एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने अपने अत्याधुनिक फ्रिक्शन टेस्टिंग व्हीकल से रविवार को सूरत एयरपोर्ट के रनवे पर घर्षण की जांच की। इस जांच में रनवे को फ्लाइट के लिए सुरक्षित पाया गया। एएआई एक साल में दो बार अपने हवाई अड्डों पर विमान लैंडिंग के दौरान होने वाले घर्षण की रूटीन जांच करवाता है।
हाल ही में केरल के 8 अगस्त को कोझिकोड एयरपोर्ट के रनवे पर विमान फिसल कर खाई में गिर गया था। इस हादसे में कई यात्रियों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। हादसे की जांच में पाया गया था कि बारिश के दौरान वहां समय पर फ्रिक्शन टेस्टिंग नहीं कराई गई थी। इससे सबक लेते हुए एएआई ने अपने सभी हवाई अड्डों के रनवे की फ्रिक्शन जांच कराने का फैसला लिया है।
नतीजा: ओवरऑल रनवे फ्रिक्शन वैल्यू 0.66 मिला
रविवार को सूरत पहुंचे इस अत्याधुनिक वाहन ने विभिन्न गति (50 से 450 किमी प्रति घंटा) पर विमान लैंडिंग के दौरान पैदा होने वाले घर्षण की जांच की। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि यह आधुनिक वाहन एक बड़े ट्रक से लाया गया था। उसके साथ अन्य वाहन से चार सदस्यीय तकनीकी दल भी सूरत पहुंचा।
टीम ने पाया कि 2905 मीटर रनवे के मध्य रेखा की जांच में तीन मीटर में ओवरऑल फ्रिक्शन वैल्यू 0.66 और छह मीटर में ओवरऑल फ्रिक्शन वैल्यू 0.72 पाया गया। जो एटीआर-72 समेत साथ ही 180 सीटर जैसे विमानों की लैंडिंग व उड़ान भरने के एकदम उपयुक्त है।
एक बार के टेस्ट पर 12 लाख रुपए खर्च
एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि रनवे की एक बार फ्रिक्शन जांच में लगभग 12 लाख रुपए का खर्च आता है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल 2019 जुलाई महीने में भारी बारिश के दौरान सूरत एयरपोर्ट पर भोपाल से आ रहा स्पाइस जेट का विमान फिसल गया था। यह विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल कर कीचड़ में जा फंसा था। हालांकि इससे को बड़ा हादसा नहीं हुआ था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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