नगर निगम चुनाव में चर्चित होने के लिए पूर्व पार्षद उस्मान पटेल ने जानबूझकर ताजिया निकलवाया था। वह इसका वीडियो वायरल कर समुदाय में श्रेय लूट रहा था। यह खुलासा पुलिस जांच में हुआ है।
एएसपी राजेश रघुवंशी और सीएसपी एसकेएस तोमर ने बताया कि घटना के वक्त खजराना थाने में शांति समिति की बैठक चल रही थी, जिसमें क्षेत्र के सारे ताजियों के आयोजक थे। सभी शांति व्यवस्था की बात कर रहे थे, तभी सूचना मिली कि राजीव नगर बड़ला में बच्चे ताजिया निकालने के लिए माहौल बना रहे हैं। मीटिंग में अफसर मौजूद थे, इसलिए पुलिस ने वहां के पूर्व पार्षद उस्मान पटेल को समझाने के लिए भेज दिया, क्योंकि उसकी बात लोग मानते हैं, लेकिन उस्मान ने लोगों को समझाने के बजाय पुलिस पर प्रेशर बनाना शुरू कर दिया, तभी वहां पुलिसकर्मी व टीआई पहुंचे। उस्मान ने रस्म अदायगी का बहाना बनाया। कहा- जरा सा घुमाकर निकाल देंगे। वह इतना प्रेशर बनाने लगा कि आगे के गेट खुलवा दिए, तब तक पुलिसकर्मी समझ रहे थे कि ये शांति समिति के लिए काम कर रहा है, तभी उसने अपने एक साथी को वीडियो स्टार्ट करने को कहा। जैसे ही ताजिया निकले तो वीडियो शूट करवा दिए। फिर अपने समुदाय के ग्रुप पर चलवा दिया कि वह अकेला व्यक्ति है, जिसने ताजिया निकलवाए।
समाज में पटेल की निंदा हुई
सोमवार को एडीएम से लेकर एसपी तक खजराना में डटे रहे। खजराना थाने में शाम को इस घटनाक्रम को लेकर एक बार फिर शांति समिति की बैठक हुई। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उस्मान पटेल की हरकत के निंदा की। मामले में हिंदू संगठन ने डीआईजी को ज्ञापन सौंपा है। आईजी विवेक शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए डीआईजी को पत्र लिखा है। वहीं तिलक नगर टीआई दिनेश वर्मा को खजराना थाने का प्रभार दिया गया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment