स्कूल और अभिभावक के बीच फीस काे लेकर तकरार जारी है। राज्य सरकार द्वारा फीस में 25 प्रतिशत कटौती करने के निर्देश के बाद स्कूल फीस कम करने को तैयार नहीं हैं। वहीं कई अभिभावक पूरी फीस भरने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में इसका खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ रहा है। शिकायत मिल रही है कि जिन बच्चों की फीस नहीं जमा हुई उन्हें ऑनलाइन एजुकेशन नहीं दिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला शहर के बड़े इंटरनेशनल स्कूल का आया है।
स्कूल की तरफ उन छात्रों को ऑनलाइन क्लास से हटा दिया गया है जिनके फीस अभी नहीं भरे गए हैं। ऑनलाइन क्लास के लिए बनाए ग्रुप से निकालने को लेकर शिक्षकों ने फोन पर कहा कि यदि फीस नहीं भरेंगे तो बच्चों की पढ़ाई रोक दी जाएगी। इसकी वजह से अब विवाद खड़ा हो गया है और अभिभावक इसके लिए शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा और जिला शिक्षा अधिकारी एच एच राजगुरु से शिकायत कर न्याय की मांग करेंगे।
शिक्षा विभाग मूक दर्शक- फीस मामले में शिक्षा विभाग पूरी तरह खामोश है
दलील- बच्चा स्कूल नहीं जा रहा, किसी सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर रहा तो पूरी फीस क्यों
कोरोनावायरस की वजह से स्कूलों में ऑनलाइन एजुकेशन दिया जा रहा है। अभिभावकों की दलील है कि न तो बच्चा स्कूल जा रहा है और न ही स्कूल की किसी सुविधा का इस्तेमाल कर रहा है तो क्या मात्र बच्चों को 1 घंटे पढ़ाने के लिए पूरी फीस भर दें। चूंकि स्कूल अपनी जिद पर अड़ा है तो हम भी उतना ही फीस देंगे जितना समय स्कूल उनके बच्चे पर दे रहा है।
अब हम भी पीछे नहीं हटेंगे। स्कूल की फीस नहीं भरेंगे, स्कूल चाहे तो बच्चों को पढ़ाए या न पढ़ाए। हालांकि अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने फीस देने से मना नहीं किया है, बल्कि हमने पूरी फीस देने से मना किया है। चूंकि वाे इतने पर मान नहीं रहे हैं इसलिए फीस नहीं जमा कर रहे हैं।
स्कूल फीस न काट लें इसलिए अभिभावकों ने अकाउंट बंद किए
शहर के एक और बड़े स्कूल ने किसी भी तरीके से फीस विवाद से बचने के लिए अभिभावकों के बैंक अकाउंट से ईसीएस करवा रखा था, जिसमें हर महीने सीधे अभिभावकों के अकाउंट से फीस के पैसे कट जाते थे। अभिभावकों ने पहले स्कूल को मना किया कि उनके अकाउंट से पैसे न काटे जाएं, लेकिन जब स्कूल प्रबंधन नहीं माना तो कई अभिभावकों ने अपने बैंक अकाउंट बंद करवा दिए। यही नहीं कई अभिभावकों ने तो अपने बैंक अकाउंट से सारे पैसे ही निकाल लिए।
हाईकाेर्ट ने राज्य सरकार व संचालक काे बीच का रास्ता निकालने काे कहा था
राज्य सरकार की तरफ से स्कूलों को कहा गया था कि सभी बच्चों की फीस में 25% कटौती की जाए, लेकिन इस आदेश को स्कूलों ने मानने से इनकार कर दिया है। इसके बाद राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में इसका निष्कर्ष निकालने के लिए अपील की है। जहां से स्कूल संचालकों के साथ बात कर बीच का रास्ता निकालने काे कहा गया है। लेकिन अभी काेई रास्ता नहीं निकाला जा सका है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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