हरित रसायन अहानिकर उत्पादों में अपघटित होते हैं। पुन: उपयोगी होते हैं। इन्हें अपनाएं। पर्यावरण में बहुत से हानिकर रसायन हमारे यहां जानबुझकर छोड़े जाते हैं, जैसे पेस्टिसाइड या अनजाने में किसी निर्माण के दौरान या अपशिष्ट के रूप में। यह बात विक्रम विवि के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ. बीके मेहता ने रसायन, फार्मा रसायन और आयक्यूसी की अगुवाई में आयोजित नेशनल वेबिनार ऑन ग्रीन केमेस्ट्री एंड इनवायरनमेंट सस्टेनेबिलिटी में मुख्य वक्ता के रूप में कही।
डॉ. पिंकीवाला पंजाबी, सेवानिवृत्त प्राध्यापक रसायन मोहनलाल सुखाड़िया विवि उदयपुर ने हरित रसायन के 12 सिद्धांतों और हरित रसायन के वर्तमान और भविष्य में होने वाले विकास के बारे में बताया। वेबिनार को डॉ. फोजिया हक खान, प्राध्यापक मेनिट भोपाल, डॉ. सविता दीक्षित विभागाध्यक्ष रसायन मेनिट भोपाल ने भी संबोधित किया।
संस्था प्राचार्य डॉ. उल्का यादव ने कहा- हरित रसायन पर्यावरणीय
समस्याओं का अच्छा हल है। डॉ. अनिता मनचंदिया ने वेबिनार का विषय परक विवरण प्रस्तुत किया। डॉ. जीडी अग्रवाल ने अतिथि परिचय कराया।
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RACHNA SAROVAR
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