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करजगांव के पास कच्चा मार्ग बना 25 गांवों के लोगों के लिए मुसीबत

बिरुल बाजार मार्ग पर करजगांव के पास आठ सौ मीटर कच्चा मार्ग बारिश में ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। कच्चे मार्ग पर कीचड़ और पानी जमा होने से वाहनों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। कीचड़ में वाहन फंसने लगे हैं। इसके साथ दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी हो रहे हैं। 13 साल से अधूरे पड़े मार्ग का काम अभी भी शुरू नहीं हो पाया है। जिससे इस मार्ग से आवागमन करने वाले 25 गांवों के ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों ने मार्ग का जल्द निर्माण करने की मांग की है। मार्ग का निर्माण नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
इस कारण अधूरा है मार्ग का निर्माण
मुलताई से बिरुल बाजार तक 13.8 किमी लंबे मार्ग का डामरीकरण 14 साल पहले नाबार्ड योजना के तहत स्वीकृत हुआ था। पीडब्ल्यूडी ने मुलताई से बिरुल बाजार तक आवाजाही के लिए बने मार्ग की नपाई कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। बिरुल बाजार से मुलताई की ओर आने वाले मार्ग का डामरीकरण शुरू किया था। करजगांव तक डामरीकरण सड़क बन गई। करजगांव के पास पीडब्ल्यूडी ने पुलिया का निर्माण भी किया। इस दौरान किसी ने भी आपत्ति नहीं लगाई। पुलिया बनने और इसके आगे सड़क का निर्माण कार्य शुरू होते ही किसानों ने उनकी निजी जमीन में से सड़क का निर्माण होना बताते हुए आपत्ति लगा दी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने 800 मीटर मार्ग का निर्माण छोड़कर शेष मार्ग का निर्माण कर दिया। आपत्ति लगने और प्रकरण चलने के बाद निर्माण कार्य लटक गया। अब आपत्ति का निराकरण होने के बाद विभाग ने सीमांकन कर भू अर्जन की कार्रवाई की। अर्जित जमीन के बदले किसानों को दी जाने वाली राशि विभाग के पास नहीं है। जिससे काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
मुआवजा देने के लिए 6 लाख 24 हजार रुपए की जरूरत
करजगांव के पास सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को किसानों की जमीन का अधिग्रहण करना है। जमीन के बदले किसानों को कुल मुआवजा 23 लाख 84 हजार रुपए दिया जाना है। विभाग ने 17 लाख 60 हजार रुपए भू अर्जन अधिकारी के खाते में जमा कर दिए हैं। शेष 6 लाख 24 हजार रुपए की राशि के लिए उच्च कार्यालय से डिमांड की है। मुआवजा राशि के लिए की गई डिमांड को डेढ़ साल से अधिक का समय हो चुका है। इसके बाद भी अभी तक 6 लाख 24 हजार रुपए की राशि स्वीकृत नहीं हो पाई है। पीडब्ल्यूडी एसडीओ एमके जैन ने बताया मुआवजा राशि स्वीकृत होने और किसानों के खाते में राशि जमा होने के बाद निविदा आमंत्रित कर काम शुरू किया जाएगा।

बड़े वाहनों की आवाजाही से होती है ज्यादा समस्या
बिरुल बाजार मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही लगातार होती है। बिरुल बाजार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पत्तागोभी और टमाटर की खेती होती है। पत्तागोभी और टमाटर भरकर ट्रक इस मार्ग से गुजरते हैं। इसके अलावा ससुंद्रा आरटीओ चेकपोस्ट से बचने के लिए भारी वाहन मुलताई से बिरुल बाजार मार्ग होते हुए साईंखेड़ा पर निकलते हैं। साईंखेड़ा से पंखा जोड़ आकर हाईवे पर पहुंच जाते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से बिरुल बाजार मार्ग खराब हो गया है। वहीं करजगांव के पास कच्चे मार्ग में भी भारी वाहन फंसने से आवाजाही बाधित हो जाती है।

बारिश में 25 गांवों के ग्रामीण हो रहे परेशान
बारिश में करजगांव के पास अधूरे पड़े मार्ग पर गड्‌ढे और कीचड़ हो गया है। जिससे आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से बिरुल बाजार, पिसाटा, सोनोरा, करजगांव, धाबला, इकलहरा, सेंदुरजना, छिंदखेड़ा, पौनी, दतोरा सहित 25 गांव के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। अधूरे मार्ग पर दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ग्रामीणों ने अधूरे मार्ग के निर्माण के लिए दर्जनों बार एसडीएम, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से लेकर कलेक्टर तक और जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

समय-समय पर की जाती है मरम्मत
पीडब्ल्यूडी एसडीओ एमके जैन ने बताया करजगांव के पास अधूरे मार्ग की समय-समय पर मरम्मत की जाती है। बारिश से कीचड़ और पानी जमा हो जाता है। पीडब्ल्यूडी के मजदूर सतत मार्ग को व्यवस्थित करने में जुटे हुए हैं। कच्चे मार्ग पर वाहन नहीं फंसें, इसके लिए भी हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मार्ग निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले दिए जाने वाले मुआवजे की राशि स्वीकृत होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा।



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Raw route near Karjgaon made trouble for people of 25 villages


Source From
RACHNA SAROVAR
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