1 अक्टूबर से 10 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले व्यापारियों पर 0.1 प्रतिशत टीडीएस भरने की नई जिम्मेदारी आई है। 50 लाख से अधिक की बिक्री पर 0.1 प्रतिशत टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीडीएस) काटना होेगा। यह टीडीएस दूसरे महीने की 7 तारीख तक डिपार्टमेंट में जमा करना रहेगा।
यदि व्यापारी त्रैमासिक फॉर्म भरना भूल जाएं तो 100 प्रतिशत पेनॉल्टी, रिटर्न भरना भूल जाएं तो प्रति माह 1 प्रतिशत ब्याज और फौजदारी के तहत कार्रवाई का सामना भी करना पड़ेगा। इसके अलावा 1 अक्टूबर से हो रहे परिवर्तन को लेकर ज्लेलर्स, वाहन डीलर और बिल्डर सभी प्रभावित होंगे। इससे कारोबार प्रभावित होने की भी संभावना है।
प्रावधान को इस तरह समझें
यह नियम उन व्यापारियों पर लागू होगा जिनका वित्तीय वर्ष 2019-20 में टर्नओवर 10 करोड़ से ज्यादा है। डीलर, होलसेलल या फुटकर व्यापारी जो 50 लाख से अधिक का सामान बेचते हैं और इस लिमिट को क्रॉस करते हैं तो उस पर 0.1 टीडीएस भी वसूलना रहेगा। सीए विरेश रूदलाल ने बताया कि इस व्यवस्था से व्यापारी पर दोहरी जिम्मेदारी आ गई है। कारोबार करना और टैक्स वसूलकर डिपार्टमेंट में जमा कराना हाेगा।
डीलर्स की भी परेशानी बढ़ी
29 सितंबर के परिपत्र के मुताबिक मोटर वाहन डीलर भी इसमें शामिल हैं। 10 लाख से ऊपर के टीडीएस का नियम पहले से है ही अब 10 लाख के नीचे के मोटर वाहनों की बिक्री पर यदि 50 लाख से ज्यादा होती है तो भी टीडीएस काटना होगा।
नियम के अनुसार ही काम करना पड़ेगा
सीए बिरजू शाह ने बताया कि नई जिम्मेदारी ऐसी है कि इसे पेंडिंग नहीं रख सकते हैं। जैसा नियम आएगा उसके अनुसार ही काम करना पड़ेगा। इसलिए अब व्यापारियों को सतर्क रहने की जरूरत है,क्योंकि नियम सख्त हो गए हैं। जीएसटी के अलावा कुल कीमत पर अब से 0.75 प्रतिशत टैक्स की भी वसूली व्यापारियों को करनी है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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