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20 साेसायटियों ने पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाए बिना बेच दिया 581 मीट्रिक टन यूरिया

जिलेे की 20 सोसायटियों के ऑपरेटर्स ने पीओएस मशीन पर किसानों का अंगूठा लगाए बगैर 15.50 लाख रु. का यूरिया बेचकर हेराफेरी की। इसे दबाने के लिए ऑपरेटर्स ने पीओएस मशीन पर एक ही किसान से कई बार अंगूठा लगवाया। अब कृषि विभाग की टीम ने जांच कर फाइल कलेक्टर के पास पहुंचाई है। देखना है कि लाखों रु. की हेराफेरी करने वाली इन समितियों व उनके ऑपरेटर्स के खिलाफ विभाग क्या कार्रवाई करता है।
खरीफ 2019-20 के लिए अक्टूबर तक जिले में 28 हजार मीट्रिक टन यूरिया रैक के माध्यम से पहुंचना था। जिसमें से अगस्त तक 20 हजार 800 टन यूरिया का वितरण जिले की सोसायटियों व निजी विक्रेताओं को हो चुका है। कृषि मंत्रालय मप्र शासन को सूचना मिली कि प्रदेश के कुछ जिलों में यूरिया की कालाबाजारी हुई और कुछ विक्रेता व सोसायटियों द्वारा मनमाने ढंग से इसकी बिक्री की। ऐसी जानकारी जुटाने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग की एक टीम जांच में जुट गई। जब टीम ने सोसायटियों व विक्रेताओं के यहां पीओएस मशीन में दर्ज आंकड़ों की ऑनलाइन जांच की तो पता चला जिले की 20 समितियों के ऑपरेटर्स ने एक-एक सप्ताह तक पीओएस मशीन पर किसानों का अंगूठा लिए बगैर ही यूरिया बेच दिया। उनके द्वारा सात दिन बाद एक ही किसान का अंगूठा लेकर माल बेचना दर्शाया गया। विभाग की टीम 20 सोसायटियों के ऑपरेटर्स की जानकारी निकाली। जांच में ऑपरेटर्स द्वारा 581 मीट्रिक टन की हेराफेरी सामने आई है। मामले की जांच जिला सहकारी बैंक द्वारा भी की जा रही है।
जमीन कितनी, कितना खाद खरीदा, सबकी जांच होगी
सहायक संचालक कृषि एसएस मोरे ने बताया प्राथमिक जांच में 20 ऑपरेटर्स की जानकारी सामने आई है, जिन्होंने 581.400 मीट्रिक टन यूरिया बेच दिया। जांच में यह भी देखा जाएगा कि किस किसान को खाद दिया, उसकी कृषि भूमि कितनी थी, इतना क्यों और किस आधार पर बेचा गया। ऐसे ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ऑनलाइन व्यवस्था के तहत ही किसानों को मिलेगा खाद
सोसायटी व प्राइवेट दुकानों में माल आता है तो विक्रेताओं को उस खाद का विक्रय पीओएस मशीन से ही करना है। ऑनलाइन व्यवस्था के तहत किसान पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाएगा तभी उसे यूरिया मिलेगा। निजी विक्रेता व सोसायटी के ऑपरेटर पीओएस मशीनों में एक सप्ताह तक इंट्री ही नहीं करते, जबकि पीओएस मशीन में किसान की जानकारी दर्ज करने के बाद ही यूरिया बांटना चाहिए।

20 ऑपरेटर्स दोषी मिले हैं, समितियों के लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं
जांच में 20 समितियों के ऑपरेटर्स दोषी मिले हैं, जिनके द्वारा पीओएस मशीन में एक ही किसान के कई बार अंगूठे लगाकर यूरिया बेचा गया है। फाइल शासन को भेजी है, समितियों के लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं। -आरएस गुप्ता, उपसंचालक, कृषि विभाग



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20 subsidiaries sell 581 metric tons of urea without putting thumb on POS machine


Source From
RACHNA SAROVAR
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