इस बार का गणेशोत्सव यादगार होने जा रहा है। कोरोना काल के दौरान पहली बार इतने बड़े पैमाने पर भक्तों ने घरों, सोसाइटियों में दो फीट तक की ईको फ्रेंडली मूर्तियां ही स्थापित कीं। और मंगलवार को गणेश चतुर्दशी पर विसर्जन भी यहीं पर होगा। स्थापना से लेकर विसर्जन तक के समारोह भी सीमित हैं। विसर्जन के बाद पवित्र मिट्टी गमलों में रखी जाएंगी। यानी कि भगवान गणेश विदा होकर भी भक्तों के आसपास ही बसें रहेंगे, जैसे कि दिल में बसते हैं।
पिछले साल की तरह इस बार पीओपी की मूर्तियां लगभग नदारद हैं। अधिकतर भक्तों ने अपने-अपने घराें में बाल्टी या टब में गणपति प्रतिमा का विसर्जन करेंगे। वहीं कुछ सोसाइटियों में प्रतिमा विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब बनाया गया है। कुछ जगहों पर बड़े बर्तन या ड्रम की व्यवस्था की गई है। अलथाण स्थित आकाश इस्ट पॉइंट के सुनील मेहता ने बताया कि उनकी सोसाइटी में बड़े तपेले में फूलों से सजावट कर पानी भरा जाएगा।
उसी में मिट्टी के गणपति बप्पा का विसर्जित किया जाएगा। फिर उस मिट्टी को सोसाइटी में रखे गमलों में डाला जाएगा। कुछ भक्तों ने गत्ते के बॉक्स में प्लास्टिक बिछाकर टब का आकार दे दिया है। पर्वत पाटिया स्थित सृष्टि रेजिडेंसी के मुकेश डागा ने बताया कि उनकी सोसाइटी में सभी भक्तों ने इस बार मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की थी। इस बार अधिकतर भक्तों ने डेढ़, दाे, ढाई या पांच दिन के गणपति की प्रतिमा स्थापित की थी। वहीं कुछ भक्तों ने पूरे दस दिन के लिए प्रतिमा की स्थापना की है। इनमें से सभी भक्त अपने-अपने घराें में ही प्रतिमा का विसर्जन करेंगे।
सख्ती भी रहेगी: सभी घाट बंद, सार्वजनिक विसर्जन पर रोक, 1000 सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात
इस वर्ष कोविड-19 के चलते सार्वजनिक रूप से गणेशोत्सव पर प्रतिबंध है। घरों और सोसाइटियों में ही प्रतिमा के विसर्जन के लिए पुलिस कमिश्नर ने अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत सार्वजनिक रूप से इकट्ठा होकर मूर्ति के विसर्जन नहीं कर पाएंगे। दो फीट से ऊंची मूर्ति की स्थापना पर भी प्रतिबंध है। लोगों से अपील की गई है कि लोग बाहर विसर्जन यात्रा न निकालें।
इसके लिए तालाब सहित अन्य जगहों पर पुलिस तैनात रहेगी। इसके लिए 3 एसआरपी कंपनियों, 1000 होमगार्ड सहित स्थानीय पुलिस की सेवा ली जा रही है। जगह-जगह पोस्टर जागरूकता पोस्टर लगाए गए हैं। स्पेशल ब्रांच के एसएसपी पीएल चौधरी ने बताया कि अगर कोई सड़क मूर्ति लेकर निकलेगा तो कार्रवाई होगी।
परंपरा बन गई: अब हर गणेशोत्सव में मिट्टी की ही प्रतिमा स्थापित करने का भक्तों ने लिया संकल्प
पर्वत पाटिया स्थित अभिषेक रेजिडेंसी के संदीप धूत ने बताया कि इस बार काेराेना के कारण लाेगाें ने मिट्टी की ही गणेश प्रतिमाएं स्थापित कीं। इस बात का संतोष है कि पीअाेपी की प्रतिमा नहीं होने से गणेशजी का अनादर नहीं होगा। ज्यादातर भक्तों ने अब हर बार मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने का संकल्प लिया है। इससे एक तरफ तापी नदी प्रदूषित हाेने से बचेगी वहीं भगवान गणेश की प्रतिमा का अनादर भी नहीं हाेगा।
विसर्जन करने निकलने वालों पर केस दर्ज होगा
सार्वजनिक तौर पर या रास्तों पर मूर्ति लेकर लोगों के निकलने पर रोक है। जो लोग विसर्जन के लिए निकलेंगे उन्हें पुलिसकर्मी पकड़ कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करेंगे। बंदोबस्त में तीन एसआरपी की कंपनियां, 1000 होमगार्ड और स्थानीय पुलिस कर्मी सुबह से तैनात कर दिए जाएंग। सभी घाटों पर पुलिस बैरिकेड लगाए जाएंगे, लोगों को सूचना देने के लिए पोस्टर भी लगाए दिए गए हैं। -एसीपी पीएल चौधरी, स्पेशल ब्रांच
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Source From
RACHNA SAROVAR
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