जिले में पीला मोजेक, तना छेदक, कीटनाशक और अब अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल चौपट हो गई। अब किसानों को इस नुकसान की भरपाई के लिए बीमा राशि के जरिए सरकार राहत देने की कवायद कर रही है। बीमा कराने से कोई किसान वंचित ना रहे।
इसके लिए रविवार को भी बैंक शाखाएं खुली रखी गई।
किसानों को सूचना देने और पंचायतों तक लाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई। रविवार को निजी व राष्ट्रीयकृत 80 बैंकों में 2985 और सहकारी बैंकों में 2800 आवेदन जमा हुए। बैंक शाखाओं में कृषि मंत्री कमल पटेल, कलेक्टर संजय गुप्ता के साथ पहुंचे। बीमा कराने की 31 अगस्त आखिरी तारीख है। एलडीएम गिरीश तिवारी ने बताया कि रविवार को भी बैंक शाखाएं खुली रही। 80 निजी व राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में 2985 फॉर्म जमा हुए है। कृषि मंत्री पटेल ने कहा कि किसान 31 अगस्त तक बीमा करा सकते हैं। सभी बैंकों को निर्देशित किया है। शासन-प्रशासन व अन्य संबंधित विभाग की टीम भी इसमें सहयोग के लिए लगी है।
व्हाट्सएप पर महिला बाल विकास और शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए
किसान बीमा से वंचित न रहे। इसके लिए शनिवार शाम को व्हाट्सएप पर महिला बाल विकास और शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए। इसमें शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर घर जाकर किसानों से संपर्क करें। उन्होंने बीमा कराया या नहीं इसकी पुष्टि करें। बीमा ना कराने वाले किसानों को जरूरी कागजात के साथ पंचायत या संबंधित अधिकारियों के पास लेकर जाएं। अलग-अलग स्तरों पर इनकी निगरानी के भी इंतजाम किए थे।
रविवार को खुले रहे बैंक
बीमा से ज्यादातर किसान वंचित है। ऐसे में दो-तीन दिन में शेष किसानों का बीमा संभव नहीं था। इसे देखते हुए रविवार को भी बैंक खुले रखने के शनिवार शाम आदेश जारी किए गए। रविवार को बैंक के नियत समय पर खुली। साथ ही सभी बैंक शाखाओं में किसानों की भीड़ लगी रही। कृषि मंत्री और कलेक्टर विभिन्न बैंक शाखाओं में पहुंचकर बैंककर्मियों से स्थिति पर चर्चा की। किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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