहर हो या फिर शव लंबे समय तक कोल्ड स्टोर में रखा गया हो। युवक की मौत हाइपोक्सिया के कारण हुई है। विसरा लैब में भेजा दिया गया है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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