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संक्रमिताें काे फिर भेजा खराब खाना व बटरा की दाल, महिला मरीजाें ने डस्टबिन में फेंकी थालियां

आयुर्वेद काॅलेज के काेविड हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों काे दूसरे दिन भी बटरा की दाल और खराब खाना भेजा गया। इसे देखकर मरीजाें ने हंगामा कर दिया और थालियां डस्टबिन में फेंक दी। एक दिन पहले महिला मरीजाें ने इसे लेकर ऐतराज जताया था, लेकिन साेमवार काे भी तानसेन हाेटल प्रबंधन ने खाने में सुधार नहीं किय। मरीजों ने दैनिक भास्कर काे बताया कि हमारे परिवारों में जो पांच प्रमुख दाल खाई जाती है उनमें बटरा की दाल शामिल नहीं है। गांव-देहात में तो इस दाल को पशुओं को भी नहीं खिलाया जाता है।

अस्पताल में भर्ती आरटीआई एक्टिविस्ट हिमाचली मिश्रा ने बताया कि बटरा की दाल खाने से सभी मरीजों को कब्ज और गैस की शिकायत हो रही है। इस दाल को बदलने की गुजारिश कई बार की जा चुकी है, लेकिन हाेटल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग इसे बदलने के लिए तैयार नहीं है। हिमाचली ने बताया कि दिन में सप्लाई हुए भोजन का सभी महिला मरीजों ने दूसरे दिन भी बहिष्कार किया।

थाली की रेट काे लेकर भी स्थिति साफ नहीं
काेराेना संक्रमिताें के लिए पर्यटन विभाग के हाेटल तानसेन से थाली भेजी जाती हैं। स्वास्थ्य एक थाली के एवज में 300 रुपए भुगतान देता है। जबकि भोजन की यही थाली होटल तानसेन के काउंटर पर 250 रुपए में उपलब्ध है। भास्कर रिपोर्टर ने खुद तानसेन होटल के काउंटर पर पहुंच कर सप्लाई हो रही भोजन की थाली का रेट कार्ड लिया। खास बात ये है कि सीएमएचओ विनोद कुमार गुप्ता का कहना था कि हम होटल तानसेन को 300 रुपए प्रति थाली के हिसाब से भुगतान करते हैं, जबकि होटल तानसेन के जीएम का कहना था कि 300 रुपए में हम दो वक्त की थाली दे रहे हैं।

बाजार में महज 120 रुपए में अच्छा खाना उपलब्ध
काेराेना संक्रमिताें काे खाने की जाे थाली दी जा रही है उसमें बटरा की दाल, चावल, रोटियां, एक सब्जी, अचार और सलाद दिया जाता है। इसी मेन्यु की थाली बाजार में महज 120 रुपए में उपलब्ध है। रेलवे में मिलने वाले भाेजन की थाली भी 100 रुपए तक में उपलब्ध है। इसमें दाल, चावल, रोटी या पराठा रायता, एक सब्जी के साथ पनीर की सब्जी और नॉनवेज वालों के लिए अंडे की करी तक दी जाती है।

हमारा भोजन अच्छा है, खाद्य विभाग भी जांच करता है
आयुर्वेद काॅलेज के काेविड हॉस्पिटल में भर्ती मरीज जिस दाल को बटरा की दाल बोल रहे हैं, वह तुअर की दाल है। पूरा खाना मैं अपनी निगरानी में तैयार कराता हूं। 12 अन्य सेंटरों पर भी हमारे होटल से खाना सप्लाई हो रहा है, लेकिन कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली है। सिर्फ आयुर्वेद हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को ही हमारे खाने से दिक्कत हो रही है। हमारे खाने की खाद्य विभाग भी समय-समय पर जांच करता है। -एचएस दंडोतिया, जीएम, होटल तानसेन



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आयुर्वेदिक कॉलेज के कोविड हॉस्पिटल में खराब खाना मिलने के कारण संक्रमितों ने डस्टबिन में फेंकी भोजन की थालियां।


Source From
RACHNA SAROVAR
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