अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर शहर में सुबह से रात तक लोगों में हर साल की तरह उत्साह रहा। कोरोना संक्रमण के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के कारण इस बार सड़कों पर झांकियों का चल समारोह नहीं निकला। एक ही झांकी बनी ,वह भी अखंड मार्ग की मांग को लेकर। पिछले सालों की तरह महादेवगढ़ मंदिर में ही खड़ी रही। इसे देखने भी सीमित लोग ही पहुंचे।
चल समारोह की शुरुआत वाले स्थान जलेबी चौक की सड़क सूनी रही। पिछले साल 12 सितंबर 2019 को तेज बारिश की बावजूद सड़कों पर यहां सैकड़ों लोगों की भीड़ थी। 12 आकर्षक झांकियों का कारवां भी इसी सड़क से निकला था। इसमें सैकड़ों लोग जयकारे लगाते हुए ढोल-ताशों पर सुबह 5 बजे तक झूमते दिखाई दिए। हर साल की तरह इस बार भी लोगों में गणेश विसर्जन को लेकर दिनभर उत्साह रहा। इसके बावजूद लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए उत्सव घरों में ही मनाया। अधिकांश लोगों ने मिट्टी की प्रतिमाओं का घरों में ही विसर्जन किया।
घर में बच्चों ने जुलूस का आनंद लिया व प्रतिमा का किया विसर्जन
कई परिवारों में बच्चों ने विसर्जन जुलूस का घर में ही आनंद लिया। गणेशजी की छोटी झांकी सजाकर छत पर ही जुलूस की तरह उत्साह से निकालकर नृत्य किया। यहीं पर मिट्टी प्रतिमा का विसर्जन भी किया। रामगंज में भी इसी तरह का कार्यक्रम हुआ। इसमें रश्मि झंवर, नीलेश सोनी, सारिका सोनी, आदिश्री सोनी, अविका सोनी, अलिशा झंवर, आरोही झंवर, स्वाति झंवर, अनिशी झंवर ने नृत्य भी किया।
कानून व्यवस्था के लिए न पुलिस बल बुलाया न ही अफसर हुए तैनात
संवेदनशील शहरों में शामिल खंडवा में पहली बार गणेश विसर्जन चल समारोह नहीं निकला। इसे लेकर कही किसी तरह का विरोध नहीं हुआ। कोरोना संक्रमण गाइड लाइन की वजह से यह सब संभव हुआ। संभवत:यह पहला मौका है जब प्रशासनिक अफसरों को कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए बाहर से पुलिस बल बुलवाना पड़ा न ही रात में जगह-जगह अफसरों को तैनात करना पड़ा।
खंडवा के राजा : हर साल 10 घंटे लगते थे, इस बार 5 मिनट में स्थल पर विसर्जित
बड़ाबम चौक के दुर्गा मां मंदिर में छोटे स्वरूप में विराजित खंडवा के राजा की प्रतिमा का विसर्जन मंगलवार दोपहर मंदिर के बाहर ही श्रद्धालुओं ने किया। बड़े तपेले में पानी भर कर समिति सदस्यों ने इस प्रतिमा का विसर्जन किया। हर साल यहां 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाती थी। विसर्जन स्थल तक पहुंचने में करीब 10 घंटे लग जाते थे। इस बार पांच मिनट में ही प्रतिमा का विसर्जन मंदिर के बाहर ही हो गया।
संकल्प की झांकी में लोगों ने देखा राम मंदिर का मॉडल
महादेव गढ़ में अखंड मार्ग के संकल्प की झांकी में राम मंदिर का मॉडल लोगों ने देखा। मंदिर संरक्षक अशोक पालीवाल ने बताया इस झांकी में भगवान राम की आकर्षक प्रतिमा के साथ ही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के पुतले भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment