सिविल और स्मीमेर अस्पताल में कोरोना के साथ अन्य बीमारियों की ओपीडी शुरू कर दी गई है, लेकिन डर से मरीज जा ही नहीं रहे हैं। अभी रोज दोनों अस्पतालों में रोज 800 से भी कम मरीज जा रहे हैं। पिछले साल अगस्त के अंतिम सप्ताह में रोज 6000 से ज्यादा की अोपीडी होती थी। सिविल और स्मीमेर अस्पताल में कोरोना का इलाज चल रहा है।
कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अन्य बीमारियों का इलाज बंद कर दिया गया था। कुछ दिन पहले ही इनमें नाॅन कोविड इमरजेंसी इलाज शुरू किया गया है। लोगों को अभी तक यह लग रहा है कि दोनों अस्पतालों में कोरोना का ही इलाज चल रहा है। हालांकि यहां के अधिकतर स्टाफ को ही नहीं मालूम कि नाॅन कोविड इमरजेंसी इलाज शुरू कर दिया गया तो मरीजों को क्या पता होगा।

हर साल इन अस्पतालों में बारिश के दिनों में रोज हजारों मरीजों की भीड़ होती थी। दोनों अस्पतालों में कुछ विभाग छोड़कर लगभग सभी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। शहर में लगातार बारिश हो रही है। सीजनल बीमारियों के मरीज भी बढ़ गए हैं। इसके बाद भी आलम यह है अस्पतालों में कोरोना को छोड़कर इक्का-दुक्का मरीज ही आ रहे हैं। पिछले साल अगस्त के अंतिम सप्ताह में सिविल और स्मीमेर में मरीजों की इतनी भीड़ होती थी कि सैकड़ों मरीजों का तो नंबर ही नहीं आ पाता था और उन्हें बिना इलाज ही लौट जाना पड़ता था।
दोनों अस्पतालों में ओपीडी शुरू कर दी गई हैं पर मरीजों को पता ही नहीं
सिविल और स्मीमेर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और कोरोना के डर से यह स्थिति बनी है। अचानक नॉन कोविड इमरजेंसी इलाज शुरू कर दिया, लेकिन अस्पताल के ज्यादातर स्टाफ को ही नहीं पता कि ओपीडी शुरू हो गई है। ऐसे में मरीजों को कैसे पता चलेगा। कोरोना के मामले बढ़ने के कारण मई में दोनों अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी गई थी।
इसके बाद से लोगों को यही लग रहा है कि दोनों सरकारी अस्पतालों में आम बीमारियों जैसे सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द, पेट की समस्या, आंख, कान, नाक, दांत आदि की समस्या के साथ सीजनल बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का भी इलाज बंद है। लोग मान रहे हैं कि सिविल और स्मीमेर अस्पताल में सिर्फ कोरोना का ही इलाज हो रहा है।
समस्या: नियमित ट्रेन बंद होने से दक्षिण गुजरात के मरीज भी नहीं आ रहे
सिविल और स्मीमेर अस्पताल के प्रबंधन का कहना है कि नियमित ट्रेन बंद होने से साउथ गुजरात के तमाम जिलों के मरीज इलाज के लिए नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा कोरोना के डर से शहर से बड़ी संख्या में लोग अपने गांव जा चुके हैं। देर से ओपीडी शुरू होने और कोरोना के डर से ज्यादातर मरीज अस्पताल नहीं आ रहे हैं। कोरोना के मामले बढ़ने पर ऑर्थो, मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी, आंख, पीडियाट्रिक, स्किन अादि की ओपीडी बंद कर दी गई थी।
एक और राहत: एक नाॅन कोविड ऑपरेशन थिएटर भी शुरू कर दिया गया है
सिविल अस्पताल में सर्जरी, ऑर्थो, ईएनटी, गायनिक और सेप्टिक के लिए दो तरह के ऑपरेशन थियेटर तैयार किए गए हैं। इनमें एक कोविड मरीजों के लिए है तो दूसरा नॉन कोविड मरीजों के लिए। सिविल अस्पताल की पुरानी बिडिंग से कोरोना के सभी मरीजों को कोरोना अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। पुरानी बिल्डिंग में सामान्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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