पाल स्थित अटल आश्रम में मंगलवार की दरम्यानी रात अज्ञात चोर हथियार लेकर अंदर घुस गए और वहां रखी तीन दानपेटियां चुराकर फरार हो गए। सुबह दानपेटी न दिखाई देने पर चोरी का मामला सामने आया। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसमें तीन अज्ञात व्यक्ति दानपेटी लेकर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पाल स्थित अटल आश्रम में मंगलवार को दरम्यानी रात तापी नदी के किनारे यानी कि पिछले हिस्से से तीन अज्ञात व्यक्ति मंदिर में घुस गए। तीनों के हाथ में छूरा, चाकू जैसे हथियार थे। सुबह पुजारी मंदिर में साफ-सफाई करने गया तो दानपेटी नहीं दिखाई दी। मंदिर के महंत बटुकगिरी महाराज ने बताया कि सुबह दानपेटी चोरी होने की जानकारी मिली। इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है। अडाजण पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंचकर आगे की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की। सीसीटीवी फुटेज में तीन लोग दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
जांच: आरटीओ ऑफिस से पास टूटी मिलीं दानपेटियां
अटल आश्रम में चोरी की वारदातों को रोकने के लिए करीब 15 साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। सुरक्षा होने के बावजूद चोरी का सिलसिला नहीं थम रहा है। बुधवार को पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की जांच करने के बाद छानबीन शुरू की तो तीनों दानपेटियां आरटीओ ऑफिस के पास टूटी हुई पाई गई। अटल आश्रम में अलग-अलग तरीके से चोरी हुई है। महंत बटुकगिरी ने बताया कि सीसीटीवी में कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं तो कुछ कैमरे से छिपकर खड़े हैं। अडाजण पुलिस ने बताया कि जांच हो रही है। दो-तीन दिन में चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
8 माह पहले एम्प्लीफायर ले गए थे चोर
महंत बटुकगिरी ने बताया कि दो साल में पांच बार मंदिर में चोरी हो चुकी है। करीबन 8-9 पहले एम्प्लीफायर की चोरी हुई थी। एक साल पहले चोर एक दानपेटी उठा ले गए थे, जिसमें 10 से 12 हजार रुपए थे। पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, पर कुछ फायदा नहीं हुआ। इससे पहले भी मंदिर में चोरी हो चुकी है।
स्थिति: दो दिन पहले ही दानपेटी से 11 हजार रुपए निकाले गए थे
महंत बटुकगिरी ने बताया कि कोरोना की वजह से पिछले चार महीने से मंदिर बंद था। 15 अगस्त को मंदिर में रखे दानपेटी को खाली किया गया था। जिसमें से 11 हजार रुपए निकले थे। यानी कि दो दिन में दानपेटी में 500 से 1000 रुपए ही जमा हुए होंगे। पहले श्रद्धालु नहीं आते थे, पर सावन माह में रोजाना 40 से 50 भक्त मंदिर में भगवान का दर्शन करने आते थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment